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JEE Advanced 2026 Result: सोशल मीडिया से बनाई दूरी, पढ़ाई पर रखा पूरा फोकस; जानिए टॉपर्स की सफलता के राज

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Shahin Praveen Updated Mon, 01 Jun 2026 10:34 AM IST
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सार

JEE Advanced 2026 Result: जेईई एडवांस्ड 2026 के नतीजे जारी हो गए हैं। परीक्षा में टॉप करने वाले छात्रों का कहना है कि उनकी सफलता के पीछे लगातार मेहनत, पढ़ाई पर पूरा ध्यान और सोशल मीडिया से दूरी सबसे बड़ी वजह रही। उन्होंने समय का सही उपयोग किया और अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा। आइए जानते हैं कि टॉपर्स ने सफलता हासिल करने के लिए क्या रणनीति अपनाई।

No social media, negative news helped crack exam: JEE Advance topper Shubham Kumar
JEE Advanced 2026 Result - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार

JEE Advanced 2026 Result: नकारात्मक खबरों से दूरी और सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल करना शुभम कुमार की सफलता की बड़ी वजह बना। सोमवार को घोषित जेई एडवांस्ड 2026 के परिणाम में शुभम ने 360 में से 330 अंक हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, गुरुग्राम के कबीर छिल्लर ने 329 अंकों के साथ ऑल इंडिया दूसरी रैंक हासिल की। दोनों छात्रों ने कोटा स्थित एलन करियर इंस्टीट्यूट में रहकर परीक्षा की तैयारी की और शानदार प्रदर्शन किया।

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8 से 10 घंटे करते थे पढ़ाई

जेई एडवांस्ड 2026 के टॉपर शुभम कुमार के पिता शिव कुमार बिहार के गया में हार्डवेयर का कारोबार करते हैं, जबकि उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं। शुभम ने बताया कि कोटा से जुड़ी नकारात्मक खबरों पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया और अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस बनाए रखा।

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उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी और मोबाइल का इस्तेमाल केवल अपने माता-पिता और शिक्षकों से बात करने के लिए करते थे। शुभम रोजाना करीब 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे। पढ़ाई के साथ संतुलन बनाए रखने के लिए वे रविवार को क्रिकेट और बैडमिंटन जैसे अपने पसंदीदा खेल भी खेलते थे। शुभम का मानना है कि अनुशासन, मेहनत और ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।

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तनाव में होने पर 5-10 मिनट करते थे ध्यान

उन्होंने आगे कहा, "तनाव में होने पर मैं 5-10 मिनट ध्यान करता था। मुझे लगता है कि परिवार के सदस्य, चचेरे भाई-बहन और दोस्त तनाव के क्षणों में बहुत मददगार होते हैं।"

कोटा शहर ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शुभम के अनुसार, विशेष अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षक और प्रतिस्पर्धी छात्रों का समूह सिर्फ कोटा जैसे शहर में ही संभव है, कहीं और नहीं।

उन्होंने आगे कहा, “लक्ष्य हासिल करने के लिए हमारे अंदर एक दृढ़ इच्छाशक्ति और लगन होनी चाहिए। मैंने हर चुनौती को प्रेरणा में बदल दिया। मेरा पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित था। अब मैं IIT बॉम्बे के कंप्यूटर विज्ञान शाखा से बीटेक करूंगा,” शुभम ने कहा। बेहद प्रसन्न शिव कुमार ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की सफलता की उम्मीद थी। उन्होंने पीटीआई को बताया, "चूंकि वह यहां इतने लंबे समय से तैयारी कर रहा था, इसलिए मुझे पता था कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा।"

कबीर छिल्लर: तनाव से दूर रहकर हासिल की ऑल इंडिया दूसरी रैंक

ऑल इंडिया दूसरी रैंक हासिल करने वाले कबीर छिल्लर सिर्फ एक अंक से टॉप स्थान से चूक गए। कबीर का कहना है कि उन्होंने कभी भी पढ़ाई या परीक्षा का तनाव नहीं लिया। उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत बताया और कहा कि किसी भी विषय को समझने के लिए उन्हें उसे केवल एक बार ध्यान से पढ़ना पड़ता था। परीक्षा की तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखा।

कबीर ने कहा, "मैं सोशल मीडिया का उपयोग कभी नहीं करता। मेरे पास व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम है, लेकिन केवल शिक्षकों और दोस्तों से विषय पर चर्चा के लिए जुड़ने के लिए"। 


कबीर के पिता, मोहित छिल्लर, भी आईआईटी से पढ़े हुए हैं और सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि उनकी मां, प्रियंका छिल्लर एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं।

प्रियंका छिल्लर ने कहा, "जिस तरह से वह मेहनत करता था, उससे उम्मीद थी कि वह कुछ असाधारण करेगा।" 
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