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Nuh News: एफएलएन की स्थिति जांचने स्कूलों में पहुंचीं एडीसी
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। राजकीय प्राथमिक विद्यालय सालाहेड़ी, घासेड़ा और फिरोजपुर नमक का अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने दौरा कर बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों से संवाद कर सवाल पूछे और उनके सीखने के स्तर का आकलन किया। साथ ही शिक्षकों की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और अपनाई जा रही शिक्षण विधियों का भी निरीक्षण किया।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय फिरोजपुर नमक में शिक्षकों द्वारा तैयार कम लागत वाले टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) और उसके प्रभावी उपयोग की एडीसी ने सराहना की। उन्होंने सभी स्कूलों में स्थानीय सामग्री से ऐसे टीएलएम तैयार कर बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर देने के निर्देश दिए। जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर डाॅ. कुसुम मलिक को उत्कृष्ट शिक्षकों की कोर टीम गठित करने को कहा, जो अन्य शिक्षकों को भी नवाचार के लिए प्रेरित करेगी। एडीसी ने निपुण हरियाणा मिशन की समय-सारणी लागू करने, शिक्षक संदर्शिका के अनुसार पाठ योजना बनाने और कार्यपुस्तिकाओं की नियमित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफएलएन का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों में पढ़ने, समझने, लिखने और गणितीय अवधारणाओं के व्यावहारिक ज्ञान का विकास करना है।
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नूंह। राजकीय प्राथमिक विद्यालय सालाहेड़ी, घासेड़ा और फिरोजपुर नमक का अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने दौरा कर बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों से संवाद कर सवाल पूछे और उनके सीखने के स्तर का आकलन किया। साथ ही शिक्षकों की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और अपनाई जा रही शिक्षण विधियों का भी निरीक्षण किया।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय फिरोजपुर नमक में शिक्षकों द्वारा तैयार कम लागत वाले टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) और उसके प्रभावी उपयोग की एडीसी ने सराहना की। उन्होंने सभी स्कूलों में स्थानीय सामग्री से ऐसे टीएलएम तैयार कर बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर देने के निर्देश दिए। जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर डाॅ. कुसुम मलिक को उत्कृष्ट शिक्षकों की कोर टीम गठित करने को कहा, जो अन्य शिक्षकों को भी नवाचार के लिए प्रेरित करेगी। एडीसी ने निपुण हरियाणा मिशन की समय-सारणी लागू करने, शिक्षक संदर्शिका के अनुसार पाठ योजना बनाने और कार्यपुस्तिकाओं की नियमित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफएलएन का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों में पढ़ने, समझने, लिखने और गणितीय अवधारणाओं के व्यावहारिक ज्ञान का विकास करना है।
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