CBSE: सही उत्तर लिखने पर भी नहीं मिलेंगे अंक, परीक्षा में ये एक गलती पड़ सकती है भारी! समझ लें नया सेक्शन रूल
CBSE Board Exam 2026: सीबीएसई बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने में करीब एक सप्ताह बाकी है। इस वर्ष की बोर्ड परीक्षाएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कई नए नियम और सुधार लागू किए गए हैं। डिजिटल जांच प्रणाली के कारण अब उत्तर लिखते समय छोटी सी लापरवाही भी अंकों पर असर डाल सकती है।
विस्तार
सीबीएसई बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं आज से ठीक एक सप्ताह बाद, 17 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली हैं। परीक्षा में सिर्फ उत्तर देने से ज्यादा जरूरी होता है सही तरीके से उसे प्रस्तुत करना। इस वर्ष की बोर्ड परीक्षाएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कई नए नियम और सुधार लागू किए गए हैं। ऐसे में छात्रों के लिए जरूरी है कि वे नए नियमों और बदलावों को अच्छी तरह समझ लें, ताकि परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
साइंस और सोशल साइंस विषयों में नया 'सेक्शन रूल' लागू
इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को ज्यादा सटीक और डिजिटल बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। खासतौर पर कक्षा 10 के साइंस और सोशल साइंस विषयों में नया 'सेक्शन रूल' लागू किया गया है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर छात्र सही उत्तर भी गलत सेक्शन में लिख देते हैं, तो उन्हें अंक मिलने में परेशानी हो सकती है। डिजिटल चेकिंग सिस्टम के कारण उत्तरों की जांच अब पहले से अधिक व्यवस्थित और नियमबद्ध होगी।
नया सेक्शन रूल क्या कहता है?
सीबीएसई ने साइंस और सोशल साइंस विषयों में नया 'सेक्शन रूल' लागू किया गया है। यानी छात्रों को हर प्रश्न का उत्तर संबंधित सेक्शन में ही लिखना होगा, यदि किसी दूसरे सेक्शन में लिखा तो नंबर न मिलने की संभावना रहेगी।
- मूल्यांकनकर्ता सेक्शन-वाइज जांच करेंगे।
- सही उत्तर गलत सेक्शन में लिखा गया तो अंक न मिलने का जोखिम।
- डिजिटल स्कैनिंग के दौरान गलत जगह लिखा जवाब नजरअंदाज हो सकता है।
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जवाब लिखते समय किन बातों का रखें ध्यान?
परीक्षा के दौरान लिखने के तरीके में थोड़ी सी लापरवाही भी नुकसान पहुंचा सकती है। बोर्ड ने कुछ बेसिक निर्देशों पर खास जोर दिया है:
- उत्तर शुरू करने से पहले सेक्शन का नाम स्पष्ट लिखें।
- एक ही सेक्शन के उत्तर आगे-पीछे लिख सकते हैं, लेकिन दूसरे सेक्शन में न मिलाएं।
- नया प्रश्न शुरू करते समय स्पेस और क्रम बनाए रखें।
- उत्तर पुस्तिका मिलने के बाद जल्दबाजी में लिखना शुरू न करें, पहले निर्देश पढ़ लें।

साइंस के पेपर में रखें इन बातों का ख्याल
छात्रों को विज्ञान की परीक्षा में बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स के लिए उत्तर पुस्तिका को तीन भागों में बांटना होगा। संबंधित सेक्शन का उत्तर उसी सेक्शन में लिखना होगा।

सोशल साइंस की परीक्षा में ऐसे लिखें उत्तर
सोशल साइंस की परीक्षा में इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के लिए उत्तर पुस्तिका को चार भागों में बांटना होगा। विद्यार्थियों को हर प्रश्न का उत्तर उसी सेक्शन में लिखना होगा जिस सेक्शन का वह प्रश्न है।

डिजिटल मूल्यांकन की ओर बढ़ रहा बोर्ड
बोर्ड परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट की जा रही है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए कॉपियां स्कैन होकर मूल्यांकनकर्ताओं तक पहुंचेंगी। इससे जांच प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनने की उम्मीद है, लेकिन छात्रों के लिए लिखने के तरीके में सावधानी पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है।
डिजिटल सिस्टम सेक्शन के आधार पर उत्तरों को पढ़ेगा। ऐसे में अगर जवाब निर्धारित सेक्शन के बाहर लिखा गया है, तो उसे ढूंढना या अंक देना मुश्किल हो सकता है।

री-इवैल्यूएशन में भी नहीं मिलेगी राहत
नई डिजिटल प्रक्रिया के तहत री-इवैल्यूएशन के दौरान भी गलत सेक्शन में लिखे उत्तरों पर विशेष छूट मिलने की संभावना कम है। सिस्टम उसी संरचना के आधार पर कॉपी दिखाता है, जिस क्रम में उत्तर लिखे गए होते हैं। इसलिए शुरुआत से ही सही सेक्शन में लिखना जरूरी होगा।
नई व्यवस्था का मकसद मूल्यांकन को तेज और निष्पक्ष बनाना है, लेकिन इसके साथ छात्रों को अपनी उत्तर लिखने की रणनीति भी बदलनी होगी। अब केवल सही जवाब लिखना काफी नहीं होगा, बल्कि उसे सही सेक्शन में व्यवस्थित तरीके से लिखना भी उतना ही जरूरी होगा।