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Noida News: चालान से बचने के लिए पहन रहे सस्ते हेलमेट
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- 150 से 200 रुपये में मिलने वाले गैर मानक हेलमेट का इस्तेमाल, हादसे के समय सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
नोएडा (संवाद)। चालान से बचने के लिए दोपहिया वाहन चालक 150 से 200 रुपये में मिलने वाले सस्ते और गैर मानक हेलमेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे सड़क हादसों के दौरान सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता बाइक टैक्सी से सफर करने वाले यात्रियों की है। कई चालक खुद बेहतर हेलमेट पहनते हैं, लेकिन पीछे बैठने वाले यात्री को हल्का और कमजोर हेलमेट थमा देते हैं। रजनीगंधा चौक, बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-62 और परी चौक जैसे व्यस्त इलाकों में बाइक टैक्सी की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में कमजोर हेलमेट हादसे के समय गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। कई यात्री मजबूरी में उपलब्ध हेलमेट पहनकर सफर करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हेलमेट खरीदते समय भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का प्रमाणन और आईएसआई चिह्न जरूर देखना चाहिए। यातायात पुलिस और बाइक टैक्सी कंपनियों को भी हेलमेट की गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए।
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नोएडा (संवाद)। चालान से बचने के लिए दोपहिया वाहन चालक 150 से 200 रुपये में मिलने वाले सस्ते और गैर मानक हेलमेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे सड़क हादसों के दौरान सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता बाइक टैक्सी से सफर करने वाले यात्रियों की है। कई चालक खुद बेहतर हेलमेट पहनते हैं, लेकिन पीछे बैठने वाले यात्री को हल्का और कमजोर हेलमेट थमा देते हैं। रजनीगंधा चौक, बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-62 और परी चौक जैसे व्यस्त इलाकों में बाइक टैक्सी की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में कमजोर हेलमेट हादसे के समय गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। कई यात्री मजबूरी में उपलब्ध हेलमेट पहनकर सफर करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हेलमेट खरीदते समय भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का प्रमाणन और आईएसआई चिह्न जरूर देखना चाहिए। यातायात पुलिस और बाइक टैक्सी कंपनियों को भी हेलमेट की गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए।