Pariksha Pe Charcha 2026: 'दूसरे छात्रों से तुलना करने से बचें', पीएम मोदी की बच्चों के माता-पिता से खास अपील
परीक्षा पे चर्चा 2026 के नए एपिसोड में पीएम मोदी ने छात्रों और अभिभावकों को अहम सलाह दी। उन्होंने तुलना से बचने, आत्मविश्वास बढ़ाने और एआई के दौर में संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही परीक्षा तनाव कम करने के लिए व्यवहारिक टिप्स भी साझा किए।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा 2026' के दूसरे एपिसोड में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। बोर्ड परीक्षाओं के माहौल के बीच जारी इस सत्र में पीएम मोदी ने पढ़ाई, मानसिक दबाव, एआई के बढ़ते प्रभाव, आत्मविश्वास और पारिवारिक व्यवहार जैसे विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने छात्रों को डिजिटल दौर में संतुलन बनाकर आगे बढ़ने और खुद पर भरोसा रखने की सलाह दी।
तुलना से बचें, सहयोग का माहौल बनाएं
एक छात्र ने पूछा कि जब माता-पिता दूसरे बच्चों से तुलना करते हैं तो क्या करना चाहिए। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि परिवार में प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाने के बजाय सहयोग और समझ बढ़ानी चाहिए। बच्चों की तुलना करने से उनका आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि किसी एक बच्चे की इतनी अधिक प्रशंसा न करें जिससे दूसरे को हीन भावना हो। परिवार में संतुलित व्यवहार ही बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।
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आत्मविश्वास का असली मतलब क्या है?
चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने आत्मविश्वास को 'आत्म' और 'विश्वास' का मेल बताया। उनके अनुसार, जिस व्यक्ति को खुद पर भरोसा होता है, वह कठिन परिस्थितियों में भी डगमगाता नहीं है।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए बताया कि बड़े मंच पर जाने से पहले घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन विश्वास और तैयारी से ही सफलता मिलती है। इसी तरह उन्होंने क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का जिक्र करते हुए कहा कि असफलता जीवन का हिस्सा है और उससे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।
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पढ़ाई, एआई और मानसिक संतुलन पर जोर
इस एपिसोड में पीएम मोदी ने छात्रों को एआई से डरने के बजाय उसे सीखने और सही दिशा में उपयोग करने की बात भी कही। साथ ही उन्होंने पर्याप्त नींद लेने, तनाव कम करने और लिखने की आदत विकसित करने जैसे व्यावहारिक सुझाव दिए। उनका कहना था कि पढ़ाई के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
परीक्षा पे चर्चा 2026 का यह सत्र छात्रों के लिए मार्गदर्शन के साथ-साथ अभिभावकों के लिए भी एक संदेश लेकर आया है कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें आत्मविश्वासी और संतुलित बनाने में मदद करें।