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नीट यूजी 2027: एक करोड़ से ज्यादा बच्चों की परीक्षा 100 दिन में कराना मुश्किल, एनटीए ने मांगी स्पष्ट नीति

Wed, 02 Sep 2026 10:51 AM IST
शाहीन परवीन सीमा शर्मा
सीमा शर्मा Published by: शाहीन परवीन Updated Wed, 02 Sep 2026 10:51 AM IST
सार

एक करोड़ से अधिक बच्चों की परीक्षाएं कराने को लेकर एनटीए के सामने कंप्यूटर और परीक्षा ढांचे की बड़ी चुनौती है। एजेंसी ने इसे लेकर मंत्रालय और नीलेकणि समिति से अवसंरचना और बजट पर स्पष्ट नीति मांगी है।

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NTA Faces Challenge of Conducting Exams for Over 1 Crore Students in 100 Days
NTA - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक

विस्तार

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी 2027 की परीक्षा कंप्यूटर आधारित करने की घोषणा तो कर दी पर उसके पास 24 लाख विद्यार्थियों के लिए अवसंरचना और कंप्यूटर के लिए बजट तक नहीं हैं। एनटीए ने शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा सुधार के लिए गठित नंदन नीलेकणि कमेटी को एक प्रस्ताव भेजा है। इसमें परीक्षा केंद्र, सुरक्षा, सीबीटी के लिए कंप्यूटर समेत पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए बजट और स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।

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सूत्रों के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एक वर्ष में 100 दिन विभिन्न परीक्षाओं के आयोजन करता है। इसमें विभिन्न दाखिला और भर्ती परीक्षाओं में करीब एक करोड़ उम्मीदवार शामिल होते हैं। जेईई मेन (साल में दो बार), सीयूईटी यूजी व पीजी, यूजीसी नेट (साल में दो बार) कंप्यूटर आधारित, पांच से छह दिन दो शिफ्टों में और करीब 47 से 49 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं। जबकि, नीट यूजी साल में एक बार और पेन-पेपर आधारित होती है और इसमें 24 लाख के आसपास छात्र शामिल होते हैं।
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पेपर लीक से बचने के लिए किराये के केंद्रों की बजाय अब परीक्षाओं को पारदर्शी, सुरक्षित बनाए रखने के लिए एनटीए अपने खुद के करीब 500 केंद्र बनाने की तैयारी में है जिससे बार-बार सेटअप न बदलना न पड़े। इसमें प्रति सेंटर 250 से 500 छात्रों की क्षमता के आधार पर कंप्यूटर, प्रश्न पत्र प्रिटिंग मशीन, सीसीटीवी, जैमर, सिटिंग अरेंजमेंट, सुरक्षा आदि की जरूरत होगी। इसीलिए बजट और अवसंरचना पर नीति बनाने को कहा है।

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एजेंसी के पास करीब 25 से ज्यादा दाखिला और भर्ती परीक्षा

एनटीए, जेईई मेन, नीट यूजी, सीयूईटी यूजी, सीयूईटी पीजी, यूजीसी नेट, सीएसआईआर यूजीसी नेट, सीएमएटी समेत कई अन्य दाखिला परीक्षाएं करवाती है। इसके अलावा, नौकरी की भर्ती परीक्षाएं भी आयोजित करती है। इन सभी में करीब एक करोड़ के आसपास उम्मीदवार शामिल होते हैं।

चीन के गाओकाओ से ऐसे अलग है एनटीए...चीन का शिक्षा मंत्रालय 12वीं के बाद आगे दाखिले के लिए गाओकाओ परीक्षा करवाता है। दो दिन तक चलने वाली पेपर-पेन आधारित परीक्षा में करीब सवा करोड़ छात्र शामिल होते हैं। लेकिन इस दौरान चीन में कर्फ्यू का माहौल होता है। लेकिन भारत का एनटीए साल भर में उतनी ही अलग-अलग परीक्षाएं करवाती है, लेकिन कई बार अव्यवस्था हो जाती है।

सरकार ने 2017 में एकमुश्त दिए थे 25 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार ने वर्ष 2017 में गठित एनटीए को एक सेल्फ फाइनेंस एजेंसी के रूप में मंजूरी दी थी। इसके गठन के समय सरकार ने 25 करोड़ रुपये का एकमुश्त बजट भी दिया था। बिजनेस रूल के मुताबिक, इसके बाद सारे खर्चें एनटीए को खुद उठाने थे। इसमें विभिन्न एजेंसियों की परीक्षाओं और ऑनलाइन आवेदन पत्र की फीस से प्राप्त होने वाली धनराशि से सारे खर्चें चलाने थे। हालांकि, अब यदि एनटीए को इंफ्रास्ट्रक्चर खुद बनाने की मंजूरी मिलती है तो उसके लिए पहले कैबिनेट से बजट पास करना पड़ेगा।

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