CBSE CBP: छठी से आठवीं में स्किल एजुकेशन को बढ़ावा, शिक्षकों को भी मिलेगा एकदिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण
CBSE: 5 जनवरी 2026 से शिक्षकों के लिए एकदिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह प्रशिक्षण कक्षा 6 से 8 में एनसीईआरटी की कौशल बोध पुस्तकों के जरिए स्किल एजुकेशन लागू करने के लिए अनिवार्य होगा।
विस्तार
CBSE: कक्षा 6 से 8 में स्किल एजुकेशन को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड 5 जनवरी 2026 से देशभर में शिक्षकों के लिए एकदिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम (CBP) का आयोजन करेगा।
यह कार्यक्रम पूरी तरह ऑफलाइन मोड में आयोजित किया जाएगा और इसमें एनसीईआरटी की कौशल बौद्ध एक्टिविटी बुक्स (Kaushal Bodh Activity Books) के माध्यम से कौशल आधारित शिक्षा के क्रियान्वयन पर फोकस रहेगा।
सीबीएसई द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम विभिन्न जिलों और शहरों में सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स के सहयोग से आयोजित किए जाएंगे।
बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों के निदेशकों, प्राचार्यों, उप-प्राचार्यों, समन्वयकों और शिक्षकों से इसमें सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है, ताकि स्कूल स्तर पर स्किल एजुकेशन को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
मास्टर ट्रेनर भी किए जाएंगे चयनित
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले शिक्षकों में से आगे चलकर मास्टर ट्रेनर्स (MTs) का भी चयन किया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर भविष्य में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देने में अहम भूमिका निभाएंगे, जिससे स्किल एजुकेशन को व्यापक स्तर पर लागू किया जा सके।
कब और कहां होगा कार्यक्रम?
यह एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। सीबीएसई के अनुसार, यह कार्यक्रम 5 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और फरीदाबाद सहित कई राज्यों और शहरों में आयोजित होंगे।
कोई शुल्क नहीं, लेकिन ये जरूरी शर्त
बोर्ड ने साफ किया है कि इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शिक्षकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, प्रतिभागियों को टीए/डीए की सुविधा नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी शिक्षकों को एनसीईआरटी की कौशल बौद्ध पाठ्यपुस्तकें साथ लाना अनिवार्य होगा।
आधिकारिक नोटिस यहां देखें...
सीबीएसई का यह कदम नई शिक्षा नीति के तहत स्कूल स्तर पर कौशल विकास को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है, जिससे छात्रों को शुरुआती कक्षाओं से ही व्यवहारिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा मिल सके।