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NEET: पुनर्परीक्षा से जुड़ी याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई से SC का इनकार, जुलाई में सुना जाएगा मामला

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Akash Kumar Updated Fri, 19 Jun 2026 03:32 PM IST
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सार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने 21 जून को होने वाली नीट यूजी पुनर्परीक्षा को टालने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि नीट से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई जुलाई में न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी। री-टेस्ट 21 जून 2026 को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगा।
 

Supreme Court Refuses Urgent Hearing on NEET UG 2026 Re-Test Pleas, Matter to be Heard in July
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI (File)
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विस्तार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नीट री-टेस्ट से संबंधित दो अलग-अलग याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिकाओं में 21 जून को प्रस्तावित पुनर्परीक्षा की व्यवहारिकता पर पुनर्विचार करने तथा पर्याप्त तैयारी समय देकर नई तिथि निर्धारित करने की मांग की गई है।



मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने कहा कि इन मामलों की सुनवाई जुलाई में होगी, जब सर्वोच्च न्यायालय अवकाश के बाद सामान्य रूप से कार्य करना शुरू करेगा। सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा, 'नीट से जुड़े सभी मामले न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की पीठ के समक्ष जाएंगे।'

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जुलाई में होगी अगली सुनवाई

एक वकील ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए इसे सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था। हालांकि अदालत ने कहा कि इस विषय से संबंधित सभी याचिकाएं पहले से ही न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष लंबित हैं और उन्हीं के समक्ष जुलाई में सुनवाई होगी।

पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 12 मई 2026 को 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था।

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई कर रही है। इसके बाद एनटीए ने 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया।

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छात्रों ने क्या मांग की?

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अदील अहमद ने अदालत में कहा कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने पुनर्परीक्षा की तिथि को लेकर चिंता जताई है। याचिका में कहा गया है कि देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के छात्रों से प्राप्त प्रतिनिधित्वों में लगभग समान प्रकार की चिंताएं सामने आई हैं।

छात्रों की प्रमुख चिंताएं

  • परीक्षा रद्द होने से मानसिक तनाव और चिंता
  • तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलना
  • परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर आशंका
  • अन्य परीक्षाओं से तिथियों का टकराव
  • यात्रा और परीक्षा केंद्र संबंधी कठिनाइयां
  • मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव

री-टेस्ट का विरोध नहीं, तिथि पर आपत्ति

याचिका में स्पष्ट किया गया है कि छात्र पुनर्परीक्षा कराने के निर्णय का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनकी आपत्ति केवल 21 जून की तिथि को लेकर है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मूल परीक्षा रद्द होने और अचानक री-टेस्ट की घोषणा से छात्रों में व्यापक असमंजस और मनोवैज्ञानिक दबाव पैदा हुआ है।

सोशल मीडिया अफवाहों का भी जिक्र

याचिका में कहा गया है कि परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक, सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्रों और विभिन्न अफवाहों ने अभ्यर्थियों की चिंता और बढ़ा दी है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अधिकारियों को बार-बार स्पष्टीकरण जारी करने पड़े।

याचिका में यह भी दावा किया गया है कि परीक्षा विवाद और रद्दीकरण के बाद कुछ अभ्यर्थियों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पुनर्परीक्षा टालने की मांग

याचिका में केंद्र सरकार, एनटीए और अन्य संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा को स्थगित कर सभी प्रभावित उम्मीदवारों को पर्याप्त तैयारी समय उपलब्ध कराने के बाद नई तिथि घोषित करें।

पहले भी जता चुका है सुप्रीम कोर्ट चिंता

नीट यूजी से संबंधित अन्य याचिकाओं की सुनवाई के दौरान 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि परीक्षा से जुड़ी वास्तविक समस्याएं तब तक समाप्त नहीं होंगी, जब तक जवाबदेही तय नहीं की जाती।

उस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया था कि सरकार युवाओं की चिंताओं को लेकर गंभीर है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने यह भी बताया था कि 21 जून को प्रस्तावित री-टेस्ट के लिए कुछ नई व्यवस्थाएं और सुरक्षा तंत्र लागू किए गए हैं।

फिलहाल 21 जून को ही होगा री-टेस्ट

सुप्रीम कोर्ट द्वारा तत्काल सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद फिलहाल पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी। परीक्षा स्थगित करने संबंधी मांगों पर अब जुलाई में न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की पीठ सुनवाई करेगी।

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