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दो पिस्टल बरामद: हिमांशु भाऊ गैंग के नाबालिग समेत दो शूटर गिरफ्तार, रंगदारी नहीं देने पर हत्या की रची थी साजिश
Tue, 14 Jul 2026 06:09 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 14 Jul 2026 06:09 AM IST
सार
उत्तरी जिले की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि मामले में हरियाणा के जींद जिले के मनोहरपुर गांव का 26 वर्षीय प्रदीप उर्फ काली और फतेहाबाद के 17 वर्षीय किशोर को पकड़ा गया है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली पुलिस ने फरार गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गिरोह के एक नाबालिग समेत दो शूटरों को गिरफ्तार कर दिल्ली के एक कारोबारी की हत्या की साजिश नाकाम कर दी। दोनों आरोपी रंगदारी नहीं देने पर कारोबारी की हत्या करने दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से दो अर्द्ध-स्वचालित पिस्तौल और छह कारतूस बरामद किए हैं।
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उत्तरी जिले की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि मामले में हरियाणा के जींद जिले के मनोहरपुर गांव का 26 वर्षीय प्रदीप उर्फ काली और फतेहाबाद के 17 वर्षीय किशोर को पकड़ा गया है। कारोबारी को इसी वर्ष मार्च में हिमांशु भाऊ गिरोह की ओर से रंगदारी की धमकी मिली थी। इस संबंध में अमन विहार थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कारोबारी को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी।
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गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिलने पर स्पेशल स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर रोहित सारस्वत के नेतृत्व में टीम ने छह और सात जुलाई की दरम्यानी रात नेहरू विहार के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में किशोर ने बताया कि फरार गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने अपने सहयोगी मोनू के मोबाइल फोन के जरिए उससे संपर्क किया था। मोनू कई हत्या के मामलों में कथित रूप से शामिल रहने के बाद विदेश फरार हो चुका है।
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निर्देश मिलने पर आरोपी किशोर जींद पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात प्रदीप से हुई। दोनों ने एक रात वहीं बिताई। अगले दिन गिरोह के सहयोगी उन्हें कार से ले गए और रास्ते में किशोर तथा बाद में लखन माजरा टोल प्लाजा के पास प्रदीप को एक-एक पिस्तौल उपलब्ध कराई गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को दिल्ली लाकर मुकरबा चौक के पास उतारा गया, जहां से वे पैदल नेहरू विहार की ओर जा रहे थे। यहां उनकी गिरोह के अन्य सदस्यों से मुलाकात होनी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे हिमांशु भाऊ के निर्देश पर कारोबारी की हत्या करने आए थे और हथियारों की व्यवस्था गिरोह के स्थानीय सदस्यों ने की थी। पुलिस के अनुसार, स्कूल छोड़ चुके प्रदीप ने पहले बस कंडक्टर और बाद में जींद में एक शराब की दुकान पर काम किया था। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच जारी है।