{"_id":"6a3a7d014865ddb1a30a1c0f","slug":"six-years-of-waiting-are-over-the-flyover-on-the-130-meter-road-opens-grnoida-news-c-23-1-lko1064-98180-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: छह साल का इंतजार खत्म, 130 मीटर रोड का फ्लाईओवर खुला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: छह साल का इंतजार खत्म, 130 मीटर रोड का फ्लाईओवर खुला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट को जोड़ता है 130 मीटर रोड, वाहन चालकों को मिली जाम से राहत
2020 में शुरू हुआ था निर्माण
02 किमी लंबा है
0 8 लेन का फ्लाईओवर
10 से अधिक डेडलाइन छूटीं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले 130 मीटर रोड पर वाहन अब फर्राटा भरने लगे हैं क्योंकि इसके फ्लाईओवर को खोल दिया गया है। हन चालकों का छह साल का इंतजार मंगलवार को खत्म हो गया। अभी वहां बने अंडरपास से वाहन निकल रहे थे जिसमें बारिश का पानी भरने व टूटी सड़कों के कारण जाम का सामना करना पड़ रहा था।
डीएफसीसी का वेस्टर्न कॉरिडोर मुंबई से ग्रेटर नोएडा के दादरी तक बना है। ग्रेटर नोएडा में पैरामाउंट गोल्फ फॉरस्टे सोसाइटी के पास कॉरिडोर 130 मीटर रोड को क्रॉस कर रहा है। यहां कॉरिडोर को जमीन पर रखा गया है, जबकि 130 मीटर रोड को ऊपर से निकालने के लिए फ्लाईओवर बनाया गया है। फ्लाईओवर बनाने के लिए डीएफसीसी ने जनवरी, 2020 में तिलपता गोलचक्कर से मकोड़ा गोलचक्कर के बीच डायवर्जन किया था।
निर्माण शुरू होने के बाद डीएफसीसी ने 10 से अधिक डेडलाइन तय की लेकिन समय से फ्लाईओवर का निर्माण पूरा नहीं हो सका। हर साल दिसंबर माह में फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने का दावा किया गया। अब छह साल बाद निर्माण पूरा हुआ है। प्राधिकरण और डीएफसीसी ने 15 जून को फ्लाईओवर खोलने की घोषणा की थी लेकिन फिनिसिंग नहीं होने के कारण ऐसा नहीं हो सका। अब 23 जून को सुबह 10 बजे डीएफसीसी ने फ्लाईओवर को आम जनता के लिए खोल दिया गया। डीएफसीसी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मदन चौहान ने बताया कि फ्लाईओवर को अब बंद नहीं किया जाएगा। दोनों तरफ वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
विज्ञापन
फ्लाईओवर करीब 2 किमी लंबा है जो शहर का दूसरा और सबसे लंबा फ्लाईओवर है। फ्लाईओवर 8 लेन का है। फ्लाईओवर पर लाइट भी लगाई गई है। साथ ही किनारों पर सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए है। ताकि वाहनों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
-- -- -- -- -- -- -- --
दोनों अंडरपास का होगा सौंदर्यीकरण
डीएफसीसी ने फ्लाईओवर से पहले अंडरपास का निर्माण कर वाहनों का आवागमन शुरू किया लेकिन अंडरपास में पानी निकासी की व्यवस्था को पुख्ता नहीं किया गया। हर बारिश में पानी भरने से लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही अब सड़क भी टूट चुकी है जो जाम का कारण बन रहा था। अब फ्लाईओवर शुरू होने के बाद डीएफसीसी अंडरपास का सौंदर्यीकरण करेगा। अफसरों ने बताया कि मानसून के बाद सड़क बनाने के साथ दीवारों को पेंट किया जाएगा। तरह-तरह की आकृति बनाकर सजाया जाएगा।
2020 में शुरू हुआ था निर्माण
02 किमी लंबा है
0 8 लेन का फ्लाईओवर
10 से अधिक डेडलाइन छूटीं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले 130 मीटर रोड पर वाहन अब फर्राटा भरने लगे हैं क्योंकि इसके फ्लाईओवर को खोल दिया गया है। हन चालकों का छह साल का इंतजार मंगलवार को खत्म हो गया। अभी वहां बने अंडरपास से वाहन निकल रहे थे जिसमें बारिश का पानी भरने व टूटी सड़कों के कारण जाम का सामना करना पड़ रहा था।
डीएफसीसी का वेस्टर्न कॉरिडोर मुंबई से ग्रेटर नोएडा के दादरी तक बना है। ग्रेटर नोएडा में पैरामाउंट गोल्फ फॉरस्टे सोसाइटी के पास कॉरिडोर 130 मीटर रोड को क्रॉस कर रहा है। यहां कॉरिडोर को जमीन पर रखा गया है, जबकि 130 मीटर रोड को ऊपर से निकालने के लिए फ्लाईओवर बनाया गया है। फ्लाईओवर बनाने के लिए डीएफसीसी ने जनवरी, 2020 में तिलपता गोलचक्कर से मकोड़ा गोलचक्कर के बीच डायवर्जन किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
निर्माण शुरू होने के बाद डीएफसीसी ने 10 से अधिक डेडलाइन तय की लेकिन समय से फ्लाईओवर का निर्माण पूरा नहीं हो सका। हर साल दिसंबर माह में फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने का दावा किया गया। अब छह साल बाद निर्माण पूरा हुआ है। प्राधिकरण और डीएफसीसी ने 15 जून को फ्लाईओवर खोलने की घोषणा की थी लेकिन फिनिसिंग नहीं होने के कारण ऐसा नहीं हो सका। अब 23 जून को सुबह 10 बजे डीएफसीसी ने फ्लाईओवर को आम जनता के लिए खोल दिया गया। डीएफसीसी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मदन चौहान ने बताया कि फ्लाईओवर को अब बंद नहीं किया जाएगा। दोनों तरफ वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
फ्लाईओवर करीब 2 किमी लंबा है जो शहर का दूसरा और सबसे लंबा फ्लाईओवर है। फ्लाईओवर 8 लेन का है। फ्लाईओवर पर लाइट भी लगाई गई है। साथ ही किनारों पर सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए है। ताकि वाहनों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
दोनों अंडरपास का होगा सौंदर्यीकरण
डीएफसीसी ने फ्लाईओवर से पहले अंडरपास का निर्माण कर वाहनों का आवागमन शुरू किया लेकिन अंडरपास में पानी निकासी की व्यवस्था को पुख्ता नहीं किया गया। हर बारिश में पानी भरने से लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही अब सड़क भी टूट चुकी है जो जाम का कारण बन रहा था। अब फ्लाईओवर शुरू होने के बाद डीएफसीसी अंडरपास का सौंदर्यीकरण करेगा। अफसरों ने बताया कि मानसून के बाद सड़क बनाने के साथ दीवारों को पेंट किया जाएगा। तरह-तरह की आकृति बनाकर सजाया जाएगा।