UP सरकार ने लगाया था बैन: हलाल सत्यापित पेय पदार्थ की खुलेआम हो रही बिक्री, गहरी नींद में खाद्य सुरक्षा विभाग
नोएडा के शहर के सेक्टर 104, 12-22 और सेक्टर 41 समेत अन्य इलाकों में हलाल सत्यापित पदार्थों की बिक्री खुलेआम हो रही है। जबकि साल 2023 में यूपी सरकार ने इसको बैन कर दिया था।
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गौतमबुद्ध नगर जिले के खाद्य विभाग की अनदेखी के चलते सीएम योगी के आदेश की खुलेआम अवहेलना हो रही है। प्रतिबंध के बावजूद हलाल सत्यापित पेय पदार्थों की बिक्री पूरे शहर में हो रही है, लेकिन किसी को कानों कान खबर तक नहीं है।
शहर के सेक्टर 104, 12-22 और सेक्टर 41 समेत अन्य इलाकों में हलाल सत्यापित पदार्थों की बिक्री खुलेआम हो रही है। जबकि साल 2023 में यूपी सरकार ने इसको बैन कर दिया था। ऐसे में अब खाद्य सुरक्षा विभाग पर सवाल उठ रहे हैं और आम जनता के पैसे, खाद्य पदार्थों के लेकर उठने वाली चिंता भी बढ़ रही है। दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2023 में यह कहते हुए हलाल सत्यापित पदार्थों को यूपी में बैन कर दिया था, कि जब पहले से ही भारत में एफएसएसआई सत्यापन प्रक्रिया मौजूद है। उसकी जगह पर हलाल सत्यापन जरूरी नहीं है। इसके बाद से पूरे यूपी भर में हलाल सत्यापित खाद्य पदार्थों की खरीद फरोख्त पर बैन लगा दिया था।
इसके बाद खाद्य विभाग की टीम एक्शन में आई और छापेमारी भी की। शुरूआती कुछ महीने तक प्रभावी कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग भी शांत हो गया। वहीं अधिकतर लोगों ने हलाल सत्यापित खाद्य पदार्थों की खरीद फरोख्त भी समाप्त कर दी थी। उसके बाद न तो विभाग ने ऐसे बैन हो चुके उत्पादों के खिलाफ कोई अभियान चलाया, न छापेमारी की और न ही कोई ठोस कार्रवाई की। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ का साफ आदेश है कि यूपी में बैन ऐसे सत्यापित पदार्थ नहीं बिकेंगे। इस बीच सवाल उठता है कि आखिर सीएम योगी के आदेश का उल्लंघन कब तक होता रहेगा।
बैन करते वक्त सरकार ने क्या दिए थे निर्देश
बता दें, यूपी सरकार ने हलाल सत्यापित पदार्थों को लेकर 2023 में आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया कि कुछ संस्थान निजी हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर अवैध कारोबार कर रहीं थीं, जिस पर अविश्वास की स्थिति पैदा हो रही थी। ऐसे में यूपी सरकार ने हलाल सर्टिफाइड (सत्यापित) उत्पादों के निर्माण, बिक्री और भंडारण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे में यदि कोई ऐसे पदार्थों की बिक्री करता है तो उस पर औषधि और प्रसाधन सामग्री कानून के तहत सख्त कार्रवाई करने का आदेश जारी हुआ।
2023 में हुआ बैन, फिर भी बीते दो साल नहीं चला कोई चेकिंग अभियान
बता दें, यूपी सरकार ने हलाल सत्यापित पदार्थों की बिक्री पर 2023 में ही बैन लगा दिया था, लेकिन गौतमबुद्ध नगर के खाद्य विभाग ने बीते दो साल में एक भी बार ऐसे उत्पादों के खिलाफ न तो चेकिंग अभियान चलाया और न ही कोई कार्रवाई हुई है।
2 लाख तक का है जुर्माना
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई बैन किए गए हलाल सत्यापित पदार्थ की बिक्री करता है, तो ऐसी इकाइयों पर नियमों का उल्लंघन करने पर 2 लाख रूपये तक की कार्रवाई की जा सकती है।
यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर चालान की कार्रवाई की जाती है, फिलहाल मिली जानकारी के आधार पर जांच की जा रही है। -सर्वेश मिश्रा, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग, गौतमबुद्ध नगर