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Delhi: गंगोत्री धाम विवाद पर मौलाना रशीदी बोले- मदरसे-दरगाहें सभी के लिए खुलीं, लोग आकर...क्या सिखाया जाता है

एएनआई Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 27 Jan 2026 12:11 AM IST
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सार

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने गंगोत्री धाम विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी मस्जिदें, मदरसे और दरगाहें सभी के लिए खुली हैं।

On the Gangotri Dham controversy Maulana Rashidi said Madrasas and dargahs are open to everyone  in Delhi
मौलाना साजिद रशीदी - फोटो : ani
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विस्तार
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ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने गंगोत्री धाम विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी मस्जिदें, मदरसे और दरगाहें सभी के लिए खुली हैं। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों, चाहे वे हिंदू हों, सिख हों या ईसाई, को इन धार्मिक स्थलों पर आकर यह देखने के लिए आमंत्रित किया कि वहां क्या सिखाया जाता है और वहां रहने वाले लोगों के विचार क्या हैं। मौलाना रशीदी ने इस बात पर जोर दिया कि धर्म किसी को भी किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने से नहीं रोकता।

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धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन और आपसी सम्मान का संदेश
मौलाना साजिद रशीदी ने बताया कि उन्होंने स्वयं वेद, गीता, उपनिषद, रामायण और मनुस्मृति जैसे ग्रंथों का अध्ययन किया है। उनके अनुसार, ये सभी पुस्तकें एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान सिखाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग वर्तमान में ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं, वे या तो मीडिया का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं या उनकी मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने एजेंसियों से ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखने का आग्रह किया।
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धार्मिक स्थलों की खुलापन और सद्भाव का आह्वान
मौलाना रशीदी का यह बयान गंगोत्री धाम को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है। उन्होंने अपने संबोधन में धार्मिक सहिष्णुता और सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक स्थलों को खुले दिल से सभी के लिए स्वीकार करना चाहिए ताकि गलतफहमियां दूर हो सकें और आपसी सम्मान बढ़े। उनके अनुसार, धार्मिक स्थानों की यात्रा किसी भी व्यक्ति के लिए वर्जित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह आपसी समझ को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन उन्हें प्रेम और सम्मान का पाठ पढ़ाता है, न कि किसी प्रकार की नफरत का।

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