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Hindi News ›   Education ›   IIT Kanpur’s MoU with ISKCON for Student Well-Being Sparks Controversy

आईआईटी कानपुर: छात्रों की भलाई के लिए इस्कॉन से साझेदारी पर विवाद, संस्थान ने डिलीट किया पोस्ट

Tue, 01 Sep 2026 10:44 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Tue, 01 Sep 2026 10:44 AM IST
सार

आईआईटी कानपुर और इस्कॉन के बीच छात्रों की भलाई से जुड़े एक समझौते को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस MoU की जानकारी देने वाला संस्थान का सोशल मीडिया पोस्ट बाद में डिलीट कर दिया गया।

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IIT Kanpur’s MoU with ISKCON for Student Well-Being Sparks Controversy
आईआईटी कानपुर - फोटो : amar ujala

विस्तार

आईआईटी कानपुर और ISKCON के बीच छात्रों की भलाई के लिए कार्यक्रम चलाने को लेकर हुए समझौते (MoU) पर विवाद हो गया है। कुछ लोगों ने छात्रों के लिए होने वाले ऐसे कार्यक्रमों में किसी धार्मिक संगठन की भागीदारी पर सवाल उठाए। विवाद बढ़ने के बाद संस्थान ने अपनी घोषणा वाला पोस्ट हटा दिया।

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शनिवार को IIT कानपुर ने X पर एक पोस्ट के जरिए ISKCON के साथ दो साल के MoU की जानकारी दी थी। इस समझौते के तहत ISKCON को इच्छुक छात्रों के लिए शिक्षा और भलाई से जुड़े स्वैच्छिक कार्यक्रम चलाने की अनुमति दी जानी थी।

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IIT कानपुर ने सोशल मीडिया से हटाया पोस्ट

संस्थान ने कहा, "इस सहयोग के तहत, ISKCON सर्टिफाइड कोर्स की एक सीरीज पेश कर सकता है, जिसमें सेल्फ-मैनेजमेंट, वेलनेस, पर्सनल डेवलपमेंट, स्ट्रेस मैनेजमेंट और सेल्फ-एस्टीम जैसे विषय शामिल होंगे। हर कोर्स में एक-एक घंटे के आठ सेशन होंगे और इनमें शामिल होना पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा।"

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सोशल मीडिया पर इस घोषणा का काफी विरोध हुआ; छात्रों, पूर्व छात्रों और अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने इस सहयोग की आलोचना की।

सोमवार को संस्थान ने वह पोस्ट हटा दिया।

हालांकि, IIT-कानपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने इस सहयोग का बचाव करते हुए कहा कि यह समझौता छात्रों की संस्था की पहल पर किया गया था।

IIT कानपुर ने MoU पर क्या कहा?

उन्होंने कहा, "हम कैंपस में मुश्किलों का सामना कर रहे छात्रों की मदद के लिए कई प्रोग्राम चलाते हैं। अगर कोई बाहरी संगठन मदद की पेशकश करता है, तो हम उसे स्वीकार करने के लिए तैयार रहते हैं।"


सोशल मीडिया पोस्ट हटाने पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए अग्रवाल ने कहा कि समझौता जारी रहेगा।

यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब IIT दिल्ली के एक छात्र की आत्महत्या ने छात्रों की मानसिक भलाई के लिए सपोर्ट की कमी पर बहस छेड़ दी है।

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