‘इक्कीस’ में पाकिस्तान पर लिखे विवादित डिस्क्लेमर से खुश नहीं थे डायरेक्टर, कहा- ‘मेरे कंट्रोल में नहीं था’
Ikkis: फिल्म ‘इक्कीस’ ने अपनी कहानी के साथ-साथ एक खास वजह से भी खूब सुर्खियां बटोरीं। इसके डिस्क्लेमर को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस शुरु हो गई है। जानिए क्या है पूरा मामला…
विस्तार
जनवरी 2026 में रिलीज हुई फिल्म ‘इक्कीस’ शहीद सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन पर आधारित है, जिन्हें भारत में सबसे कम उम्र में परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। इस मूवी के आखिरी में दिखाए गए एक डिस्क्लेमर को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ गई।
क्यों डिस्क्लेमर बना विवाद का मुद्दा?
डिस्क्लेमर में युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सैनिकों के साथ की गई क्रूरता का जिक्र किया गया था और पाकिस्तान को ‘बिलकुल भी विश्वसनीय नहीं’ बताया गया था। इस पर काफी लोगों ने सवाल उठाए। हाल ही में फिल्म के निर्देशक श्रीराम राघवन ने द वायर को दिए इंटरव्यू में इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने साफ कहा कि वह इस डिस्क्लेमर से पूरी तरह खुश नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘काफी लोगों ने मुझसे इस डिस्क्लेमर के बारे में पूछा है। मैंने तय किया है कि मैं इस पर ज्यादा बात नहीं करूंगा। फिल्म से जुड़ी कुछ बातें मेरे कंट्रोल में नहीं थीं।’
डिस्क्लेमर से मैं खुश नहीं था
उदाहरण देते हुए श्रीराम ने अपनी 2015 की फिल्म ‘बदलापुर’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता जो लोग मुझसे यह सवाल कर रहे हैं, उन्होंने मेरी फिल्म ‘बदलापुर’ देखी है या नहीं। उस फिल्म के आखिरी में एक म्यूजिक वीडियो जोड़ा गया था, जिसने पूरी फिल्म के मूड को बदल दिया था। वह वीडियो मेरे प्रोड्यूसर दिनेश विजान के कहने पर डाला गया था।’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘इक्कीस’ भी उसी प्रोड्यूसर दिनेश विजान के साथ बनी है। वो बहुत अच्छे इंसान हैं। उन्होंने मुझे यह फिल्म बनाने की पूरी आजादी दी और काफी मदद की। लेकिन डिस्क्लेमर से मैं व्यक्तिगत तौर पर खुश नहीं था।’
Then #ikkis is also a propaganda film, this is the "disclaimer" being played before it. pic.twitter.com/V1ZSkPEpM2
— Raju (@raju071484) January 2, 2026
क्या थी फिल्म की कहानी?
फिल्म इक्कीस एक बायोग्राफिकल वॉर ड्रामा है, जो शहीद सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन पर आधारित है। फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई बैटल ऑफ बसंतर की घटनाओं पर आधारित है। इसी युद्ध में अरुण खेत्रपाल ने दुश्मनों का डटकर सामना किया और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। फिल्म से अगस्त्य नंदा ने बड़े पर्दे पर डेब्यू किया है। फिल्म में उनके साथ जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया और दिवंगत दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।