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Delhi NCR News: मेट्रो में हर चार में से तीन यात्री बदलते हैं लाइन, अब 15 नए इंटरचेंज देंगे राहत
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-डीएमआरसी के अध्ययन में सामने आया था कि 70-80 प्रतिशत यात्री सफर के दौरान बदलते हैं लाइन
विस्तार परियोजनाओं में इंटरचेंज बढ़ाने पर सबसे अधिक जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले हर चार में से करीब तीन यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए लाइन बदलनी पड़ती है। डीएमआरसी के अध्ययन में सामने आए इस ट्रैवल पैटर्न को देखते हुए फेज-4 और फेज-5 (ए) की विस्तार परियोजनाओं में इंटरचेंज स्टेशनों पर सबसे अधिक जोर दिया गया है। इन दोनों चरणों में 15 नए इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे, जिससे रोजाना लाखों यात्रियों का सफर अधिक आसान और तेज होने की उम्मीद है।
अभी दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं, जिनमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के इंटरचेंज भी शामिल हैं। आठ नए कॉरिडोर पूरे होने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी। इससे यात्रियों को कम दूरी तय कर लाइन बदलने का विकल्प मिलेगा और कई गंतव्यों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डीएमआरसी के एक विश्लेषण के अनुसार, अक्तूबर 2023 से मार्च 2024 के बीच दर्ज यात्राओं में पाया गया कि किसी भी मेट्रो लाइन पर प्रवेश करने वाले यात्रियों में केवल 20 से 30 प्रतिशत लोग उसी लाइन पर अपनी पूरी यात्रा पूरी करते हैं, जबकि शेष 70 से 80 प्रतिशत यात्रियों को दूसरी या तीसरी लाइन में इंटरचेंज करना पड़ता है। यही वजह है कि नई परियोजनाओं में इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। फेज-4 और फेज-5 (ए) के पूरा होने के बाद दिल्ली में ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या भी तेजी से बढ़ेगी।
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-- इन स्टेशनों पर मिलेंगी तीन-तीन मेट्रो लाइनें...
मौजूदा समय कश्मीरी गेट ही ऐसा स्टेशन है जहां तीन मेट्रो लाइनें मिलती हैं। आने वाले समय में नई दिल्ली, इंदरलोक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लाजपत नगर और आजादपुर भी तीन-तीन लाइनों के जंक्शन बन जाएंगे। इससे उत्तर, दक्षिण, मध्य और पश्चिमी दिल्ली के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। नई दिल्ली स्टेशन पर येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के साथ मैजेंटा लाइन जुड़ेगी। इंदरलोक पर रेड, ग्रीन और मैजेंटा लाइन का संगम होगा। सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर येलो, वायलेट और नई मैजेंटा लाइन का इंटरचेंज बनेगा। वहीं लाजपत नगर वायलेट, पिंक और गोल्डन लाइन तथा आजादपुर येलो, पिंक और मैजेंटा लाइन को जोड़ने वाला प्रमुख केंद्र बन जाएगा। इसके अलावा दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, चिराग दिल्ली, साकेत जी ब्लॉक, छतरपुर, तुगलकाबाद, पीरागढ़ी, मधुबन चौक, पुलबंगश, आरके आश्रम मार्ग और नबी करीम जैसे स्टेशन भी नए इंटरचेंज के रूप में विकसित होंगे। फेज-5 (ए) के तहत शिवाजी स्टेडियम और कालिंदी कुंज भी इंटरचेंज स्टेशन बन जाएंगे। वहीं दिल्ली एरोसिटी और टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट के बीच नया संपर्क एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगा।
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विस्तार परियोजनाओं में इंटरचेंज बढ़ाने पर सबसे अधिक जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले हर चार में से करीब तीन यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए लाइन बदलनी पड़ती है। डीएमआरसी के अध्ययन में सामने आए इस ट्रैवल पैटर्न को देखते हुए फेज-4 और फेज-5 (ए) की विस्तार परियोजनाओं में इंटरचेंज स्टेशनों पर सबसे अधिक जोर दिया गया है। इन दोनों चरणों में 15 नए इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे, जिससे रोजाना लाखों यात्रियों का सफर अधिक आसान और तेज होने की उम्मीद है।
अभी दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं, जिनमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के इंटरचेंज भी शामिल हैं। आठ नए कॉरिडोर पूरे होने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी। इससे यात्रियों को कम दूरी तय कर लाइन बदलने का विकल्प मिलेगा और कई गंतव्यों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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डीएमआरसी के एक विश्लेषण के अनुसार, अक्तूबर 2023 से मार्च 2024 के बीच दर्ज यात्राओं में पाया गया कि किसी भी मेट्रो लाइन पर प्रवेश करने वाले यात्रियों में केवल 20 से 30 प्रतिशत लोग उसी लाइन पर अपनी पूरी यात्रा पूरी करते हैं, जबकि शेष 70 से 80 प्रतिशत यात्रियों को दूसरी या तीसरी लाइन में इंटरचेंज करना पड़ता है। यही वजह है कि नई परियोजनाओं में इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। फेज-4 और फेज-5 (ए) के पूरा होने के बाद दिल्ली में ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या भी तेजी से बढ़ेगी।
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मौजूदा समय कश्मीरी गेट ही ऐसा स्टेशन है जहां तीन मेट्रो लाइनें मिलती हैं। आने वाले समय में नई दिल्ली, इंदरलोक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लाजपत नगर और आजादपुर भी तीन-तीन लाइनों के जंक्शन बन जाएंगे। इससे उत्तर, दक्षिण, मध्य और पश्चिमी दिल्ली के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। नई दिल्ली स्टेशन पर येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के साथ मैजेंटा लाइन जुड़ेगी। इंदरलोक पर रेड, ग्रीन और मैजेंटा लाइन का संगम होगा। सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर येलो, वायलेट और नई मैजेंटा लाइन का इंटरचेंज बनेगा। वहीं लाजपत नगर वायलेट, पिंक और गोल्डन लाइन तथा आजादपुर येलो, पिंक और मैजेंटा लाइन को जोड़ने वाला प्रमुख केंद्र बन जाएगा। इसके अलावा दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, चिराग दिल्ली, साकेत जी ब्लॉक, छतरपुर, तुगलकाबाद, पीरागढ़ी, मधुबन चौक, पुलबंगश, आरके आश्रम मार्ग और नबी करीम जैसे स्टेशन भी नए इंटरचेंज के रूप में विकसित होंगे। फेज-5 (ए) के तहत शिवाजी स्टेडियम और कालिंदी कुंज भी इंटरचेंज स्टेशन बन जाएंगे। वहीं दिल्ली एरोसिटी और टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट के बीच नया संपर्क एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगा।