धर्मेंद्र ने ठुकरा दिया था सैफ अली खान की ‘एजेंट विनोद’ का ऑफर, श्रीराम राघवन ने बताई वजह; सलाह को किया याद
Sriram Raghavan On Dharmendra: श्रीराम राघवन ने धर्मेंद्र को उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ में डायरेक्ट किया है। अब श्रीराम राघवन ने धर्मेंद्र से जुड़ा एक किस्सा साझा किया है, जहां उन्होंने ‘एजेंट विनोद’ में एक रोल को ठुकरा दिया था। जानिए क्या थी इसके पीछे की वजह…
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बॉलीवुड के दिग्गज दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र आखिरी बार इसी साल रिलीज हुई फिल्म ‘इक्कीस’ में नजर आए थे। यह फिल्म उनके निधन के बाद रिलीज हुई थी। अब ‘इक्कीस’ फिल्म के निर्देशक श्रीराम राघवन ने धर्मेंद्र को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र ने 2012 में आई उनकी फिल्म ‘एजेंट विनोद’ में एक भूमिका को ठुकरा दिया था। जबकि वो इससे पहले उनके साथ ‘जॉनी गद्दार’ में काम कर चुके थे।
धर्मेंद्र के अपोजिट थीं जीनत अमान
पीटीआई के मुताबिक, स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन (एसडब्ल्यूए) के एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान श्रीराम ने बताया कि ‘एजेंट विनोद’ की योजना बनाते समय मैंने धर्मेद्र से रॉ चीफ की भूमिका के लिए संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने इसे मना कर दिया।
निर्देशक ने कहा कि ‘जॉनी गद्दार’ के बाद मैंने उनसे कहा कि मैं आपके साथ फिर से काम करना चाहता हूं। उन्होंने कहा, 'हां, बिल्कुल'। मुझे याद है कि जब मैं एजेंट विनोद कर रहा था, तब हमने रॉ के प्रमुख के लिए एक भूमिका लिखी थी। उनके अपोजिट जीनत अमान होने वाली थीं। हम चाहते थे कि वह रूस में हों। तो यह एक बूढ़े और एक जवान की कहानी थी।
इस वजह से धर्मेंद्र ने कर दिया था मना
श्रीराम राघवन ने आगे बताया कि अभी यह सब राइटिंग के लेवल पर ही था। जब मैं उनसे मिला और उन्हें इस भूमिका के बारे में बताया, तो उन्होंने कहा, 'रॉ, प्रमुख, यार, तुम लोग वही करते हो। यह भारत-पाकिस्तान होगा, मैं यह नहीं करना चाहता'। वह इसमें शामिल नहीं होना चाहते थे। मैंने कहा, 'मैं इसका सम्मान करता हूं'। फिर, हमने उस कहानी को आगे नहीं बढ़ाया।
धर्मेंद्र को पसंद आई थी ‘इक्कीस’ की कहानी
बातचीत के दौरान श्रीराम राघवन ने धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस' में उनके साथ काम करने के अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि धर्म जी उन पहले लोगों में से थे, जिन्हें मैंने कहानी सुनाई थी। उन्हें यह कहानी बेहद पसंद आई।
उनके साथ काम करने का तरीका यह है कि मैं उनके पास सीन लेकर जाता हूं और कहता हूं, 'देखते हैं हम क्या कर सकते हैं।' उनके पास विचारों का भंडार था। उनके पास कहने के लिए बहुत कुछ था। मुझे याद है मैंने उनसे कहा था कि फिल्म में उनकी एक कविता जरूर होनी चाहिए और उन्होंने सुझाव दिया ऐसा कुछ हो सकता है।
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अरुण खेतरपाल के जीवन पर आधारित है ‘इक्कीस’
इसी साल 1 जनवरी को रिलीज हुई 'इक्कीस' सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल के जीवन पर आधारित है। फिल्म में अगस्त्य नंदा ने अरुण खेतरपाल की भूमिका निभाई है। जबकि धर्मेंद्र ने उनके पिता का किरदार अदा किया है। फिल्म को क्रिटिक्स से काफी सराहना मिली थी और धर्मेंद्र को निधन के बाद बड़े पर्दे पर देखकर फैंस काफी भावुक हो गए थे।
89 साल के धर्मेंद्र ने पिछले साल 24 नवंबर को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वो कई दिनों तक मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती रहे थे। बाद में परिजनों ने अस्पताल से छुट्टी कराकर घर पर ही उनका इलाज कराने का फैसला किया था। जहां 24 नवंबर को उनका निधन हो गया था।

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