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Noida News: धर्म परिवर्तन गिरोह के आरोपी को मिली जमानत
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। धर्म परिवर्तन के लिए कथित तौर पर प्रलोभन देने के आरोप में गिरफ्तार अभियुक्त सुरेश निनामा को अदालत ने सशर्त जमानत दे दी है। मामला थाना बीटा-2 क्षेत्र का है। शिकायत ऐच्छर गांव निवासी मनीष कुमार ने दर्ज कराई थी।आरोप था कि उसके परिवार के कुछ परिचितों ने वर्षों पहले ईसाई धर्म अपनाया था और वह दूसरों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते थे। सुरेश निनामा और सह-आरोपी चंदकिरण ने पीड़ित को ईसाई धर्म अपनाने का प्रलोभन दिया था। आरोप है कि उन्होंने धार्मिक पुस्तकें और भजनावली देने के साथ दो हजार रुपये भी दिए थे कहा था कि ईसाई धर्म अपनाने से उसकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। आरोपी लोग तांत्रिक क्रियाओं की बात करते थे और मना करने पर नुकसान पहुंचाने की धमकी देते थे।
सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि जिन धार्मिक पुस्तकों का उल्लेख किया गया है, उनका स्पष्ट नाम या विवरण नहीं है, जिससे आरोप संदेहास्पद प्रतीत होते हैं। आरोपी के पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री या धनराशि बरामद नहीं हुई। वह किसी धार्मिक संस्था से भी जुड़ा नहीं है। सह-आरोपी चंदकिरण को जमानत मिल चुकी है। अदालत ने बिना गुण-दोष पर टिप्पणी किए जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
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ग्रेटर नोएडा। धर्म परिवर्तन के लिए कथित तौर पर प्रलोभन देने के आरोप में गिरफ्तार अभियुक्त सुरेश निनामा को अदालत ने सशर्त जमानत दे दी है। मामला थाना बीटा-2 क्षेत्र का है। शिकायत ऐच्छर गांव निवासी मनीष कुमार ने दर्ज कराई थी।आरोप था कि उसके परिवार के कुछ परिचितों ने वर्षों पहले ईसाई धर्म अपनाया था और वह दूसरों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते थे। सुरेश निनामा और सह-आरोपी चंदकिरण ने पीड़ित को ईसाई धर्म अपनाने का प्रलोभन दिया था। आरोप है कि उन्होंने धार्मिक पुस्तकें और भजनावली देने के साथ दो हजार रुपये भी दिए थे कहा था कि ईसाई धर्म अपनाने से उसकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। आरोपी लोग तांत्रिक क्रियाओं की बात करते थे और मना करने पर नुकसान पहुंचाने की धमकी देते थे।
सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि जिन धार्मिक पुस्तकों का उल्लेख किया गया है, उनका स्पष्ट नाम या विवरण नहीं है, जिससे आरोप संदेहास्पद प्रतीत होते हैं। आरोपी के पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री या धनराशि बरामद नहीं हुई। वह किसी धार्मिक संस्था से भी जुड़ा नहीं है। सह-आरोपी चंदकिरण को जमानत मिल चुकी है। अदालत ने बिना गुण-दोष पर टिप्पणी किए जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
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