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अनुराग कश्यप @54: फुटपाथ पर गुजारी रातें, पिता ने उधार लेकर पढ़ाया; 'वासेपुर' के जिक्र पर चिढ़ते हैं निर्देशक?
Thu, 10 Sep 2026 06:31 AM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Thu, 10 Sep 2026 06:31 AM IST
सार
Anurag Kashyap Birthday: अनुराग कश्यप ने अपनी अलग तरह की फिल्मों से इंडस्ट्री में अपना अलग नाम कमाया है। वह बचपन से संघर्ष करते रहे। आज उनके जन्मदिन पर आइए उनसे जुड़े कुछ किस्सों के बारे में जानते हैं।
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अनुराग कश्यप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अनुराग कश्यप आज इंडस्ट्री में बड़ा नाम हैं। वह एक बेहतरीन निर्देशक के साथ-साथ निर्माता, लेखक और अभिनेता भी हैं। उन्होंने बॉलीवुड को 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'देव डी' और 'ब्लैक फ्राइडे' जैसी बेहतरीन फिल्में दी हैं। हालांकि उनका सफर बहुत आसान नहीं रहा। उन्होंने मुंबई में दर-दर की ठोकरें खाईं हैं और गलियों की खाक छानी है। आज उनके 54वें जन्मदिन पर आइए उनसे जुड़े संघर्ष के किस्से जानते हैं। इसके अलावा यह भी जानते हैं कि वह अपनी फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का जिक्र करने पर क्यों चिढ़ जाते हैं।
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अनुराग कश्यप की मशहूर फिल्मेें
- फोटो : अमर उजाला
पिता ने कर्ज लेकर भेजा बोर्डिंग स्कूल
अनुराग कश्यप के पिता ने उधार मांग कर उन्हें ग्वालियर के एक महंगे बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने भेजा था। उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा जीवन में बहुत आगे बढ़े और शिक्षित हो। अनुराग खुद मानते हैं कि अगर उनके पिता उन्हें उस स्कूल में नहीं भेजते, तो शायद वह बनारस में ही कुछ और कर रहे होते।
अनुराग कश्यप के पिता ने उधार मांग कर उन्हें ग्वालियर के एक महंगे बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने भेजा था। उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा जीवन में बहुत आगे बढ़े और शिक्षित हो। अनुराग खुद मानते हैं कि अगर उनके पिता उन्हें उस स्कूल में नहीं भेजते, तो शायद वह बनारस में ही कुछ और कर रहे होते।
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अनुराग कश्यप
- फोटो : सोशल मीडिया
वैज्ञानिक बनना चाहते थे अनुराग
अनुराग कश्यप का सपना वैज्ञानिक बनने का था। पढ़ाई के वक्त एक फिल्म फेस्टिवल के दौरान उन्होंने मशहूर इटालियन फिल्म 'बाइसिकल थीव्स' देखी। इस फिल्म का उन पर ऐसा असर हुआ कि उन्होंने वैज्ञानिक बनने के बजाए फिल्ममेकर बनने की ठान ली।
अनुराग कश्यप का सपना वैज्ञानिक बनने का था। पढ़ाई के वक्त एक फिल्म फेस्टिवल के दौरान उन्होंने मशहूर इटालियन फिल्म 'बाइसिकल थीव्स' देखी। इस फिल्म का उन पर ऐसा असर हुआ कि उन्होंने वैज्ञानिक बनने के बजाए फिल्ममेकर बनने की ठान ली।
अनुराग कश्यप
- फोटो : सोशल मीडिया
मुश्किल में गुजारी रातें
साल 1993 के दौर में वह सिर्फ पांच हजार रुपये लेकर मुंबई पहुंचे थे। कुछ ही दिनों में उनके पैसे खत्म हो गए और उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी। अनुराग कश्यप के मुताबिक उन्होंने कई महीनों तक मुंबई की सड़कों पर रातें काटी हैं। यही नहीं वह जुहू बीच पर सोए। कॉलेज के लड़कों के साथ हॉस्टल में छिपकर रहे हैं। 6 रुपये देकर वह फुटपाथ पर भी सोए हैं।
साल 1993 के दौर में वह सिर्फ पांच हजार रुपये लेकर मुंबई पहुंचे थे। कुछ ही दिनों में उनके पैसे खत्म हो गए और उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी। अनुराग कश्यप के मुताबिक उन्होंने कई महीनों तक मुंबई की सड़कों पर रातें काटी हैं। यही नहीं वह जुहू बीच पर सोए। कॉलेज के लड़कों के साथ हॉस्टल में छिपकर रहे हैं। 6 रुपये देकर वह फुटपाथ पर भी सोए हैं।
अनुराग कश्यप
- फोटो : सोशल मीडिया
मुफ्त में किया काम
संघर्ष के दिनों में अनुराग कश्यप पृथ्वी थिएटर पहुंचे थे। वह यहां काम करने के लिए झाड़ू लगाते थे। स्क्रिप्ट लिखते थे। उस दौर में वह सीरियल्स के लिए बिना कोई पैसा लिए एपिसोड लिखते थे। उन्हें लिखने का इतना शौक था कि वह एक दिन में कई पन्ने लिख देते थे।
संघर्ष के दिनों में अनुराग कश्यप पृथ्वी थिएटर पहुंचे थे। वह यहां काम करने के लिए झाड़ू लगाते थे। स्क्रिप्ट लिखते थे। उस दौर में वह सीरियल्स के लिए बिना कोई पैसा लिए एपिसोड लिखते थे। उन्हें लिखने का इतना शौक था कि वह एक दिन में कई पन्ने लिख देते थे।
अनुराग कश्यप
- फोटो : सोशल मीडिया
किस्मत ने दिया साथ
अनुराग कश्यप ने कई साल तक संघर्ष किया। 1998 में अभिनेता मनोज बाजपेयी ने अनुराग कश्यप की काबिलियत को पहचाना। उन्होंने उनके नाम की सिफारिश निर्देशक राम गोपाल वर्मा से की। राम गोपाल वर्मा ने अनुराग कश्यप को फिल्म 'सत्या' लिखने को कहा। यह फिल्म खूब मशहूर हुई।
अनुराग कश्यप ने कई साल तक संघर्ष किया। 1998 में अभिनेता मनोज बाजपेयी ने अनुराग कश्यप की काबिलियत को पहचाना। उन्होंने उनके नाम की सिफारिश निर्देशक राम गोपाल वर्मा से की। राम गोपाल वर्मा ने अनुराग कश्यप को फिल्म 'सत्या' लिखने को कहा। यह फिल्म खूब मशहूर हुई।
अनुराग कश्यप
- फोटो : सोशल मीडिया
अवसाद में चले गए
बताया जाता है कि शुरुआत में अनुराग कश्यप ने कई फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिखीं। मगर उन्हें उनका क्रेडिट नहीं दिया गया। अनुराग कश्यप की जिंदगी में एक ऐसा भी दौर आया जब असफलताओं की वजह से उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। वह अवसाद में चले गए। इन दिनों उन्होंने शराब भी पीना शुरू कर दिया।
बताया जाता है कि शुरुआत में अनुराग कश्यप ने कई फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिखीं। मगर उन्हें उनका क्रेडिट नहीं दिया गया। अनुराग कश्यप की जिंदगी में एक ऐसा भी दौर आया जब असफलताओं की वजह से उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। वह अवसाद में चले गए। इन दिनों उन्होंने शराब भी पीना शुरू कर दिया।
अनुराग कश्यप
- फोटो : सोशल मीडिया
निर्देशक बनने पर भी जारी रहा संघर्ष
जब अनुराग ने जब निर्देशन में कदम रखा। तब भी उनका संघर्ष जारी रहा। उनकी फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' पर रिलीज से पहले सेंसरशिप और कानूनी विवादों की वजह से दो वर्षों का बैन लगा दिया गया। उनकी फिल्म 'पांच' आज तक रिलीज नहीं हुई। मगर अनुराग कश्यप ने हार नहीं मानी। वह लगातार मेहनत करते रहे।
जब अनुराग ने जब निर्देशन में कदम रखा। तब भी उनका संघर्ष जारी रहा। उनकी फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' पर रिलीज से पहले सेंसरशिप और कानूनी विवादों की वजह से दो वर्षों का बैन लगा दिया गया। उनकी फिल्म 'पांच' आज तक रिलीज नहीं हुई। मगर अनुराग कश्यप ने हार नहीं मानी। वह लगातार मेहनत करते रहे।
गैंग्स ऑफ वासेपुर 2
- फोटो : यूट्यूब
साल 2012 में अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' रिलीज हुई। इस फिल्म से उन्हें ग्लोबली पहचान मिली। जानिए इस फिल्म से जुड़े किस्से।
गैंग्स ऑफ वासेपुर से जुड़े किस्से
गैंग्स ऑफ वासेपुर से जुड़े किस्से
- इस पूरी फिल्म की कुल लंबाई 5 घंटे 19 मिनट थी। अनुराग इसे दो इंटरवल के साथ रिलीज करना चाहते थे।
- बाद में सिनेमाघर मालिकों ने जब इतनी लंबी फिल्म चलाने से मना कर दिया, तब अनुराग ने इसे दो भागों में रिलीज किया।
- आज के दौर के सुपरस्टार विक्की कौशल उस समय इस फिल्म में एक साधारण असिस्टेंट डायरेक्टर (AD) के रूप में काम कर रहे थे।
- जब कोयले की खदान और अवैध रूप से शूटिंग करने के चक्कर में पुलिस आई, तो क्रू के साथ विक्की कौशल को भी कुछ देर के लिए लॉकअप की हवा खानी पड़ी थी।
- मनोज बाजपेयी के किरदार का नाम पहले कुछ और था, लेकिन एक रात नशे में खुद मनोज ने अनुराग को सुझाया कि इस कैरेक्टर का नाम 'सरदार खान' होना चाहिए।
गैंग्स ऑफ वासेपुर
- फोटो : यूट्यूब
क्यों ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का जिक्र होने पर चिढ़ते हैं अनुराग?
कई इंटरव्यूज में अनुराग उन्होंने साफ कहा है कि उन्हें अपनी ही इस फिल्म से ‘सख्त नफरत’ हो चुकी है। कोई भी जब उनसे इस फिल्म का जिक्र करता है तो वो झुंझला जाते हैं। उनके इस चिड़चिड़ेपन के दो कारण हैं।
पहला कारण
अनुराग के अनुसार, जब यह फिल्म थिएटर में रिलीज हुई तब किसी ने इसका सपोर्ट नहीं किया। इसके कुछ ही दिनों बाद सलमान खान की ‘एक था टाइगर’ रिलीज हुई। फिल्म ने 4 दिनों में करीब 22 करोड़ रुपये कमाए पर इसे 'फ्लॉप' घोषित कर दिया था।
उस दौर में जब अनुराग चाहते थे कि यह फिल्म चले, तब इसे किसी ने नहीं पूछा और आज जब यह फिल्म पायरेसी, यूट्यूब और ओटीटी के जरिए कल्ट बन चुकी है, तो लोग इसकी तारीफ करते हैं, जिससे वह चिढ़ जाते हैं।
दूसरा कारण
अनुराग के फैंस और बाकी दर्शक ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बाद उनके ऐसी ही फिल्में बनाने की अपेक्षा करते हैं। अनुराग इस टाइपकास्ट होने को अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा अभिशाप मानते हैं। अनुराग एक फिल्ममेकर के तौर पर हर बार कुछ नया और अलग प्रयोग करना चाहते हैं।
कई इंटरव्यूज में अनुराग उन्होंने साफ कहा है कि उन्हें अपनी ही इस फिल्म से ‘सख्त नफरत’ हो चुकी है। कोई भी जब उनसे इस फिल्म का जिक्र करता है तो वो झुंझला जाते हैं। उनके इस चिड़चिड़ेपन के दो कारण हैं।
पहला कारण
अनुराग के अनुसार, जब यह फिल्म थिएटर में रिलीज हुई तब किसी ने इसका सपोर्ट नहीं किया। इसके कुछ ही दिनों बाद सलमान खान की ‘एक था टाइगर’ रिलीज हुई। फिल्म ने 4 दिनों में करीब 22 करोड़ रुपये कमाए पर इसे 'फ्लॉप' घोषित कर दिया था।
उस दौर में जब अनुराग चाहते थे कि यह फिल्म चले, तब इसे किसी ने नहीं पूछा और आज जब यह फिल्म पायरेसी, यूट्यूब और ओटीटी के जरिए कल्ट बन चुकी है, तो लोग इसकी तारीफ करते हैं, जिससे वह चिढ़ जाते हैं।
दूसरा कारण
अनुराग के फैंस और बाकी दर्शक ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बाद उनके ऐसी ही फिल्में बनाने की अपेक्षा करते हैं। अनुराग इस टाइपकास्ट होने को अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा अभिशाप मानते हैं। अनुराग एक फिल्ममेकर के तौर पर हर बार कुछ नया और अलग प्रयोग करना चाहते हैं।
अनुराग कश्यप
- फोटो : सोशल मीडिया
किन फिल्मों में किया अभिनय?
इन दिनों अनुराग कश्यप फिल्मों में अभिनय करते हैं। बतौर एक्टर उन्होंने 'अकीरा', 'घूमकेतु', 'एके वर्सेस एके', 'महाराजा' और 'डकैत' में का किया है।
इसके अलावा अनुराग कश्यप 'सत्या', 'शूल', 'युवा', 'कुर्बान' और 'लुटेरा' जैसी फिल्मों को लिखने के लिए जाने जाते हैं।
इन दिनों अनुराग कश्यप फिल्मों में अभिनय करते हैं। बतौर एक्टर उन्होंने 'अकीरा', 'घूमकेतु', 'एके वर्सेस एके', 'महाराजा' और 'डकैत' में का किया है।
इसके अलावा अनुराग कश्यप 'सत्या', 'शूल', 'युवा', 'कुर्बान' और 'लुटेरा' जैसी फिल्मों को लिखने के लिए जाने जाते हैं।