{"_id":"6a63676cc250352e1008e4d7","slug":"the-jnu-students-union-termed-the-administrations-advisory-unconstitutional-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-147339-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: जेएनयू छात्र संघ ने प्रशासन की एडवाइजरी को बताया असंवैधानिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: जेएनयू छात्र संघ ने प्रशासन की एडवाइजरी को बताया असंवैधानिक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वारों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर की घेराबंदी
-छात्रों से जंतर-मंतर पर आंदोलन में शामिल होने की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने प्रदर्शन में शामिल न होने संबंधी विश्वविद्यालय प्रशासन की एडवाइजरी को असंवैधानिक बताया है। छात्र संघ के अनुसार प्रशासन छात्रों को कानूनी कार्रवाई और विश्वविद्यालय के अनुशासनात्मक नियमों का हवाला देकर डराने की कोशिश कर रहा है। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों को इससे रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। विश्वविद्यालय प्रशासन की एडवाइजरी का उद्देश्य असहमति की आवाज को दबाना है। जेएनयू छात्र संघ ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। विश्वविद्यालय के सभी प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग कर परिसर को घेर लिया गया। जबकि जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। छात्र संघ ने यह भी दावा किया है कि एक छात्र के साथ पुलिस ने कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। छात्र संघ इस आंदोलन और देश के उन युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा है जो लाठीचार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन, फायरिंग और पैलेट गन का सामना करते हुए भी मार्च कर रहे हैं। इस एडवाइजरी को पूरी तरह से खारिज करते है।
विज्ञापन
-छात्रों से जंतर-मंतर पर आंदोलन में शामिल होने की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने प्रदर्शन में शामिल न होने संबंधी विश्वविद्यालय प्रशासन की एडवाइजरी को असंवैधानिक बताया है। छात्र संघ के अनुसार प्रशासन छात्रों को कानूनी कार्रवाई और विश्वविद्यालय के अनुशासनात्मक नियमों का हवाला देकर डराने की कोशिश कर रहा है। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों को इससे रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। विश्वविद्यालय प्रशासन की एडवाइजरी का उद्देश्य असहमति की आवाज को दबाना है। जेएनयू छात्र संघ ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। विश्वविद्यालय के सभी प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग कर परिसर को घेर लिया गया। जबकि जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। छात्र संघ ने यह भी दावा किया है कि एक छात्र के साथ पुलिस ने कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। छात्र संघ इस आंदोलन और देश के उन युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा है जो लाठीचार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन, फायरिंग और पैलेट गन का सामना करते हुए भी मार्च कर रहे हैं। इस एडवाइजरी को पूरी तरह से खारिज करते है।