‘बचपन में गरीबी झेली, दिहाड़ी मजदूरी की’, विजय सेतुपति ने बताया अपना आर्थिक संघर्ष; नहीं बनना चाहते थे एक्टर
Vijay Sethupathi: अभिनेता विजय सेतुपति ने अपने आर्थिक संघर्ष के बारे में बात की। जानिए एक्टर न बनकर क्या बनना चाहते थे विजय…
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आज भारतीय सिनेमा में एक्टर विजय सेतुपति को सबसे वर्सटाइल कलाकारों में से एक माना जाता है। कमर्शियल एंटरटेनर और क्रिटिक्स द्वारा सराही गई फिल्मों के बीच संतुलन बनाने के लिए मशहूर इस तमिल स्टार ने एक सफल करियर बनाया है। हालांकि, इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा डिमांड वाले एक्टर्स में से एक बनने से बहुत पहले विजय का कहना है कि उनकी जिंदगी आर्थिक मुश्किलों से गुजरी, जिसने उनके परिवार के हर फैसले पर असर डाला।
बचपन में झेली गरीबी
ट्रूली राम पॉडकास्ट पर बात करते हुए विजय सेतुपति ने अपने बचपन को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे आर्थिक तंगी के बीच बड़े होने से वो कम उम्र में ही समझदार हो गए। उन्होंने कहा कि गरीबी उनके शुरुआती जीवन का एक अहम हिस्सा थी।
बचपन में मैंने ज्यादातर आर्थिक संघर्ष ही देखे। लोग कहते हैं कि जवानी गरीबी और मुश्किलों से भरी होती है। मैंने कम उम्र से ही इस स्थिति का सामना किया है। बस यही सब था।
क्योंकि जब आप कुछ चाहते हैं, तो आपको हिसाब लगाना पड़ता है कि आप कितना चाहते हैं और आपकी आर्थिक स्थिति ही यह तय करती है। यहां तक कि जब कर्ज वसूलने वाले आते थे या कोई बातचीत के लिए बैठता था, तो मैं ही अपने पिता के साथ बैठता था। मैं ही उन हालात को संभालता था।
एक्टर नहीं बिजनेसमैन बनना चाहते थे विजय
एक्टर ने यह भी बताया कि एक्टिंग कभी उनके शुरुआती प्लान का हिस्सा नहीं थी। मेरी फिल्मों में काम करने की कोई इच्छा नहीं थी। मुझे हमेशा काम करना पसंद रहा है। मैं एक बिजनेसमैन बनना चाहता था।
जब मैं स्कूल में था, तो मैं दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। उसके बाद मैंने एक टेलीफोन बूथ पर काम किया। अपनी जिंदगी में मैंने नाइट शूट करते हुए बहुत संघर्ष किया है।
विजय सेतुपति ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत छोटे और सपोर्टिंग रोल से की थी। 2012 में 'पिज्जा' और 'नडुवुला कोंजम पक्खाथा कानोम' फिल्मों से उन्हें बड़ी पहचान मिली।
इसके बाद उन्होंने 'सूधू कव्वुम', 'विक्रम वेधा', '96', 'सुपर डीलक्स', 'मास्टर', 'विक्रम', 'जवान' और 'महाराजा' जैसी फिल्मों से अपनी खास जगह बनाई। 2023 में विजय ने शाहिद कपूर के साथ क्राइम थ्रिलर सीरीज 'फर्जी' से ओटीटी की दुनिया में कदम रखा।
विजय को आखिरी बार 2026 की फिल्म 'गांधी टॉक्स' में देखा गया था। उनके कई प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं, जिनमें 'स्लम डॉग: 33 टेम्पल रोड' शामिल है। इसमें तब्बू और संयुक्ता भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान अभी नहीं हुआ है।