फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Tamil Nadu Fills All State Quota MBBS Seats Over 800 Private University Seats Remain Vacant in MCC Counselling

एमबीबीएस: 35 लाख रुपये सालाना फीस बनी मुसीबत? तमिलनाडु के निजी विश्वविद्यालयों में 800 से ज्यादा सीटें खाली

Sat, 24 Oct 2026 07:09 PM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम तिवारी Updated Sat, 24 Oct 2026 07:09 PM IST
सार

तमिलनाडु में राज्य कोटे की सभी एमबीबीएस सीटें स्ट्रे वैकेंसी राउंड में भर गई हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए इस बार मेरिट सूची में नीचे तक के छात्रों को मौका मिला। राज्य में 150 नई सीटें भी जोड़ी गईं। दूसरी ओर, केंद्रीय काउंसलिंग में निजी विश्वविद्यालयों की 800 से अधिक सीटें खाली रहीं। सालाना 35 लाख रुपये तक की फीस को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
 

विज्ञापन
Tamil Nadu Fills All State Quota MBBS Seats Over 800 Private University Seats Remain Vacant in MCC Counselling
Tamil Nadu MBBS Admission - फोटो : AI Generated

विस्तार

तमिलनाडु में एमबीबीएस दाखिले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य की चयन समिति ने स्ट्रे वैकेंसी राउंड में राज्य कोटे की सभी खाली एमबीबीएस सीटें भर दी हैं। मेरिट और छात्रों की पसंद के आधार पर दाखिले की प्रक्रिया पूरी की गई। दूसरी ओर, केंद्रीय काउंसलिंग के तहत आने वाले निजी विश्वविद्यालयों में 800 से ज्यादा सीटें खाली रह गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन विश्वविद्यालयों की सालाना फीस करीब 35 लाख रुपये तक होने के कारण छात्रों ने दाखिला लेने में कम दिलचस्पी दिखाई। हालांकि, कम फीस वाले एक निजी विश्वविद्यालय में आखिरी दौर में 100 से ज्यादा सीटें भर गईं।
विज्ञापन

क्या सरकारी कॉलेजों में कोई सीट खाली रही?

राज्य कोटे की एमबीबीएस सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित किया गया था। इस दौर की आवंटन सूची के मुताबिक, चयन समिति ने मेरिट के आधार पर सभी उपलब्ध एमबीबीएस सीटें आवंटित कर दीं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एक भी एमबीबीएस सीट खाली नहीं बची। हालांकि, बीडीएस यानी दंत चिकित्सा पाठ्यक्रम की 43 सीटें खाली रह गईं। अधिकारियों के मुताबिक, स्ट्रे राउंड में सीट पाने वाले ज्यादातर छात्र दाखिला स्वीकार कर लेते हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि आवंटित सीट छोड़ने पर उन्हें भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। इसलिए छात्र सीट मिलने के बाद दाखिला लेने को प्राथमिकता देते हैं।
विज्ञापन

मेरिट सूची में कितने नीचे तक मिला दाखिला?

इस साल सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुछ श्रेणियों के छात्रों को पिछली बार की तुलना में मेरिट सूची में नीचे तक दाखिला मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ओपन श्रेणी में दाखिले की अंतिम रैंक 150 रही, जबकि पिछले साल यह 150 से ऊपर थी। इस श्रेणी में न्यूनतम नीट स्कोर 553 से बढ़कर 571 हो गया। बीसी श्रेणी में अंतिम रैंक 3,682 रही, जबकि पिछले साल यह 3,301 थी। इस श्रेणी में न्यूनतम स्कोर 306 से बढ़कर 532 बताया गया। बीसीएम श्रेणी में दाखिले की अंतिम रैंक 4,475 तक पहुंच गई। यहां न्यूनतम स्कोर बढ़कर 520 हो गया। इन आंकड़ों में रैंक और स्कोर के अंतर को समझना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बार मेरिट रैंक नीचे क्यों गई?

अधिकारियों के मुताबिक, इस साल ज्यादा छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का मौका मिलने की एक वजह सीटों की संख्या बढ़ना है। तमिलनाडु ने अपने सीट मैट्रिक्स में 150 नई सीटें जोड़ी हैं। सीटें बढ़ने से ज्यादा उम्मीदवारों को दाखिले का अवसर मिला। हालांकि, सभी श्रेणियों में अंतिम रैंक नीचे नहीं गई। कुछ श्रेणियों में पिछले साल की तुलना में दाखिले की अंतिम रैंक ऊपर रही। इससे पता चलता है कि अलग-अलग श्रेणियों में सीटों की उपलब्धता, उम्मीदवारों की मेरिट और दाखिले की पसंद का असर अलग हो सकता है। इसलिए केवल रैंक देखकर दाखिले की पूरी स्थिति का अंदाजा लगाना सही नहीं होगा।

किन श्रेणियों में अंतिम रैंक ऊपर रही?

कुछ श्रेणियों में इस साल दाखिले की अंतिम रैंक पिछले साल की तुलना में ऊपर रही। एमबीसी श्रेणी में अंतिम रैंक 4,484 के मुकाबले 4,212 पर बंद हुई। एससी श्रेणी में यह 11,222 से घटकर 9,637 रही। एससीए श्रेणी में अंतिम रैंक 19,895 से घटकर 13,034 पर पहुंच गई, जबकि एसटी श्रेणी में यह 15,006 से घटकर 14,790 रही। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इन श्रेणियों में न्यूनतम नीट स्कोर भी बढ़ा। एमबीसी में स्कोर 24 अंक, एससी में 33 अंक, एससीए में 40 अंक और एसटी में 23 अंक बढ़ा। इससे साफ है कि सीटों और श्रेणियों के हिसाब से दाखिले के आंकड़े अलग-अलग रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed