Kerala: सत्ता में वापसी के साथ शिक्षा पर फोकस, 10 साल बाद बनी सरकार एजुकेशन पर कितना कर रही है खर्च?
Kerala Education Budget: केरल में 10 साल बाद सत्ता में लौटी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को अपनी प्राथमिकता बनाया है। शैक्षणिक स्तर सुधारने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने शिक्षा विभाग को 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस राशि का उपयोग स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं तथा गुणवत्ता सुधार के लिए किया जाएगा।
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Education Budget: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केरल सरकार ने सरकारी स्कूलों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग को करीब 1,500 करोड़ रुपये दिए हैं। इस बजट में छात्राओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) को बढ़ावा देने और छात्रों में वैज्ञानिक सोच व जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में केरल को एक वैश्विक ज्ञान केंद्र (Global Knowledge Hub) के रूप में विकसित करना है।
लड़कियों के लिए बेहतर और सुरक्षित स्कूल माहौल
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने कहा कि 'लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए मासिक धर्म स्वच्छता पहल' के तहत सभी छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, इनके सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल निपटान के लिए भी जरूरी सुविधाएं बनाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य स्कूलों के शौचालयों को साफ और स्वच्छ रखना, छात्राओं के लिए बेहतर माहौल तैयार करना, मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित करना है। इसके अलावा, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य और जिला स्तर पर निगरानी भी की जाएगी।
छात्रों में वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के लिए नई पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों में वैज्ञानिक सोच और जागरूकता बढ़ाने के लिए 'जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर साइंटिफिक टेम्पर' नाम से एक नई योजना शुरू की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना और केरल को वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने कहा, "इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।"
सामान्य शिक्षा के विषय पर बात करते हुए सतीसन ने खेल-कूद में बच्चों की भागीदारी पर भी जोर दिया और कहा कि इसे स्कूल के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "इसके तहत, प्रगतिशील और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के माध्यम से शारीरिक फिटनेस में सुधार करने और भविष्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बजट में आठ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।"