ICAI Data Breach: क्या आईसीएआई का डाटा लीक हो गया? संस्थान ने वायरल दावे को बताया फर्जी, जानें क्या सफाई दी
ICAI Data Breach: सोशल मीडिया पर आईसीएआई के छात्रों, सदस्यों और परीक्षा डेटा में सेंध लगने का दावा किया जा रहा था। अब संस्थान ने आधिकारिक बयान जारी कर इन सभी खबरों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। आईसीएआई ने कहा कि किसी भी तरह का डेटा लीक नहीं हुआ है।
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ICAI Data Breach Fake Claims: चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की सर्वोच्च संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डेटा लीक के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि उसके सदस्यों, छात्रों और परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड में किसी भी तरह की सेंध नहीं लगी है। सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे सभी दावे पूरी तरह झूठे, निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं।
सोशल मीडिया पर क्या दावा किया जा रहा था?
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक कथित नोटिस तेजी से वायरल हो रहा था। इसमें दावा किया गया था कि आईसीएआई के छात्रों और सदस्यों का डेटा तथा परीक्षा संबंधी जानकारी लीक हो गई है। इन दावों के कारण छात्रों, सदस्यों और अन्य हितधारकों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल बन गया था।
आईसीएआई ने क्या कहा?
आईसीएआई ने आधिकारिक नोटिस जारी कर साफ किया है कि-
- सदस्यों के रिकॉर्ड में किसी तरह की सेंध नहीं लगी है।
- छात्रों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है।
- परीक्षा से जुड़ा कोई भी डेटा लीक नहीं हुआ है।
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी पूरी तरह फर्जी है।
संस्थान ने कहा कि उसके पास डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत और विश्वसनीय व्यवस्था मौजूद है और सभी सूचनाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
छात्रों और सदस्यों को क्या सलाह दी गई?
आईसीएआई ने सभी छात्रों, सदस्यों और अन्य हितधारकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक प्रचार पर भरोसा न करें। संस्थान ने कहा है कि-
- केवल आईसीएआई की आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट दावों से सावधान रहें।
- किसी भी अपडेट के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें।
पहले भी सामने आए थे ऐसे दावे
गौरतलब है कि जून महीने में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी आईसीएआई के पोर्टल और परीक्षा प्रणाली से समझौता होने के कई अपुष्ट दावे किए गए थे। हालांकि, अब आईसीएआई ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे सभी दावे गलत हैं और संस्था का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है।