पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Delhi High Court Grants Injunction In Favour Of Ravi Kishan In Personality Rights Case

रवि किशन की पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अनधिकृत कंटेंट हटाने का आदेश; दिल्ली हाई कोर्ट ने कही ये बात

Mon, 06 Jul 2026 04:24 PM IST
Aradhya Tripathi एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: Aradhya Tripathi Updated Mon, 06 Jul 2026 04:24 PM IST
सार

Ravi Kishan: रवि किशन के व्यक्तित्व अधिकार सुरक्षा मामले कोर्ट ने उनके हक में आदेश दिया है। जानिए कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कुछ कहा…

विज्ञापन
Delhi High Court Grants Injunction In Favour Of Ravi Kishan In Personality Rights Case
रवि किशन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर और भाजपा सांसद रवि किशन के पक्ष में एकतरफा अंतरिम रोक का आदेश दिया है। इस आदेश के तहत कई संस्थाओं को उनके नाम, तस्वीर, आवाज और व्यक्तित्व से जुड़ी अन्य विशेषताओं का बिना इजाजत कमर्शियल इस्तेमाल करने से रोका गया है। इसमें एआई, डीपफेक टेक्नोलॉजी और अन्य डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल भी शामिल है।

विज्ञापन

एआई इस्तेमाल समेत रवि किशन की तरफ से लगाए गए ये आरोप
जस्टिस ज्योति सिंह की सिंगल-जज बेंच ने यह अंतरिम आदेश रवि किशन द्वारा दायर एक कमर्शियल केस में दिया। यह केस कई प्रतिवादियों के खिलाफ दायर किया गया था, जिनमें सोशल मीडिया अकाउंट्स, वेबसाइट्स, डोमेन नेम रजिस्ट्रार, मध्यस्थ और अज्ञात "जॉन डो" (John Doe) संस्थाएं शामिल हैं, जिन पर उनके व्यक्तित्व का बिना इजाजत इस्तेमाल करने का आरोप है।

विज्ञापन


केस में आरोप लगाया गया था कि एआई-जनरेटेड कंटेंट, अश्लील और भद्दे वीडियो, सोशल मीडिया पर फैलाए गए मनगढ़ंत बयानों, उनकी पहचान के बिना इजाजत कमर्शियल इस्तेमाल और उनसे गलत तरीके से जोड़े गए पोर्नोग्राफिक कंटेंट के जरिए एक्टर-राजनेता के व्यक्तित्व और पब्लिसिटी अधिकारों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप लगाया गया कि कई वेबसाइट्स रवि किशन के नाम का इस्तेमाल यौन रूप से स्पष्ट और पोर्नोग्राफिक सामग्री के संबंध में कर रही थीं, जबकि सोशल मीडिया अकाउंट्स ने मनगढ़ंत और आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड किया था, जिससे उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

कोर्ट ने आदेश में कही ये बात
अपने आदेश में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि रवि किशन एक जाने-माने एक्टर हैं, जिनका करियर तीन दशकों से ज्यादा लंबा रहा है। साथ ही एक जन प्रतिनिधि के तौर पर भी उन्हें पहचान मिली है और उनकी काफी अच्छी साख, प्रतिष्ठा और कमर्शियल वैल्यू है।

जस्टिस ज्योति सिंह ने नोट किया कि वादी ने कई भाषाओं में 750 से ज़्यादा फिल्मों में काम किया है और उनकी कमर्शियल पहचान उनके नाम, तस्वीर, शक्ल-सूरत, आवाज, खास डायलॉग और व्यक्तित्व की दूसरी खासियतों से गहराई से जुड़ी है। ये सब मिलकर उनके व्यक्तित्व और पब्लिसिटी से जुड़े अहम अधिकार बनाते हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, ‘वादी ने एकतरफा अंतरिम रोक पाने के लिए शुरुआती तौर पर मजबूत मामला बनाया है। सुविधा का संतुलन वादी के पक्ष में है और अगर अंतरिम रोक नहीं लगाई गई तो उन्हें ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकेगी।’

कोर्ट ने यह भी कहा कि रवि किशन को अपने व्यक्तित्व की अलग-अलग खूबियों की सुरक्षा करने और दूसरों को उनकी साफ मंजूरी के बिना इनका इस्तेमाल करने या कमर्शियल फायदा उठाने से रोकने का पूरा अधिकार है।

Delhi High Court Grants Injunction In Favour Of Ravi Kishan In Personality Rights Case
रवि किशन - फोटो : सोशल मीडिया

कोर्ट ने बिना मंजूरी रवि किशन से जुड़ी चीजों के इस्तेमाल पर लगाई रोक
जस्टिस सिंह ने कहा कि व्यक्तित्व अधिकारों को अब कानूनी मान्यता मिल चुकी है और उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए, खासकर तब जब बिना मंजूरी के इस्तेमाल से कमर्शियल नुकसान हो, निजता का उल्लंघन हो या किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे।

आदेश में कहा गया कि वादी को ऐसे किसी भी कंटेंट के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार है जो उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करता हो, या अश्लील/अभद्र हो, या जिसमें पोर्नोग्राफिक कंटेंट हो और जिससे जनता, परिवार और दोस्तों के बीच उनकी छवि, साख और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता हो।

उन्हें सुरक्षा पाने और गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने का भी अधिकार है। दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रतिवादियों और उनकी ओर से काम करने वाले सभी लोगों को रवि किशन के नाम, तस्वीर, शक्ल-सूरत या उनकी पर्सनैलिटी से जुड़ी किसी भी पहचान वाली चीज़ का इस्तेमाल करने या उसका फायदा उठाने से रोक दिया है। 

16 अक्तूबर को दिल्ली हाई कोर्ट में होगी अगली सुनवाई
तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई का निर्देश देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने पहचाने गए प्रतिवादियों और डोमेन नेम रजिस्ट्रार को आदेश दिया कि वे आदेश की कॉपी मिलने के तीन दिनों के भीतर आदेश में बताए गए उल्लंघन करने वाले URL को हटा दें। कोर्ट ने इंटरमीडियरीज (जैसे मेटा, गूगल और X कॉर्प) को भी निर्देश दिया कि अगर संबंधित प्रतिवादी आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो शिकायतकर्ता द्वारा सूचित किए जाने पर वे 72 घंटों के भीतर पहचाने गए कंटेंट को हटा दें

 यह मामला दलीलें पूरी करने के लिए 13 अगस्त को जॉइंट रजिस्ट्रार के सामने और आगे की सुनवाई के लिए 16 अक्तूबर को दिल्ली हाई कोर्ट के सामने लिस्ट किया गया है। रवि किशन का मामला उन हाई-प्रोफाइल हस्तियों की बढ़ती सूची में शामिल हो गया है जो दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी अधिकारों का दावा कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed