फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   SC pulls up Allahabad court for delay in hearing bail pleas

Supreme Court: जमानत याचिकाओं की सुनवाई में देरी पर SC ने की इलाहाबाद कोर्ट की खिंचाई, कही बड़ी बात

Tue, 26 Jul 2022 06:27 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 26 Jul 2022 06:27 AM IST
सार

जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वह अतिरिक्त बोझ संभालने के लिए तैयार है। साथ ही कहा कि यदि हाईकोर्ट को इन मामलों को संभालना मुश्किल लग रहा है तो वह इन आवेदनों को सुप्रीम कोर्ट भेज दे।

विज्ञापन
SC pulls up Allahabad court for delay in hearing bail pleas
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

दोषी कैदियों की जमानत याचिकाओं की सुनवाई में लंबी देरी से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट को फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट से कहा कि उसे इसे लेकर कुछ हटकर सोचना चाहिए और इन मामलों के त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के लिए छुट्टियों के दिन भी काम करें।

विज्ञापन

 
जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वह अतिरिक्त बोझ संभालने के लिए तैयार है। साथ ही कहा कि यदि हाईकोर्ट को इन मामलों को संभालना मुश्किल लग रहा है तो वह इन आवेदनों को सुप्रीम कोर्ट भेज दे। पीठ ने पाया कि 853 आपराधिक अपीलें लंबित हैं। इनके याचिकाकर्ता 10 साल से अधिक जेल में गुजार चुके हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि यदि आपको इन्हें संभालना कठिन लग रहा है तो हम इस अतिरिक्त बोझ को उठा लेंगे और जमानत याचिकाओं को हमें भेज दीजिए। आपको शनिवार या रविवार को कोर्ट में बैठने जैसा कुछ अलग हटकर सोचना होगा। हम व्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ समझौता कर रहे हैं। हम यह आपको कई बार कह चुके हैं। 
विज्ञापन


पीठ ने यूपी सरकार को आदेश दिया कि 853 मामलों की सूची उनके सीरियल नंबरों के साथ उसके समक्ष पेश की जाए। साथ ही इसमें दोषी कैदी के हिरासत में बिताई गई अवधि और इन मामलों में से कितनों की जमानत का सरकार ने विरोध किया और किस आधार पर, इसकी भी जानकारी दी जाए। साथ ही पीठ ने इसके लिए सरकार को दो हफ्ते की मोहलत दी है। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के वरिष्ठ रजिस्ट्रार द्वारा 15 साल से अधिक और 10 से 14 साल के बीच बंदी लोगों के संदर्भ में दाखिल रिपोर्ट देखी। पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि 62 जमानत याचिकाएं को निपटारा अभी भी बाकी है और अगले दो-तीन हफ्ते में ये सूचीबद्ध हो सकती है। इस साल 22 अप्रैल से 17 जुलाई की अवधि के दौरान 232 नई जमानत याचिकाएं दाखिल की गई। पीठ मामले की सुनवाई 17 अगस्त को करेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed