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Noida News: क्रूज में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश
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क्रूज में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अवैध कॉल सेंटर का पर्दाफाश
- सेक्टर-63 में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, चार आरोपी गिरफ्तार, 150 से अधिक लोगों से कर चुके हैं ठगी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। क्रूज में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अवैध कॉल सेंटर का कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने खुलासा किया है। सेक्टर-63 स्थित एच ब्लॉक में चल रहे इस अवैध सेंटर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कॉलिंग डेटा और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रयागराज निवासी 23 वर्षीय नितिन कुमार ,सचिन कुमार (37),अमन कुमार (21) और वीरेंद्र कुमार (20) के रूप में हुई है। पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
सेंट्रल नोएडा जोन के एडीसीपी आरके गौतम ने बताया कि पुलिस को सेक्टर-63 के एच ब्लॉक में चल रहे अवैध रिक्रूटमेंट व कॉल सेंटर के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस की टीम ने छापा मारा और सी जोन रिक्रूटमेंट एंड ट्रेनिंग नाम से चल रहे अवैध कॉल सेंटर का खुलासा किया। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में नितिन और सचिन भाई हैं। दोनों वर्तमान में गाजियाबाद के इंदिरापुरम में रह रहे हैं। अमन लोनी जबकि वीरेंद्र सेक्टर 37 में वर्तमान में रह रहा है।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी देश के कई राज्यों के लोगों को निशाना बना चुके हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर और इंटरनेट और कॉलिंग के जरिए नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा जुटाते थे। इसके बाद संपर्क कर विदेश में क्रू शिप में नौकरी दिलाने का लालच देते थे। आकर्षक वेतन और विदेश में काम करने का सपना दिखाकर उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस और अन्य खर्चों के नाम पर 40 से 60 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। पैसा मिलने के बाद आरोपी या तो फोन उठाना बंद कर देते थे या फिर नए सिरे से रकम की मांग करते थे।
ये हुई बरामदगी : 11 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, नौ ऑफिशियल लेटर, 5 मेडिकल सर्टिफिकेट, 6 कॉलिंग लिस्ट, 9 एटीएम कार्ड, दस्तावेज, 12 हजार नकद।
सोशल मीडिया पर संपर्क करते थे आरोपी : पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन डालते थे। फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देते थे। इसके बाद इच्छुक लोगों से फॉर्म भरवाते थे। बाद में देश-विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर संपर्क करते थे। बाद में फर्जी ऑफर लेटर ईमेल के माध्यम से भेजकर धोखाधड़ी करते थे।
दक्षिण व उत्तर पूर्व के लोग निशाने पर : एसीपी उमेश यादव ने बताया कि गिरोह में शामिल आरोपी शातिर तरीके से काम करते थे। एनसीआर से अधिक इन लोगों के निशाने पर दक्षिण व उत्तर पूर्व राज्यों के युवक होते थे। दूर के राज्यों के युवक ठगी होने के बाद बार-बार नोएडा पुलिस से संपर्क नहीं कर पाते थे। इसी बात का आरोपी फायदा उठाते थे। जिस बिल्डिंग में आरोपियों ने फर्जी कॉल सेंटर का सेटअप तैयार किया था,उसे 40 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से किराये पर लिया था।
पुलिस ने जारी की एडवायजरी
- नौकरी के नाम पर आने वाले किसी भी फोन कॉल या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें।
- खासकर अगर कोई कंपनी नौकरी दिलाने के नाम पर पहले पैसे मांगती है तो अतिरिक्त सावधानी बरतें।
- नौकरी के लिए हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय जॉब पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें।
- किसी व्यक्ति को इस तरह की संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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- सेक्टर-63 में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, चार आरोपी गिरफ्तार, 150 से अधिक लोगों से कर चुके हैं ठगी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। क्रूज में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अवैध कॉल सेंटर का कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने खुलासा किया है। सेक्टर-63 स्थित एच ब्लॉक में चल रहे इस अवैध सेंटर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कॉलिंग डेटा और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रयागराज निवासी 23 वर्षीय नितिन कुमार ,सचिन कुमार (37),अमन कुमार (21) और वीरेंद्र कुमार (20) के रूप में हुई है। पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
सेंट्रल नोएडा जोन के एडीसीपी आरके गौतम ने बताया कि पुलिस को सेक्टर-63 के एच ब्लॉक में चल रहे अवैध रिक्रूटमेंट व कॉल सेंटर के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस की टीम ने छापा मारा और सी जोन रिक्रूटमेंट एंड ट्रेनिंग नाम से चल रहे अवैध कॉल सेंटर का खुलासा किया। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में नितिन और सचिन भाई हैं। दोनों वर्तमान में गाजियाबाद के इंदिरापुरम में रह रहे हैं। अमन लोनी जबकि वीरेंद्र सेक्टर 37 में वर्तमान में रह रहा है।
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पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी देश के कई राज्यों के लोगों को निशाना बना चुके हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर और इंटरनेट और कॉलिंग के जरिए नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा जुटाते थे। इसके बाद संपर्क कर विदेश में क्रू शिप में नौकरी दिलाने का लालच देते थे। आकर्षक वेतन और विदेश में काम करने का सपना दिखाकर उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस और अन्य खर्चों के नाम पर 40 से 60 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। पैसा मिलने के बाद आरोपी या तो फोन उठाना बंद कर देते थे या फिर नए सिरे से रकम की मांग करते थे।
ये हुई बरामदगी : 11 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, नौ ऑफिशियल लेटर, 5 मेडिकल सर्टिफिकेट, 6 कॉलिंग लिस्ट, 9 एटीएम कार्ड, दस्तावेज, 12 हजार नकद।
सोशल मीडिया पर संपर्क करते थे आरोपी : पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापन डालते थे। फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देते थे। इसके बाद इच्छुक लोगों से फॉर्म भरवाते थे। बाद में देश-विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर संपर्क करते थे। बाद में फर्जी ऑफर लेटर ईमेल के माध्यम से भेजकर धोखाधड़ी करते थे।
दक्षिण व उत्तर पूर्व के लोग निशाने पर : एसीपी उमेश यादव ने बताया कि गिरोह में शामिल आरोपी शातिर तरीके से काम करते थे। एनसीआर से अधिक इन लोगों के निशाने पर दक्षिण व उत्तर पूर्व राज्यों के युवक होते थे। दूर के राज्यों के युवक ठगी होने के बाद बार-बार नोएडा पुलिस से संपर्क नहीं कर पाते थे। इसी बात का आरोपी फायदा उठाते थे। जिस बिल्डिंग में आरोपियों ने फर्जी कॉल सेंटर का सेटअप तैयार किया था,उसे 40 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से किराये पर लिया था।
पुलिस ने जारी की एडवायजरी
- नौकरी के नाम पर आने वाले किसी भी फोन कॉल या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें।
- खासकर अगर कोई कंपनी नौकरी दिलाने के नाम पर पहले पैसे मांगती है तो अतिरिक्त सावधानी बरतें।
- नौकरी के लिए हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय जॉब पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें।
- किसी व्यक्ति को इस तरह की संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।