NCERT: क्या 9वीं की किताब से हटाई गई संविधान की प्रस्तावना? एनसीईआरटी ने दी सफाई, जानें वायरल दावे पर क्या कहा
NCERT: एनसीईआरटी ने कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब से संविधान की प्रस्तावना हटाए जाने की खबरों को भ्रामक बताया है। एनसीईआरटी के अनुसार, नए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF) के तहत विषयों का पुनर्गठन किया गया है, न कि उन्हें हटाया गया है।
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NCERT: कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की पुस्तक से संविधान की प्रस्तावना (Preamble) हटाए जाने की खबरों के बीच राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, यानी एनसीईआरटी ने अपनी सफाई दी है। एनसीईआरटी के सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने कहा है कि इस तरह की खबरें भ्रामक हैं।
परिषद के मुताबिक, नए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF) के तहत पाठ्यक्रम का पुनर्गठन किया गया है। इसके चलते विषयों को अलग-अलग कक्षाओं में व्यवस्थित किया गया है, न कि किसी विषय को हटाया गया है।
क्या सभी एनसीईआरटी की सभी किताबों में है प्रस्तावना?
सूत्रों के अनुसार, संविधान की प्रस्तावना अब भी सभी नई एनसीईआरटी पुस्तकों के शुरुआती पन्नों में प्रकाशित है। इसमें सामाजिक विज्ञान की सभी नई किताबें भी शामिल हैं। सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावना कक्षा 10 के पाठ्यक्रम का भी हिस्सा बनी हुई है।
एनसीईआरटी की नई विज्ञान की किताब में शामिल प्रस्तावना का स्क्रीनशॉट:
पांच प्वाइंट्स में जानें मामला:
- एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया कि कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की किताब से संविधान की प्रस्तावना हटाने के दावे भ्रामक हैं।
- नए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF) के तहत केवल पाठ्यक्रम का पुनर्गठन किया गया है। विषयों को अलग-अलग कक्षाओं में बांटा गया है, हटाया नहीं गया है।
- संविधान की प्रस्तावना अब भी सभी नई एनसीईआरटी पुस्तकों, खासकर सामाजिक विज्ञान की किताबों के शुरुआती पन्नों में शामिल है।
- धर्मनिरपेक्षता, न्याय, स्वतंत्रता और समाजवाद जैसे संवैधानिक मूल्यों की पढ़ाई कक्षा 6 से 8 में कराई जा रही है, विशेष रूप से कक्षा 7 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में।
- कक्षा 10 के पाठ्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना और संवैधानिक मूल्यों को अधिक विस्तार से पढ़ाया जाएगा।
कौन-सी कक्षा से पढ़ाए जाते हैं संवैधानिक मूल्य?
एनसीईआरटी के अनुसार, धर्मनिरपेक्षता, न्याय, स्वतंत्रता और समाजवाद जैसे संवैधानिक मूल्यों का परिचय छात्रों को कक्षा 6 से 8 के दौरान ही कराया जाता है। विशेष रूप से कक्षा 7 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में इन विषयों को शामिल किया गया है। परिषद का कहना है कि इन संवैधानिक मूल्यों को कक्षा 10 में और अधिक विस्तार से पढ़ाया जाएगा।