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मिड-डे मील के लिए मिलेंगे छह रुपये, खर्च आठ रुपये का : आप
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कहा-ऐसे में बच्चों को पौष्टिक भोजन कैसे उपलब्ध कराया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक में शुक्रवार को मिड-डे मील योजना के ठेके को लेकर आम आदमी पार्टी के पार्षद प्रवीण कुमार ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एमसीडी की ओर से मिड-डे मील उपलब्ध कराने वाली एनजीओ को प्रति बच्चे के भोजन के लिए महज छह रुपये दिए जाएंगे, जबकि भोजन तैयार करने और रसोई का किराया सहित अन्य खर्च मिलाकर एनजीओ पर करीब आठ रुपये प्रति बच्चा भार आएगा। ऐसे में छह रुपये के भुगतान से आठ रुपये तक का खर्च कैसे पूरा होगा और बच्चों को पौष्टिक भोजन कैसे उपलब्ध कराया जाएगा?
प्रवीण कुमार ने कहा कि मिड-डे मील की व्यवस्था में भोजन की लागत के साथ रसोई का किराया और अन्य परिचालन खर्च भी शामिल हैं। इसके बावजूद एमसीडी की ओर से निर्धारित भुगतान वास्तविक खर्च से कम होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी कम राशि में भोजन की गुणवत्ता और पोषण संबंधी मानकों को बनाए रखना कैसे संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका आवंटित करने से पहले वास्तविक लागत और जमीनी परिस्थितियों का समुचित आकलन नहीं किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक में शुक्रवार को मिड-डे मील योजना के ठेके को लेकर आम आदमी पार्टी के पार्षद प्रवीण कुमार ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एमसीडी की ओर से मिड-डे मील उपलब्ध कराने वाली एनजीओ को प्रति बच्चे के भोजन के लिए महज छह रुपये दिए जाएंगे, जबकि भोजन तैयार करने और रसोई का किराया सहित अन्य खर्च मिलाकर एनजीओ पर करीब आठ रुपये प्रति बच्चा भार आएगा। ऐसे में छह रुपये के भुगतान से आठ रुपये तक का खर्च कैसे पूरा होगा और बच्चों को पौष्टिक भोजन कैसे उपलब्ध कराया जाएगा?
प्रवीण कुमार ने कहा कि मिड-डे मील की व्यवस्था में भोजन की लागत के साथ रसोई का किराया और अन्य परिचालन खर्च भी शामिल हैं। इसके बावजूद एमसीडी की ओर से निर्धारित भुगतान वास्तविक खर्च से कम होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी कम राशि में भोजन की गुणवत्ता और पोषण संबंधी मानकों को बनाए रखना कैसे संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका आवंटित करने से पहले वास्तविक लागत और जमीनी परिस्थितियों का समुचित आकलन नहीं किया गया।
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