PPC 2026: प्रधानमंत्री 'परीक्षा पे चर्चा' में तीन करोड़ से ज्यादा पंजीकरण, MyGov पर ऑनलाइन प्रतियोगिता शुरू
Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वार्षिक कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा 2026' में तीन करोड़ से ज्यादा पंजीकरण हो चुके हैं। चयनित प्रतिभागियों के लिए MyGov पोर्टल पर 1 दिसंबर से 11 जनवरी तक बहुविकल्पीय प्रश्नों वाली ऑनलाइन प्रतियोगिता जारी है।
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PPC 2026: शिक्षा मंत्रालय (MoE) के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वार्षिक कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा' के नौवें संस्करण में हिस्सा लेने के लिए अब तक तीन करोड़ से ज्यादा पंजीकरण हो चुके हैं। प्रतिभागियों का चयन करने के लिए 1 दिसंबर से 11 जनवरी तक MyGov पोर्टल पर एक ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इस प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र, शिक्षक और अभिभावक भाग ले सकते हैं।
MoE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "प्रधानमंत्री की 'परीक्षा पे चर्चा' के लिए तीन करोड़ से अधिक पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं, जो इसी महीने के अंत में होने वाली है।"
पिछले वर्ष आयोजित 'परीक्षा पे चर्चा' का आठवां संस्करण
'परीक्षा पे चर्चा' का आठवां संस्करण पिछले वर्ष 10 फरवरी को प्रसारित किया गया था। यह संवाद राष्ट्रीय राजधानी के सुंदर नर्सरी में एक अभिनव प्रारूप में आयोजित किया गया था। इसमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 36 छात्र शामिल हुए थे, जो सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, सैनिक विद्यालयों, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और सीबीएसई स्कूलों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
इस संस्करण में खेल, अनुशासन, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, प्रौद्योगिकी, वित्त, रचनात्मकता और सकारात्मकता जैसे विषयों पर सात अलग-अलग एपिसोड भी शामिल थे, जिनमें प्रसिद्ध हस्तियों के प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए गए।
परीक्षा पे चर्चा 2025 ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
पिछले साल यानी, 2025 में परीक्षा पे चर्चा ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 245 से अधिक देशों के छात्रों, 153 देशों के शिक्षकों और 149 देशों के अभिभावकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम 2018 में पहले संस्करण में मात्र 22,000 प्रतिभागियों से बढ़कर 2025 में आठवें संस्करण में 3.56 करोड़ पंजीकरण तक पहुंच गया है।
इसके साथ ही, परीक्षा पे चर्चा 2025 से संबंधित राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन गतिविधियों में 1.55 करोड़ लोगों ने भाग लिया, जिससे कुल भागीदारी लगभग पांच करोड़ हो गई।