‘चोरी की जमीन पर कोई अवैध प्रवासी नहीं…’, ग्रैमी बना विरोध का मंच, ट्रंप के खिलाफ किसने क्या कहा? यहां जानें
Grammy Winner Protested Against Donald Trump Policy: 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में संगीत जगत के कई दिग्गज कलाकार शामिल हुए। अमेरिका के लॉस एंजिल्स में हुए इस अवॉर्ड फंक्शन में मंच पर कई ग्रैमी विजेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विरोध किया है। जानिए, यह विरोध क्यों हुआ? इसके पीछे क्या कारण है?
विस्तार
सोमवार को ग्रैमी अवॉर्ड्स का आयोजन किया गया। अवॉर्ड नाइट में सिंगर बैड बनी और केंड्रिक लैमर ने सबसे ज्यादा अवॉर्ड अपने नाम किए। इसके अलावा बिली एलिश, लोला यंग, लेडी गागा और क्रिस स्टैपलेटन जैसे सिंगर्स ने भी ग्रैमी अपने नाम किया। अवॉर्ड जीतने के बाद जब यह सेलेब्स मंच पर आए तो अपने भाषण में उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का विरोध किया। ये सभी डोनाल्ड ट्रंप की नई इमीग्रेशन पॉलिसी का विरोध करते दिखे। जानिए, इन सेलेब्स ने क्या कहा?
ये खबर भी पढ़ें: Grammy Awards 2026: ग्रैमी में छाए बैड बनी और केंड्रिक लैमर, चार साल बाद मंच पर उतरे बीबर; भारत की झोली खाली
(ग्रैमी के मंच पर बिली एलिश)
केंड्रिक लैमर और बिली एलिश ने किया ट्रंप का विरोध
रैपर केंड्रिक लैमर ने ग्रैमी अवॉर्ड में सबसे ज्यादा अवॉर्ड अपने नाम किए हैं। उन्होंने अवॉर्ड लेते हुए ट्रंप का विरोध किया और कहा, ‘आप निराश न हों। हम आगे बढ़ सकते हैं। हमें एक-दूसरे की जरूरत है। हमें सरकार नहीं चलाती है। हमें भगवान चलाते हैं।’
वहीं बिली एलिश ने ट्रंप का विरोध करते हुए कहा, ‘चोरी की जमीन पर कोई भी अवैध प्रवासी नहीं होता है। अभी क्या कहना है या क्या करना है, यह जानना सच में बहुत मुश्किल है। हमें लड़ते रहना होगा और बोलते रहना होगा और विरोध करते रहना होगा।’
"No one is illegal on stolen land. [...] F*ck ICE." : Billie Eilish
— RAJAT (@RajatJain) February 2, 2026
Powerful moment as the "ICE Out" movement takes center stage at the 2026 #GRAMMYs. pic.twitter.com/i1g4SqCJfZ
सिंगर बैड बनी ने इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट पॉलिसी को लेकर कहा, ‘हम जंगली नहीं हैं। हम जानवर नहीं हैं। हम एलियन नहीं हैं। हम इंसान हैं। नफरत से नफरत और ज्यादा ताकतवर होती है। नफरत से ज्यादा ताकतवर सिर्फ प्यार है। अगर हम लड़ते हैं तो हमें प्यार से लड़ना होगा।’
ग्लोरिया एस्टेफन ने ट्रंप की पॉलिसी के खिलाफ उठाई आवाज
सिंगर-एक्ट्रेस ग्लोरिया एस्टेफन ने भी भी ट्रंप की इमीग्रेशन पॉलिसी का विरोध करते हुए कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई कहेगा कि हम बॉर्डर पर पूरी तरह से फ्रीडम चाहते हैं। लेकिन जो हो रहा है, वह बिल्कुल भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं है। ये ऐसे लोग हैं जिनके परिवार हैं। जिन्होंने दशकों से अमेरिका को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। छोटे बच्चे डिटेंशन सेंटर्स में हैं। मुझे उम्मीद है कि हमारी सरकार मानवता के लिए हमारी अपील सुनेगी, जो सबसे जरूरी चीज है।’
ये खबर भी पढ़ें: Grammy 2026: सबसे ज्यादा ग्रैमी जीतने वाले रैपर बने लैमर, बैड बनी ने बनाया यह रिकॉर्ड; विजेताओं की पूरी लिस्ट
सिंगर चैपल रोन ने भी कहा, ‘मैं एक इमिग्रेंट परिवार से बिलॉन्ग करती हूं। मैं अपने परिवार की बहादुरी का नतीजा हूं। मुझे लगता है कि उन लोगों को सराहा जाना चाहिए।’ वहीं ओलिविया डीन भी ग्रैमी के मंच पर इमोशनल हुईं। वह कहती हैं, 'मैंने कभी सच में नहीं सोचा था कि मैं यहां तक आऊंगी। मैं यहां एक इमिग्रेंट की पोती के तौर पर हूं।' ओलिविया को अपने परिवार पर गर्व है।
इनके अलावा भी कई सेलेब्स ने डोनाल्ड ट्रंप की इमीग्रेशन पॉलिसी का विरोध किया। ग्रैमी के होस्ट और कॉमेडियन ट्रेवर नोआ ने भी मंच से ट्रंप पर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की।
ये खबर भी पढ़ें: Grammy Awards 2026: पारदर्शी गाउन पहनकर ग्रैमी अवॉर्ड्स के रेड कारपेट पर पहुंचीं चैपल रोन, यूजर्स को चौंकाया
आईसीई का पूरा नाम आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन है। यह अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग के अंतर्गत काम करने वाली एजेंसी है।
आईसीई के मुख्य काम:
- अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई- जो लोग बिना वैध वीजा/दस्तावेज के अमेरिका में रहते हैं, उन पर आईसीई निगरानी और कार्रवाई करता है।
- डिपोर्टेशन (देश से बाहर भेजना)- कानून तोड़ने वाले या अवैध रूप से रह रहे लोगों को उनके देश वापस भेजना।
- सीमा शुल्क और तस्करी रोकना- ड्रग्स, हथियार, मानव तस्करी, नकली सामान जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर कार्रवाई।
- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले- आतंकवाद, संगठित अपराध और साइबर क्राइम जैसे मामलों की जांच।
आईसीई यानी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट पॉलिसी के तहत अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई होती है। इसमें जो लोग बिना वैध वीजा/दस्तावेज के अमेरिका में रहते हैं, उन पर आईसीई निगरानी और कार्रवाई करता है। दोषी व्यक्ति को डिपोर्ट (देश से बाहर भेजना) किया जाता है। उनके देश वापस भेजा जाता है। हाल के दिनों में अमेरिका में कई ऐसे मामले सामने आए जिनमें निर्दोष नागरिकों को भी इसे प्रक्रिया के चलते काफी नुकसान झेलना पड़ा। बीते 7 और 14 जनवरी को संघीय अधिकारियों की कार्यवाही के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई थी जिसके बाद लोगों ने सड़क पर उतकर प्रदर्शन तेज कर दिया।
