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Delhi NCR News: दिल्ली में 42 दिनों में मिले 12 हजार से ज्यादा नए टीबी मरीज
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नई दिल्ली। दिल्ली में टीबी की समस्या गंभीर बनी हुई है। इस साल 24 मार्च से पांच मई तक चले विशेष स्क्रीनिंग अभियान के दौरान सिर्फ 42 दिनों में 12,078 नए टीबी मरीज सामने आए। इस अभियान में कुल 71,603 लोगों की जांच की गई। इनमें से 1,323 बच्चे और 10,755 वयस्क टीबी से पीड़ित पाए गए। मिले मरीजों में करीब 42 प्रतिशत एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी (फेफड़ों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में होने वाली टीबी) के मरीज थे।
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत इस साल एक जुलाई तक दिल्ली में 28.83 लाख लोगों की स्क्रीनिंग, 21.67 लाख छाती के एक्स-रे और 3.65 लाख मॉलिक्यूलर टेस्ट किए जा चुके हैं। मौजूदा समय तक 1.75 लाख टीबी मरीजों को नोटिफाई किया गया है। दिल्ली में टीबी के मामले लगातार तीन साल से एक लाख से ऊपर बने हुए हैं। 2023 में 1,00,523, 2024 में 1,05,343 और 2025 में 1,12,977 मामले दर्ज हुए। 2019-21 के राष्ट्रीय सर्वेक्षण में दिल्ली में टीबी की दर प्रति लाख आबादी पर 747 पाई गई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्क्रीनिंग बढ़ने से छिपे हुए मरीज भी सामने आ रहे हैं। इसे सिर्फ संक्रमण बढ़ने का संकेत नहीं माना जा सकता। दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2005 से 2024 तक टीबी से कुल 65,985 मौतें हुईं। 2024 में सबसे ज्यादा 5,093 मौतें दर्ज हुईं, जबकि 2007 में सबसे कम 2,516 थीं। 2024 में दिल्ली में हुई कुल मौतों में टीबी की हिस्सेदारी 4.86 प्रतिशत रही। सरकार ने दिल्ली के 11 जिलों के 38 उच्च जोखिम वाले वार्डों को विशेष निगरानी में लिया है। इन वार्डों में दिल्ली के 80 प्रतिशत से ज्यादा उच्च जोखिम वाले टीबी मामले आने का अनुमान है। ब्यूरो
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टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत इस साल एक जुलाई तक दिल्ली में 28.83 लाख लोगों की स्क्रीनिंग, 21.67 लाख छाती के एक्स-रे और 3.65 लाख मॉलिक्यूलर टेस्ट किए जा चुके हैं। मौजूदा समय तक 1.75 लाख टीबी मरीजों को नोटिफाई किया गया है। दिल्ली में टीबी के मामले लगातार तीन साल से एक लाख से ऊपर बने हुए हैं। 2023 में 1,00,523, 2024 में 1,05,343 और 2025 में 1,12,977 मामले दर्ज हुए। 2019-21 के राष्ट्रीय सर्वेक्षण में दिल्ली में टीबी की दर प्रति लाख आबादी पर 747 पाई गई थी।
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विशेषज्ञों का कहना है कि स्क्रीनिंग बढ़ने से छिपे हुए मरीज भी सामने आ रहे हैं। इसे सिर्फ संक्रमण बढ़ने का संकेत नहीं माना जा सकता। दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2005 से 2024 तक टीबी से कुल 65,985 मौतें हुईं। 2024 में सबसे ज्यादा 5,093 मौतें दर्ज हुईं, जबकि 2007 में सबसे कम 2,516 थीं। 2024 में दिल्ली में हुई कुल मौतों में टीबी की हिस्सेदारी 4.86 प्रतिशत रही। सरकार ने दिल्ली के 11 जिलों के 38 उच्च जोखिम वाले वार्डों को विशेष निगरानी में लिया है। इन वार्डों में दिल्ली के 80 प्रतिशत से ज्यादा उच्च जोखिम वाले टीबी मामले आने का अनुमान है। ब्यूरो
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