5वीं पास नई पीढ़ी कर रहे बर्बाद: चंद रुपयों के लालच में युवाओं को दे रहे थे ऐसी लत, दो महिला समेत पांच अरेस्ट
पुलिस ने सीआईएसएफ कैंप के पास यूटर्न पर छापेमारी कर गांजा तस्करों को पकड़ा है। जिसमें तीन पुरुष और दो महिलाओं को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से कुल 9 किलो 900 ग्राम गांजा बरामद किया है।
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थाना इकोटेक-3 पुलिस ने गांजा तस्करी में लिप्त तीन पुरुष और दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 9 किलो 900 ग्राम गांजा और बिक्री से प्राप्त 2 लाख 90 हजार 400 रुपये नकद बरामद किए हैं। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि थाना क्षेत्र में सीआईएसएफ कैंप के पास यूटर्न पर कुछ लोग गांजा की तस्करी और बिक्री में संलिप्त हैं।
पुलिस ने घेराबंदी कर पांच लोगों को रंगे हाथों पकड़ा
सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी और पांचों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दो सगे भाई सत्यशरण, सुमित, अभिषेक, लाली पत्नी अभिषेक उर्फ दुर्गेश और कश्मीरा शामिल हैं। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास सत्यशरण के कब्जे से 2 किलो 700 ग्राम गांजा, 1 लाख 400 रुपये नकद, एक कैंची, एक स्टेपलर, तीन डिब्बी पिन और छह पॉलीथीन के छोटे पैकेट बरामद हुए।
दो किलो से ज्यादा का गांजा मिला
आरोपी सुमित के पास से 2 किलो 100 ग्राम गांजा और 1 लाख 9 हजार 700 रुपये नकद, जबकि आरोपी अभिषेक के कब्जे से 2 किलो 300 ग्राम गांजा और 80 हजार 300 रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं आरोपी लाली के पास से 700 ग्राम और कश्मीरा के पास से 2 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के पास 9.9 किलो गांजा और 2,90,400 रुपये नकद बरामद किए है।
छह साल से कर रहे थे गांजा सप्लाई का काम
सभी आरोपी पिछले लगभग छह वर्षों से गुलिस्तानपुर क्षेत्र में रहकर गांजा की तस्करी और बिक्री का नेटवर्क चला रहे थे। आरोपियों की शैक्षणिक स्थिति भी सामने आई है। जिसमें सत्यशरण ने कक्षा पांच तक, सुमित ने कक्षा आठ तक और अभिषेक ने कक्षा 10 तक शिक्षा प्राप्त की है। जबकि लाली और कश्मीरा दोनों अनपढ़ हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के स्थायी पते अलग-अलग जनपदों के हैं। लेकिन वर्तमान में सभी गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में रहकर अवैध नशे के कारोबार को अंजाम दे रहे थे। आरोपी छोटे-छोटे पैकेट बनाकर गांजा की पुड़िया तैयार करते थे और स्थानीय युवाओं को सप्लाई करते थे। बरामद स्टेपलर, पिन और पॉलीथीन से यह स्पष्ट होता है कि मौके पर ही गांजा की पैकिंग कर बिक्री की जा रही थी। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गांजा की सप्लाई कहां से की जाती थी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।