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MP: एकलव्य स्कूल में खाने की गुणवत्ता को लेकर हंगामा, छात्रावास की दीवार फांदकर मार्च पर उतरे 300+ छात्र

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sun, 18 Jan 2026 10:53 AM IST
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सार

Eklavya school students: एकलव्य आवासीय विद्यालय 300 से अधिक छात्र भोजन की खराब गुणवत्ता से नाराज होकर कलेक्टर से मिलने के लिए छात्रावास की दीवार फांदकर मार्च पर निकल पड़े।

Madhya Pradesh: 300 Eklavya school students scale hostel wall, march to meet collector over food quality
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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Madhya Pradesh: हरदा जिले के एक सरकारी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले 300 से ज्यादा छात्रों ने खाने की गुणवत्ता और अन्य सुविधाओं को लेकर नाराज़गी जताई। शनिवार को छात्र छात्रावास की दीवार पार कर कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल निकल पड़े, जिससे इलाके में हलचल मच गई।

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उन्होंने बताया कि राहतगांव स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के छात्र सुबह की कड़ाके की ठंड का सामना करते हुए अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित कलेक्ट्रेट की ओर पैदल ही चल पड़े।
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छात्रों के लगभग आठ से नौ किलोमीटर पैदल चलने के बाद, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने सोदलपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर उनसे मुलाकात की। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने छात्रों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और उन्हें बसों से वापस स्कूल भेज दिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, भोजन की गुणवत्ता घटिया थी और स्वच्छता की स्थिति दयनीय थी।

अधिकारियों के अनुसार, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय) अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए सरकारी आवासीय विद्यालय हैं, जहां कक्षा VI से XII तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है और उनके सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

छात्रों की शिकायतों पर कलेक्टर का आश्वासन

आदिवासी छात्रों ने यह भी दावा किया कि इस संबंध में शिकायत करने पर छात्रावास के प्रधानाचार्य ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। एक छात्र ने पत्रकारों को बताया कि उनकी शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न होने के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। कलेक्टर से बातचीत के दौरान छात्रों ने प्रधानाचार्य को हटाने की मांग की।

कलेक्टर जैन ने छात्रों को आश्वासन दिया कि भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए अभिभावक समिति का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक 'संपर्क समिति' भी गठित की जाएगी, जिससे छात्र सीधे कलेक्टर या जनजातीय मामलों के विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे। पत्रकारों से बात करते हुए जैन ने बताया कि प्रधानाचार्य के खिलाफ शिकायतें सामने आई हैं।

विधायक ने रसोई और पेयजल में पाई खामियां 

उन्होंने कहा, “बच्चों की समस्याओं को देखते हुए मैं मौके पर पहुंचा। फिलहाल छात्रों को वापस लौटने के लिए मना लिया गया है। मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” स्थानीय कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने छात्रावास का दौरा किया और मीडिया को बताया कि रसोई में रखे खाद्य पदार्थों में कई खामियां पाई गईं।

उन्होंने दावा किया कि पीने के पानी की टंकी की जांच करने पर उसमें पेड़ की जड़ें मिलीं। उन्होंने इसका एक वीडियो 'पीटीआई वीडियो' के साथ साझा किया और घटना की जांच की मांग की।

राज्य के जनजातीय मामलों के विभाग के तहत, मध्य प्रदेश विशेष एवं शैक्षणिक संस्था राज्य भर में 63 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का संचालन करती है।

भारत सरकार के अधीन नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार छात्रों को सुविधाएं और सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए इन विद्यालयों को धनराशि आवंटित की जाती है।

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