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Engineer Death Case: इंजीनियर युवराज की मौत मामले में बिल्डर अभय की कोर्ट में हुई पेशी, अगली सुनवाई 27 जनवरी

अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 21 Jan 2026 06:27 PM IST
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सार

ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में बिल्डर अभय कुमार को सीजीएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

hearing for builder Abhay Kumar in death case of engineer Yuvraj will be held on January 27
बिल्डर अभय कुमार की कोर्ट में पेशी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में बीते शुक्रवार को 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में सीजेएम कोर्ट ने आरोपी बिल्डर अभय को 27 जनवरी तक  न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अभय की एक दिन की रिमांड खत्म होने के बाद उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया था।

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कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछे सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले में लापरवाही को लेकर जमकर फटकार भी लगाई। कोर्ट ने कड़ी टिप्प्णी करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि जांच में ये भी साफ होना चाहिए कि लापरवाही किसकी है। नाली अगर टूटी है तो उसका जिम्मेदार कौन है? इतना ही नहीं बैरिकेट अगर नहीं लगा है तो उसका जिम्मेदार कौन है। ये सब जांच का हिस्सा होना चाहिए। क्योंकि जब कुछ साल से इसको लेकर शिकायत की जा रही थी तो उचित समय पर कार्यवाई क्यो नहीं की गई।

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सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे में कार सहित डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दुखद मृत्यु के मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपना काम शुरू कर दिया है। एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण का दौरा कर जांच शुरू की और अब घटनास्थल का मुआयना करने के लिए रवाना हो गई है। इस मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने एमजेड विजटाउन के मालिक बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया।

इस गंभीर मामले की जांच का नेतृत्व एडीजी जोन मेरठ भानु भास्कर करेंगे। उनके साथ मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के चीफ इंजीनियर को भी एसआईटी में शामिल किया गया है। जांच टीम को हादसे के कारणों, संबंधित विभागों की भूमिका, लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के उपायों पर विस्तृत पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। एसआईटी से पांच दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
सेक्टर-150 में भारी जलभराव के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार एक पानी से भरे गड्ढे या अंडरपास में फंस गई थी, जिसके परिणामस्वरूप कार सहित उनकी डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन, विकास प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जल निकासी व्यवस्था, सड़क निर्माण की गुणवत्ता, चेतावनी संकेतों की कमी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली जैसी व्यवस्थाओं की कार्यक्षमता भी जांच के दायरे में होगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने किया मौत का खुलासा
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए इस सड़क हादसे के बाद दलदल में डूबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, युवराज की मृत्यु का मुख्य कारण दम घुटना बताया गया है। उनके फेफड़ों में करीब साढ़े तीन लीटर पानी भरा हुआ पाया गया, जो इस बात का प्रमाण है कि वह काफी देर तक पानी में डूबे रहे।

डॉक्टरों की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि लंबे समय तक पानी में रहने के कारण युवराज के फेफड़ों में भारी मात्रा में पानी चला गया था, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई और दम घुटने की स्थिति उत्पन्न हुई। इसी दौरान, शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने के कारण हार्ट फेलियर भी हुआ, जिसे मौत का तत्काल कारण माना जा रहा है।

फेफड़ों में पानी भरा, हार्ट फेलियर भी हुआ
डॉक्टरों की रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक पानी में रहने से उनके फेफड़ों में भारी मात्रा में पानी चला गया, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई और दम घुटने की स्थिति पैदा हुई। इसी दौरान शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने से हार्ट फेलियर भी हुआ, जो मौत का तत्काल कारण बना। 

एडीजी ने कही ये बात
मेरठ जोन एडीजी भानु भास्कर ने कहा, "हमारी एसआईटी ने इसमें काम शुरू कर दिया है, शासन के निर्देश पर पांच दिन में इसकी रिपोर्ट दे देंगे। सभी लोगों से बातचीत की जाएगी और सभी से बातचीत करने के बाद ये देखना होगा कि ये किन कारणों से और परिस्थितियों में यह घटना घटी है। हम घटना की जांच कर रहे हैं जांच के बाद हम प्रशासन को अवगत कराएंगे"

ये भी पढ़ें: UP: इंजीनियर के पिता ने एसआईटी गठित करने के फैसले पर जताया संतोष, सीएम योगी से मिलने की जताई इच्छा


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