लावारिस गोवंश बने मौत की वजह: एक रात में तीन जिंदगियां खत्म, यहां 3 माह में हुए 10 हादसे; कब जागेगा प्रशासन?
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोड पर लावारिस गोवंश का झुंड रहता है। कई बार लोग पशुओं से टकराकर अपनी जान भी दे चुके हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने लावारिस पशुओं को सड़क से हटाने की कोई पहल नहीं की है।
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सड़कों पर घूम रहे लावारिस गोवंश चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। दनकौर में एक रात में लावारिस पशुओं की वजह से हुए अलग-अलग हादसों में बाइक सवार दंपती और कारपेंटर की मौत हो गई। हादसे के बाद निवासियों ने रोष जताया है। साथ ही इस मामले में जिम्मेदारों से कार्रवाई की मांग की है।
दनकौर-सिकंदराबाद रोड पर बिजली घर चौराहे के पास बुधवार देर रात बाइक सवार लावारिस गोवंश से टकरा गया। हादसे में उनकी मौत हो गई। उनकी पहचान बुलंदशहर निवासी अनीश (47) के रूप में हुई है। घटनास्थल से हेलमेट मिला है। हालांकि उन्होंने हेलमेट पहना था या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार के मुताबिक अनीश दनकौर कस्बे में कारपेंटर थे। हादसे वाले दिन वह देर रात काम कर बाइक से घर लौट रहे थे। चौराहे पर अचानक उनकी बाइक के सामने लावारिस पशु आ गया, जिससे टकराकर वह गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि रोड पर लावारिस गोवंश का झुंड रहता है। कई बार लोग पशुओं से टकराकर अपनी जान भी दे चुके हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने लावारिस पशुओं को सड़क से हटाने की कोई पहल नहीं की है।
वहीं दनकौर के गंग नहर पटरी मार्ग पर हुए हादसे में बाइक से जा रहे दंपती को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौत हो गई। दोनों की पहचान रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के चचूरा गांव निवासी हरिकेश (38) व पत्नी प्रियंका (32) के रूप में हुई है। दोनों ने हेलमेट पहन रखे थे। दोनों ग्रेटर नोएडा की एक निजी कंपनी से ऑफिस के बाद लौट रहे थे। हादसे ने तीन मासूम बच्चों के सिर से हमेशा के लिए माता-पिता का साया भी छीन लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के सामने अचानक एक गोवंश आ गया था। जिसके बाद चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार के कारण कार ने बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि पति-पत्नी बाइक समेत कई मीटर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी चालक कार मौके पर ही छोड़कर भाग गया। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। रबूपुरा कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर आरोपी कार चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
दनकौर में तीन माह में हुए 10 हादसे
दनकौर-सिकंदराबाद रोड पर पिछले 3 माह में लावारिस पशुओं से टकराने के करीब 10 हादसे हो चुके हैं। समाजसेवी दिनेश नागर व त्रिलोक ने बताया कि बिजली घर चौराहा, समसपुर कट व कनारसी चौराहा आदि कई स्थानों पर पशुओं का झुंड रहता है। कई बार प्राधिकरण व जिला प्रशासन से शिकायत की गई लेकिन समाधान नहीं हुआ। प्राधिकरण के अधिकारियों ने कैटल टैगिंग सिस्टम भी शुरू किया था। जिसमें पशुओं को लावारिस छोड़ने पर कार्रवाई का प्रावधान था, हालांकि इसे अभी तक भी अमल में नहीं लाया गया है।
चालकों की जिंदगी से हो रहा खिलवाड़
रबूपुरा, दनकौर, रौनीजा, सलारपुर और सेक्टर-22 समेत आसपास के क्षेत्रों में सड़कों पर खुले में घूम रहे लावारिस पशु चालकों की जिंदगी से खिलवाड़ रहे हैं। रात में सड़कों पर घूम रहे गोवंश के कारण हमेशा किसी अनजान हादसे का खतरा बना रहता है। वाहन चालकों को अंधेरे में यह पशु दिखाई नहीं देते हैं, जिससे वह हादसे का शिकार हो जाते हैं। सलारपुर निवासी उदय ने बताया कि रात के समय सड़कों पर गोवंश के जमावड़े के कारण तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक पशु आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो जाती हैं। दनकौर की ओर जाने वाले वाहन चालक सत्येंद्र नागर का कहना है कि सिकंदराबाद रोड और चौराहों पर पशुओं की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन इन्हें पकड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है।