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Noida News: मानसून से पहले नाला नहीं साफ हुआ तो फिर डूबेगा सेक्टर-105
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- आरडब्ल्यूए ने सीईओ को लिखा पत्र, जलभराव और बिजली संकट की आशंका जताई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मानसून की दस्तक से पहले सेक्टर-105 के निवासियों की चिंता बढ़ गई है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि यदि सीएनजी पंप के सामने स्थित मुख्य नाले की तत्काल सफाई नहीं कराई गई तो इस वर्ष भी सेक्टर को जलभराव और बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्य नाला प्लास्टिक कचरे और गंदगी से बुरी तरह जाम है। इसके कारण दूषित पानी ओवरफ्लो होकर आसपास की ग्रीन बेल्ट को नुकसान पहुंचा रहा है। क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों के पनपने से डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
आरडब्ल्यूए के अनुसार, पिछले वर्ष भी नाले की सफाई न होने के कारण पानी बिजली के ट्रांसफार्मरों तक पहुंच गया था। इससे भूमिगत केबलों में शॉर्ट सर्किट हुआ और पूरे सेक्टर में करीब 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। भीषण गर्मी में लोगों को पानी और बिजली दोनों की समस्या झेलनी पड़ी थी। निवासियों ने मांग की है कि भारी मशीनों की मदद से नाले की तत्काल सफाई कराई जाए। साथ ही गंदे पानी की बैक फ्लो समस्या रोकने के लिए वन-वे गेट जैसी स्थायी तकनीकी व्यवस्था भी लागू की जाए, ताकि मानसून के दौरान सेक्टर को राहत मिल सके।
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मानसून की दस्तक से पहले सेक्टर-105 के निवासियों की चिंता बढ़ गई है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि यदि सीएनजी पंप के सामने स्थित मुख्य नाले की तत्काल सफाई नहीं कराई गई तो इस वर्ष भी सेक्टर को जलभराव और बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्य नाला प्लास्टिक कचरे और गंदगी से बुरी तरह जाम है। इसके कारण दूषित पानी ओवरफ्लो होकर आसपास की ग्रीन बेल्ट को नुकसान पहुंचा रहा है। क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों के पनपने से डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
आरडब्ल्यूए के अनुसार, पिछले वर्ष भी नाले की सफाई न होने के कारण पानी बिजली के ट्रांसफार्मरों तक पहुंच गया था। इससे भूमिगत केबलों में शॉर्ट सर्किट हुआ और पूरे सेक्टर में करीब 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। भीषण गर्मी में लोगों को पानी और बिजली दोनों की समस्या झेलनी पड़ी थी। निवासियों ने मांग की है कि भारी मशीनों की मदद से नाले की तत्काल सफाई कराई जाए। साथ ही गंदे पानी की बैक फ्लो समस्या रोकने के लिए वन-वे गेट जैसी स्थायी तकनीकी व्यवस्था भी लागू की जाए, ताकि मानसून के दौरान सेक्टर को राहत मिल सके।
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