अब बच्चे पढ़ेंगे एआई: एनसीईआरटी ने 9वीं-12वीं की किताबों के लिए पेश किया नया मॉड्यूल, जानें इसमें क्या खास
NCERT AI Module 2026: एनसीईआरटी ने कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का शुरुआती मॉड्यूल तैयार किया है। इसका मकसद विद्यार्थियों को नई तकनीक की समझ देना, उनकी सोचने और समस्याएं सुलझाने की क्षमता बढ़ाना है। इसमें एआई का सुरक्षित इस्तेमाल, डेटा की गोपनीयता, गलत जानकारी की पहचान और तकनीक से जुड़े नैतिक पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। जानें इस मॉड्यूल की खास बातें।
विस्तार
NCERT AI Module 2026: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक शुरुआती मॉड्यूल तैयार किया है। इसका मकसद स्कूली बच्चों को नई तकनीक की बुनियादी जानकारी देना है, ताकि वे समझ सकें कि एआई कैसे काम करता है और इसका इस्तेमाल कहां किया जाता है। शिक्षा मंत्रालय के तहत तैयार इस मॉड्यूल में गतिविधियों के जरिए सीखने पर जोर दिया गया है। इसे अलग-अलग तरह के स्कूलों में इस्तेमाल करने के हिसाब से तैयार किया गया है।
किन कक्षाओं के छात्र पढ़ेंगे यह मॉड्यूल?
यह मॉड्यूल कक्षा 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए बच्चों को कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआती समझ दी जाएगी। इसके लिए किसी खास विषय की पहले से जानकारी होना जरूरी नहीं बताया गया है। यानी विद्यार्थी अपनी मौजूदा पढ़ाई के साथ इन विषयों की बुनियादी बातें समझ सकते हैं। इसका उद्देश्य केवल तकनीक के बारे में जानकारी देना नहीं है, बल्कि बच्चों को तार्किक ढंग से सोचना, नए विचार लाना और मुश्किल सवालों का हल ढूंढना भी सिखाना है।
कंप्यूटेशनल थिंकिंग क्या होती है?
कंप्यूटेशनल थिंकिंग का मतलब किसी समस्या को समझकर उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना और फिर सही तरीके से उसका हल निकालना है। इसमें समस्या की पहचान करना, जरूरी जानकारी जुटाना, अलग-अलग तरीकों पर विचार करना और समाधान तक पहुंचना शामिल होता है। एनसीईआरटी के इस मॉड्यूल में विद्यार्थियों को इसी तरह सोचने और काम करने की समझ दी जाएगी। यह तरीका केवल कंप्यूटर चलाने तक सीमित नहीं है। विद्यार्थी इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी, पढ़ाई और अलग-अलग परिस्थितियों में आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए भी कर सकते हैं।
Think Smart. Create with AI. Learn Responsibly. NCERT introduces an introductory module on Computational Thinking (CT) and Artificial Intelligence (AI) for Grades 9-12, aligned with the vision of NEP-2020 Designed for beginners, the module encourages critical thinking, creativity and problem-solving through hands-on, activity-based learning with or without digital devices. It also highlights the ethical and responsible use of AI, including data privacy, fairness, digital safety and fact-checking. Empowering learners to navigate the AI-driven future with confidence, creativity and responsibility. #NCERT #ArtificialIntelligence #ComputationalThinking #NEP2020 #DigitalLearning #AIinEducation
— NCERT (@ncert) October 23, 2026
एआई की पढ़ाई में क्या-क्या सीखेंगे बच्चे?
इस मॉड्यूल के जरिए विद्यार्थी समझेंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है, यह कैसे काम करता है और इसका इस्तेमाल किन क्षेत्रों में किया जाता है। आज एआई का उपयोग जानकारी खोजने, भाषा से जुड़े काम करने, तस्वीरें बनाने और कई दूसरे कामों में किया जा रहा है। ऐसे में बच्चों के लिए इसकी खूबियों के साथ इसकी सीमाओं को समझना भी जरूरी है। मॉड्यूल में एआई के वास्तविक इस्तेमाल को समझने पर जोर दिया गया है। इससे विद्यार्थियों को यह पहचानने में मदद मिल सकती है कि तकनीक कहां उपयोगी है और कहां सावधानी बरतनी चाहिए।
गतिविधियों के जरिए कैसे होगी पढ़ाई?
एनसीईआरटी ने इस मॉड्यूल में गतिविधियों के जरिए सीखने के तरीके पर जोर दिया है। इसमें बातचीत, अभ्यास, प्रयोग और खुद अपने काम पर विचार करने जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। विद्यार्थी केवल किताब में दी गई जानकारी पढ़ने के बजाय अलग-अलग काम करके विषय को समझ सकेंगे। इस तरीके से उन्हें सवाल पूछने, अपने विचार रखने और किसी समस्या का हल खोजने का मौका मिलेगा। गतिविधियों का उद्देश्य पढ़ाई को आसान और उपयोगी बनाना है। इससे विद्यार्थी तकनीक को केवल एक विषय के रूप में नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कामों में इस्तेमाल होने वाले साधन के रूप में समझ सकेंगे।
क्या बिना कंप्यूटर के भी पढ़ सकेंगे छात्र?
इस मॉड्यूल की एक खास बात यह है कि इसकी गतिविधियां डिजिटल साधनों के साथ-साथ उनके बिना भी कराई जा सकती हैं। इससे उन स्कूलों के विद्यार्थियों को भी फायदा मिल सकता है, जहां कंप्यूटर, इंटरनेट या दूसरे डिजिटल साधनों की सुविधा सीमित है। शिक्षक चर्चा, कागज पर अभ्यास, समूह में काम और दूसरे तरीकों से भी बच्चों को विषय समझा सकते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि तकनीक सीखने का अवसर केवल उन्हीं विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, जिनके स्कूलों में आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। अलग-अलग सुविधाओं वाले स्कूल भी अपनी जरूरत के अनुसार इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
एआई का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे सिखाया जाएगा?
मॉड्यूल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना भी अहम हिस्सा है। इसमें डेटा की गोपनीयता, डिजिटल सुरक्षा, गलत जानकारी, निष्पक्षता और एआई से मिली जानकारी की जांच जैसे विषय शामिल हैं। विद्यार्थियों को समझाया जाएगा कि किसी भी जानकारी को बिना जांचे सही नहीं मानना चाहिए। एआई कई बार गलत, अधूरी या भ्रामक जानकारी भी दे सकता है। इसलिए उसके जवाबों को दूसरे भरोसेमंद स्रोतों से मिलाना जरूरी है। बच्चों को यह समझने में मदद मिलेगी कि तकनीक का इस्तेमाल करते समय अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा और सही जानकारी की पहचान करना क्यों जरूरी है।
एआई से मिली जानकारी की जांच क्यों जरूरी है?
आज एआई की मदद से कुछ ही समय में कई सवालों के जवाब मिल जाते हैं, लेकिन हर जवाब सही हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए विद्यार्थियों को एआई से मिली जानकारी पर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय उसकी जांच करना सीखना होगा। उदाहरण के लिए, किसी तथ्य, तारीख या आंकड़े को दूसरे भरोसेमंद स्रोत से मिलाकर देखा जा सकता है। मॉड्यूल में इसी तरह की सावधानी पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही इंसान की अपनी समझ, रचनात्मकता और सही-गलत का फैसला करने की क्षमता को भी जरूरी माना गया है। तकनीक मदद कर सकती है, लेकिन सोच-समझकर फैसला लेना भी जरूरी है।
नई शिक्षा नीति 2020 से क्या है संबंध?
एनसीईआरटी का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की प्राथमिकताओं से जुड़ा है। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के भीतर जरूरी कौशल विकसित करने और बदलती जरूरतों के अनुसार शिक्षा को उपयोगी बनाने पर जोर दिया गया है। आज तकनीक का इस्तेमाल पढ़ाई, कामकाज और रोजमर्रा की जिंदगी में लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कंप्यूटेशनल थिंकिंग, समस्या सुलझाने की क्षमता और एआई की बुनियादी समझ विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकती है। इस मॉड्यूल के जरिए बच्चों को तकनीक के बारे में जागरूक बनाने और उसके जिम्मेदार इस्तेमाल की समझ विकसित करने का प्रयास किया गया है।
विद्यार्थियों को इस मॉड्यूल से क्या फायदा होगा?
इस मॉड्यूल से विद्यार्थियों को नई तकनीक की बुनियादी जानकारी मिलने के साथ सोचने, सवाल पूछने, समस्याओं को समझने और उनके हल खोजने का अभ्यास करने का मौका मिलेगा। वे एआई की उपयोगिता और उसकी सीमाओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। साथ ही, गलत जानकारी पहचानने, निजी डेटा की सुरक्षा करने और तकनीक का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की समझ भी विकसित कर सकेंगे। आने वाले समय में एआई से जुड़ी जानकारी कई क्षेत्रों में उपयोगी हो सकती है। हालांकि, यह मॉड्यूल शुरुआती समझ देने के लिए तैयार किया गया है। इसे किसी विशेष एआई डिग्री या पेशेवर प्रशिक्षण के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।
कमेंट
कमेंट X