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नया ट्रेंड: डिलीवरी बॉय बन पहुंचा रहे हथियार, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों की वर्दी पहन लाते थे खेप, चार गिरफ्तार
Tue, 14 Jul 2026 05:06 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, पटियाला/राजपुरा
अमर उजाला ब्यूरो, पटियाला/राजपुरा
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 14 Jul 2026 05:06 AM IST
सार
पंजाब में हथियार तस्करी का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब तस्कर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए डिलीवरी बॉय की वर्दी और ई-कॉमर्स कंपनियों के पैकेटों का सहारा ले रहे हैं।
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तस्करी का नया तरीका
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में हथियार तस्करी का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब तस्कर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए डिलीवरी बॉय की वर्दी और ई-कॉमर्स कंपनियों के पैकेटों का सहारा ले रहे हैं। पटियाला पुलिस ने ऐसे ही एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 15 पिस्तौल और 30 कारतूस बरामद किए गए हैं।
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शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों की वर्दी पहनकर बसों और ट्रेनों से हथियार पंजाब लाते थे और पुराने डिलीवरी बॉक्स में पैक कर उनकी सप्लाई करते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। एसएसपी वरुण शर्मा ने सोमवार को बताया कि सीआईए पटियाला और थाना सदर राजपुरा की संयुक्त टीम ने दिल्ली-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसंतपुरा के पास कार्रवाई कर विशाल (20), सुभाष, जिंदर उर्फ सागर उर्फ भैरों (21) और बादल कुमार (20) को गिरफ्तार किया।
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वर्दी और पैकेट बने तस्करी का नया कवर
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों की वर्दी पहनकर सार्वजनिक परिवहन से सफर करते थे। हथियारों को पुराने ई-कॉमर्स पैकेटों में पैक कर ले जाया जाता था, जिससे सामान्य पार्सल जैसा आभास होता था और जांच एजेंसियों का शक कम होता था। पुलिस का मानना है कि तस्करों का यह तरीका सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है।
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एमपी से खरीदते थे पिस्तौल
आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अदालत से रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी। गिरोह मध्य प्रदेश के इंदौर क्षेत्र में अवैध हथियार बनाने वाले नेटवर्क से कम कीमत पर पिस्तौल खरीदता था और उन्हें पंजाब में गैंगस्टरों तथा असामाजिक तत्वों को ऊंचे दाम पर बेचता था। जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले ई-कॉमर्स कंपनियों के डिलीवरी नेटवर्क में काम कर चुके हैं और उसी अनुभव का इस्तेमाल तस्करी में कर रहे थे।