Re-NEET Exam 2026: एनटीए कल मॉक ड्रिल से नीट यूजी की तैयारियों को परखेगा, ढाई लाख पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
NEET UG 2026: नीट परीक्षा को लेकर सुरक्षा और तैयारियों को मजबूत करने के लिए NTA ने बड़ा कदम उठाया है। कल होने वाली मॉक ड्रिल के जरिए परीक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी। देशभर में 5000 से अधिक परीक्षा केंद्रों को कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है और लगभग ढाई लाख पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
NEET: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) शनिवार को मॉक ड्रिल से 21 जून को दोबारा होने वाली नीट यूजी की तैयारियों को परखेगी। दोबारा परीक्षा को फूलप्रूफ, पारदर्शिता, निष्पक्षता बनाए रखने के लिए साढ़े पांच हजार से अधिक केंद्रों को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया। सुरक्षा की जिम्मेदारी दो से ढाई लाख पुलिस कर्मियों को सौंपी गई हैं।
प्रश्न पत्र को पहुंचाने और आंसर शीट को सुरक्षित वापस लेने का जिम्मा 15 हजार अर्द्धसैनिक बलों को मिली है। परीक्षा के पारदर्शी आयोजन के लिए डेढ़ लाख अतिरिक्त कैमरे और 15 हजार जैमर भी लगाए गए हैं। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया, 21 जून की की तैयारियों के लिए शनिवार को मॉक मॉक ड्रिल होगी। सुबह नौ से आठ बजे तक मॉक ड्रिल में परीक्षा को लेकर पूरा प्रोसेस दोहराया जाएगा। इसमें पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, जिला प्रशासन, डयूटी में तैनात कर्मी सभी शामिल होंगे।
अधिकतर परीक्षा केंद्रों में पहले से ही सीसीटीवी लगे हुए हैं, उनका एक्सेस एनटीए ने अपने जिम्मे ले लिया है। इसकी निगरानी, दिल्ली में एनटीए हेडक्वार्टर के अलावा कुछ अन्य जगहों पर भी होगी। क्लासरूम व परीक्षा केंद्र की निगरानी सुरक्षा कारणों के चलते विशेष टीम के पास रहेगी। जबकि परीक्षा केंद्र के गेट और बाहर सड़क की राज्य सरकार के अधीनस्थ जिला प्रशासन व पुलिस विभाग भी निगरानी रखेंगे।
तीन स्तर की सुरक्षा जांच के घेरे में परीक्षा
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, अभी तक एनटीए परीक्षाओं के लिए सुरक्षा का एक ही घेरा होता था। लेकिन, परीक्षा लीक व गड़बड़ी को देखते हुए जांच एजेंसियों का तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। बाहरी घेरा जिला मैजिस्ट्रेट की टीम, दूसरा राज्यस्तरीय (प्रदेश पुलिस) और तीसरा (परीक्षा केंद्र के अंदर) घेरा केंद्र सरकार की विशेष सुरक्षा टीम का रहेगा। इसमें सभी वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है। इसका मकसद, किसी भी स्तर पर कोई भी डयूटी में तैनात कर्मी सुरक्षा घेरे में कोताही न कर सकें। तीनों सुरक्षा घेरों की अलग-अलग सीसीटीवी पर लाइव मॉनेटरिंग होगी। सबकी जिम्मेदारी तय है, लेकिन गलती पाए जाने पर सरकारी कर्मियों और अधिकारियों पर कार्रवाई भी होगी।
पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान, एमपी परिवहन सुविधा देगा
21 जून को परीक्षा के दिन पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़ समेत कुछ अन्य राज्य छात्रों के लिए परिवहन सुविधा सुलभ करवाएंगे। भाजपा समेत राजग शासित प्रदेशों की राज्य सरकारों ने परिवहन समेत अन्य सुविधाओं के लिए हामी भर दी है।
- 18 लाख से अधिक एडमिट कार्ड डाउनलोड: परीक्षा को अभी दो दिन बाकी है। लेकिन 18 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं। सुविधा के लिए एडवांस सिटी इंटिमेशन स्लिप दस दिन पहले जारी कर दी गई थी। ताकि, छात्र पहले ही सुविधानुसार परीक्षा केंद्र से घर की दूरी, आने-जाने की व्यवस्था आदि जांच लें।
- मुख्य सचिवों की बैठक में गर्मी, पानी व बिजली मुद्दा: एनटीए ने राज्यों के साथ कई स्तर की बैठक में परीक्षा की शुचिता के साथ बिजली और पानी की व्यवस्था पर ध्यान देने का आग्रह किया है। इसमें उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित और आरामदायक परीक्षा वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है। पीने के पानी की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति (जनरेटर आदि की व्यवस्था), जरूरत पड़ने पर पोर्टेबल शौचालय, आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता के लिए प्राथमिक चिकित्सा और एम्बुलेंस सेवाएं आदि भी शामिल है। डायबटीज छात्रों के लिए हल्के स्नेक्स की भी व्यवस्था की गई है।
22.80 लाख छात्रों ने कराया पंजीकरण
परीक्षा के लिए 22.80 लाख छात्रों ने पंजीकरण करवाया है। करीब साढ़े तीन लाख छात्रों ने परीक्षा केंद्र व शहर बदला है। भारत में 551 शहरों में साढ़े पांच हजार तो विदेश में 14 केंद्र बनाए गए हैं। सौ फीसदी छात्रों को उनके मनपसंद परीक्षा केंद्र अलॉट हुए हैं।