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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Rs 1.64 crore swindled in 'digital arrest' scam; two arrested from Mathura

Delhi NCR News: मथुरा के ध्यानार्थ<bha>--</bha>-डिजिटल अरेस्ट में 1.64 करोड़ की ठगी, मथुरा से दो गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 09:45 PM IST
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- फर्जी स्वास्थ्य शिविर लगाकर जुटाते थे आधार-बायोमेट्रिक जानकारी, ई-सिम खरीदकर साइबर ठगों को बेचने का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई आईएफएसओ ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए 1.64 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में मथुरा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी गांवों में फर्जी स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों के आधार और बायोमेट्रिक विवरण जुटाते थे। इनका इस्तेमाल सिम कार्ड हासिल करने में किया जाता था। आरोपी सक्रिय सिम और ई-सिम के क्यूआर कोड ऑनलाइन माध्यमों से आगे बेचते थे।
दिल्ली पुलिस के उपायुक्त (आईएफएसओ) गौरव त्यागी ने बताया कि जितेंद्र सिंह (29) और बृजेश कुमार (21) को 20 और 21 अक्टूबर की दरमियानी रात मथुरा के सदर क्षेत्र के गांव कोटा से गिरफ्तार किया गया। दोनों को पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया है।
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दो सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट में रखा : पुलिस के मुताबिक, मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता श्रीनिवास की शिकायत से हुई। आरोपियों ने उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क कर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और करीब दो सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान छह अलग-अलग बैंक खातों में छह आरटीजीएस लेनदेन के माध्यम से कुल 1.64 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए। मामले में ई-एफआईआर दर्ज की गई है।
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800 से 1,200 रुपये में खरीदते थे सिम : जांच में सामने आया कि आरोपी करीब एक साल से सिम और ई-सिम हासिल करने, उन्हें सक्रिय करने और आगे बेचने के काम में लगे थे। वे प्रतिदिन 20 से 30 ई-सिम का कारोबार करते थे। एक सिम 800 से 1,200 रुपये में लेकर करीब 2,000 रुपये में बेचने की बात सामने आई है। भुगतान कथित तौर पर यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में किया जाता था।
20 से अधिक साइबर शिकायतों से जुड़े तार : पुलिस के अनुसार, आरोपियों से जुड़े सिम के तार 20 से अधिक साइबर अपराध शिकायतों से मिले हैं। एक साल में 3,000 से अधिक सिम सक्रिय किए जाने का संदेह है। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस अब विदेशी संपर्कों और अन्य साइबर ठगी में इन सिम के इस्तेमाल की जांच कर रही है।

ई-सिम मोबाइल में डिजिटल रूप से सक्रिय होता है। इसके लिए अक्सर क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जाता है। ई-सिम वैध तकनीक है, लेकिन किसी दूसरे की पहचान का दुरुपयोग कर इसे हासिल करना या साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराना ठगी का माध्यम बन सकता है।
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