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Public Transport: 200 नई ई-बसों के साथ दिल्ली में 5,000 के पार हुआ परिवहन बेड़ा, करनाल के लिए भी सेवा शुरू
Thu, 20 Aug 2026 03:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 20 Aug 2026 03:39 AM IST
सार
दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई बसों को हरी झंडी दिखाई।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में बुधवार को 200 और इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गईं। इसके साथ राजधानी में संचालित ई-बसों की संख्या 5,000 के पार पहुंच गई। दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई बसों को हरी झंडी दिखाई। इसी दौरान दिल्ली-करनाल अंतरराज्यीय ई-बस सेवा, महिलाओं के लिए विशेष बस सेवाओं और राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत भी की गई।
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नई खेप में 112 नौ मीटर की देवी इलेक्ट्रिक बसें और 88 बारह मीटर की बसें शामिल हैं। सभी बसें लो-फ्लोर और वातानुकूलित हैं। नई बसों के जुड़ने से दिल्ली का कुल बस बेड़ा करीब 6,800 हो गया है। सरकार ने 2028-29 तक इसे करीब 14,000 करने और चरणबद्ध तरीके से पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली-करनाल ई-बस सेवा के तहत पांच वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। दोनों दिशाओं में रोजाना 10-10 यात्राएं होंगी। कश्मीरी गेट से करनाल तक किराया करीब 212 रुपये निर्धारित किया गया है। मार्ग में सिंघु बॉर्डर, राय, बहालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और मधुबन प्रमुख पड़ाव होंगे।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ई-बसों का विस्तार प्रदूषण कम करने के साथ दिल्लीवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को लोगों की प्राथमिक पसंद बनाना है।
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स्पेशल बसों में तैनात होंगी महिला पुलिसकर्मी
महिलाओं और छात्राओं के लिए शुरू की गई विशेष बस सेवा की 56 ट्रिप होंगी। इनमें 15 अधिक मांग वाले मार्गों पर 30 लेडीज स्पेशल और 13 मार्गों पर 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल ट्रिप शामिल हैं। बसें सुबह और शाम के व्यस्त समय में चलेंगी। इन बसों में महिला पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की तैनाती होगी। संचालन महिला स्टाफ करेगा। बसों के पैनिक बटन को दिल्ली पुलिस के 112 पीसीआर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
नेहरू प्लेस, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, आरके पुरम, कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग, कश्मीरी गेट और शिवाजी स्टेडियम जैसे प्रमुख क्षेत्रों को इन सेवाओं से जोड़ा जाएगा। यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल बसें हिंदू कॉलेज, रामजस कॉलेज, दौलतराम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, एलएसआर, गार्गी कॉलेज, एआरएसडी और हंसराज कॉलेज समेत दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रमुख संस्थानों तक छात्राओं को कनेक्टिविटी देंगी।
मालवाहक वाहन भी हो सकेंगे चार्ज
राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू किया गया है। यहां 240 किलोवाट क्षमता के चार चार्जर लगाए गए हैं। इनसे इलेक्ट्रिक बसों के अलावा भारी वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों और कारों को भी चार्ज किया जा सकेगा। स्टेशन के लिए 1600 केवीए का कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन स्थापित किया गया है।
इस साल अब तक 1,500 ई-बसें हुईं शामिल
सरकार के अनुसार, 2026 में फरवरी में 500, मार्च में 300, अप्रैल में 200, जुलाई में 300 और अगस्त में 200 इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में जोड़ी गईं। इससे इस साल अब तक 1,500 ई-बसें शामिल हो चुकी हैं।उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के साथ ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देना विकसित दिल्ली के लिए जरूरी है। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार बस बेड़े के विस्तार के साथ डीटीसी को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर भी काम कर रही है।
दो साल में 14,000 बसों का लक्ष्य
सरकार ने 2028-29 तक दिल्ली के बस बेड़े को करीब 14,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी। सरकार का जोर सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तैयार करने पर है।