पिछले दो साल में फीकी पड़ी प्राइम वीडियो की चमक, हिट मशीन बना अब धीमी रफ्तार का प्लेटफॉर्म; यहां जानें वजह
Prime Video Review: ओटीटी के बढ़ते दौर में भी प्राइम वीडियो इंडिया की हालत पिछले दो साल में काफी खराब रही है। यहां जानिए कैसे बीते प्राइम वीडियो के पिछले शो…
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भारत का ओटीटी बाजार पिछले कुछ साल में बहुत तेजी से बदला है, लेकिन प्राइम वीडियो इंडिया की चाल उस हिसाब से नहीं बदली। 2020 से 2023 के बीच प्लेटफॉर्म ने ‘पाताल लोक’, ‘द फैमिली मैन’ और ‘मिर्जापुर’ जैसे बड़े और दमदार शो दिए थे। ‘पंचायत’ ने देशभर में लोकप्रियता बनाई और ‘फर्जी’ ने शहरी दर्शकों को प्रभावित किया। लेकिन 2024 आते ही प्लेटफॉर्म की रफ्तार धीमी होने लगी और नए हिंदी ओरिजिनल्स की कमी साफ दिखाई देने लगी।
पुराने हिट्स का असर अब क्यों नहीं चल रहा?
यह बात भी उतनी ही चिंता की है कि जो पुराने शो लगातार नए सीजन के साथ लौट रहे हैं, उनका असर भी पहले जैसा नहीं रहा। ‘पंचायत’ के चार सीजन आये और लोग आज भी उसे पसंद करते हैं, लेकिन अब दर्शकों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या इसकी कहानी में आगे बढ़ने के लिए वाकई कुछ नया बचा है। ‘मिर्जापुर’ पर भी अब वही समस्या दिखने लगी है। पहले दो सीजन बेहद लोकप्रिय थे, लेकिन अब कहानी का अंदाज दोहराव सा महसूस होने लगा है। ‘द फैमिली मैन’ का तीसरा सीजन रिलीज हुआ जरूर है, लेकिन इस बार वह चर्चा नहीं बना पाया जिसका उससे इंतजार था। रोमांच और नयापन दोनों ही पहले जितने मजबूत नहीं लगे।
लंबा इंतजार कम होती उम्मीद नई सीजन की धीमी रफतार
‘पाताल लोक’ का दूसरा सीजन पिछले साल रिलीज हुआ। ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि शो का अगला सीजन भी बन रहा है। हालांकि, अभी तक कोई ऑफिशियली एलान नहीं हुआ है। कहीं न कहीं लंबा इंतजार भी दर्शकों की उम्मीद को धीरे-धीरे कम करता जा रहा है। यही हाल ‘फर्जी’ के साथ भी है। शाहिद कपूर स्टारर ‘फर्जी’ साल 2023 में जब रिलीज हुआ था, तो इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। लेकिन इसके बाद से दूसरे सीजन का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब तक इसको लेकर कोई खास अपडेट सामने नहीं आया। नतीजन चर्चा भी अब धीरे-धीरे धीमी पड़ गई। अब खबर यह है कि सीजन दो की शूटिंग मार्च में शुरू होने जा रही है।
‘कॉल मी बे’ स्टाइलिश तो था लेकिन सफल नहीं हुआ
‘कॉल मी बे’ 2024 में एक ग्लैमरस और हल्के फुल्के शो के रूप में आया था। कहानी मजेदार थी और अनन्या पांडे की मौजूदगी ने इसे शुरुआती चर्चा भी दिलाई, लेकिन सीरीज वह सफलता हासिल नहीं कर सकी, जिसकी प्राइम वीडियो को उम्मीद थी। इसका अंदाज स्टाइलिश जरूर था, पर शो दर्शकों को लंबे समय तक पकड़कर नहीं रख पाया। इसी वजह से यह भी प्राइम के उन प्रोजेक्ट्स की लिस्ट में जाता है जो प्लेटफॉर्म के लिए गेम चेंजर साबित नहीं हुए।
2025 के नए शो: दम था लेकिन धमाका नहीं
2025 में प्राइम ने नए हिंदी शो तो दिए, जिनमें ‘जिद्दी गर्ल्स’ ‘खौफ’ ‘रंगीन’ ‘अंधेरा’ और ‘डू यू वाना पार्टनर’ जैसे नाम शामिल रहे। इन बड़े नामों के साथ दो और शो आए ‘इन ट्रांजिट’ और ‘द ट्रेटर्स इंडिया’। ‘इन ट्रांजिट’ का विषय संवेदनशील और जरूरी था, लेकिन इसकी पहुंच बहुत सीमित रह गई। वहीं ‘द ट्रेटर्स इंडिया’ का कॉन्सेप्ट दिलचस्प था, मगर यह भी देशभर में चर्चा का हिस्सा नहीं बन पाया। इन सभी शो में कुछ नया था, लेकिन किसी ने भी वह चमक नहीं दिखाई जिसकी वजह से दर्शक कहें कि ‘हां, यही है प्राइम का नया दौर।’
उम्मीद की किरण: ‘दुपहिया’ और ‘ग्राम चिकित्सालय’
इसी दौरान दो शो उम्मीद की किरण बने ‘दुपहिया’ और ‘ग्राम चिकित्सालय’। ‘दुपहिया’ की देसी कॉमेडी और प्यारे किरदार दिल जीत ले गए। ‘ग्राम चिकित्सालय’ ने गांव की समस्याओं को सरल और भावनात्मक अंदाज में दिखाया। दोनों को बहुत प्यार मिला और दोनों के नए सीजन भी बन रहे हैं, लेकिन दो शो से पूरा साल भरना संभव नहीं है। प्लेटफॉर्म को लगातार मजबूत नए शो की जरूरत है।
‘फोर मोर शॉट्स प्लीज’ ग्लैमरस लेकिन थका हुआ फिनाले
अब ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज’ की बात करें तो यह सीरीज 2019 से 2025 तक चली। शुरुआती सीजन सफल थे, लेकिन चौथा सीजन आते आते शो अपना असर खो बैठा। कहानी में दम नहीं रहा, किरदारों में नई ऊर्जा नहीं दिखी और दर्शकों ने साफ कहा कि इसका आखिरी सीजन कमजोर था।
2026 की शुरुआत भी फीकी ‘दलदल’ को मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस साल 2026 में आया ‘दलदल’ भी बड़े स्तर पर नहीं चला। अभिनय और कहानी ठीक थे, लेकिन इसे मिली जुली प्रतिक्रिया मिली। चर्चा हुई जरूर, पर यह बड़ी हिट नहीं बन पाया।
आने वाले शो: क्या इनमें है प्राइम का कमबैक पावर?
इसी बीच प्राइम ने कई आने वाले शो भी घोषित कर रखे हैं। इनमें ‘मटका किंग’ ‘गुलकंडा टेल्स’ ‘बंदवाले’ ‘मा का सम’ ‘डेरिंग पार्टनर्स’ और बड़ा शो ‘द रेवोल्यूशनरीज’ शामिल हैं। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि इन सब में से कौन सा शो प्राइम को फिर वही पहचान दिला पाएगा।
निष्कर्ष: अगर रफ्तार नहीं बढ़ी तो सुनहरा दौर सिर्फ याद बनकर रह जाएगा
कुल मिलाकर बात यही है कि प्राइम वीडियो इंडिया इस समय अपने पुराने हिट्स के सहारे चल रहा है, जबकि नए हिंदी ओरिजिनल्स की रफ्तार बहुत धीमी हो चुकी है। ऑडियंस को लगने लगा है कि प्लेटफॉर्म नए शो देने के बजाय उसी चीज का अगला हिस्सा दे रहा है जो पहले ही चल चुका है। अगर प्राइम ने अपनी गति नहीं बढ़ाई, तो उसका सुनहरा दौर सिर्फ याद बनकर रह जाएगा और प्राइम वीडियो इंडिया ‘पुराने हिट्स वाला प्लेटफॉर्म’ बनकर ही जाना जाएगा।