‘मासूम ने लगभग खत्म कर दिया था करियर’, क्या 42 साल बाद फिल्म का सीक्वल बनाने जा रहे शेखर कपूर? जानिए सच्चाई
Shekhar Kapur: आज ‘मासूम’ फिल्म को लोग एक कल्ट क्लासिक मानते हैं। लेकिन जब यह 1983 में रिलीज हुई थी, तो इसकी ओपनिंग बहुत खराब रही थी। अब निर्देशक शेखर कपूर ने फिल्म से जुड़ी यादें साझा कीं। साथ ही उन्होंने फिल्म के सीक्वल को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। जानिए शेखर कपूर ने क्या कुछ कहा…
विस्तार
‘मिस्टर इंडिया’ और ‘बैंडिट क्वीन’ जैसी कल्ट फिल्में बनाने वाले निर्देशिक शेखर कपूर ने अपनी फिल्म ‘मासूम’ को लेकर एक पोस्ट साझा की। सोमवार को निर्देशक ने सोशल मीडिया पर मासूम के शुरुआती दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि रिलीज के पहले दिन वे खुद थिएटर गए थे। वहां का नजारा देखकर उनका दिल टूट गया था। कल्ट क्लासिक फिल्म ‘मासूम’ के बारे में उनकी इस राय ने सबको चौंका दिया है।
पहले दिन पूरे सिनेमा हॉल में थे सिर्फ दो लोग
शेखर कपूर ने इसको लेकर एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘रिलीज के पहले दिन पूरे सिनेमा हॉल में सिर्फ दो लोग थे, जिनमें से एक मैं खुद था। उस दौर में टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग आम बात थी। कुछ लोग टिकट थोक में खरीदकर महंगे दामों पर बेचते थे। लेकिन मासूम के पहले दिन हालात इतने खराब थे कि ब्लैक मार्केट वालों को भी नुकसान हो गया। इसी बीच थिएटर के बाहर किसी ने मुझसे कहा, ‘सर, आपने ‘आर्टिकल’ फिल्म बना दी है। अगर करियर बनाना है, तो ऐसी फिल्में मत बनाइए।’ हालांकि, बाद में समझ आया कि वो आर्टिस्टिक फिल्म कहना चाह रहा था।
Throw back pic from my first film, Masoom.
— Shekhar Kapur (@shekharkapur) February 9, 2026
On the first day of release, I went to the main theatre … and there were only two people in the whole cinema hall.. and one of them was me !
Those days ‘black marketing’ of cinema tickets was really prelavent .. young men, or even… pic.twitter.com/FyqT3iFlnx
मुझे लगा फिल्में बनाना मेरे लिए नहीं है
निर्देशक ने आगे लिखा, ‘उस जमाने में ऐसी फिल्मों को फ्लॉप मान लिया जाता था। लगभग एक हफ्ते तक हालात नहीं बदले। शुक्रवार से लेकर बुधवार तक थिएटर खाली रहे। आखिरकार डिस्ट्रीब्यूटर्स ने फिल्म को थिएटर से हटाने का फैसला कर लिया। जिस दिन उन्होंने कहा कि अब फिल्म को थिएटर में नहीं लगाए रख सकते। उस दिन मैं मुंबई की सड़कों पर घूमता रहा। मुझे लगा कि फिल्में बनाना मेरे लिए नहीं है। लेकिन फिर कुछ अजीब हुआ। गुरुवार को एक दोस्त ने फोन करके मुझसे मासूम के टिकट मांगे। मुझे लगा कि वह मजाक कर रहा है। लेकिन उसी दिन एक थिएटर हाउसफुल हो गया। शुक्रवार तक लाइनें लग गईं। एक हफ्ते में फिल्म ने सारी भरपाई कर ली। और मासूम हिट हो गई।’
शेखर कपूर की यह यादें ऐसे समय पर सामने आई हैं, जब उनके मासूम की दुनिया में एक बार फिर लौटने की चर्चा है। रिपोर्ट्स हैं कि वो मासूम के सीक्वल, ‘मासूम: द नेक्स्ट जेनरेशन’ पर काम कर रहे हैं। अपनी पोस्ट में भी उन्होंने यह सवाल किया है कि ‘क्या मासूम: द नेक्स्ट जेनरेशन भी एक आर्टिकल फिल्म होगी?’
रिपोर्ट्स की मानें तो सीक्वल में एक बार फिर शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह साथ नजर आएंगे। उनके साथ फिल्म में मनोज बाजपेयी, नित्या मेनन और शेखर कपूर की बेटी कावेरी कपूर भी अहम भूमिकाओं में होंगी। नई मासूम में घर, अपनापन और अपनी पहचान जैसे गहरे लेकिन बेहद मानवीय मुद्दों को दिखाया जाएगा।