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राम मंदिर फैसले के बाद अयोध्या में क्या हुआ?: इन फैसलों ने बदली शहर की तस्वीर, आस्था के साथ आधुनिकता का संगम
इवेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 14 Feb 2026 06:59 PM IST
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सार
2019 में सुप्रीम कोर्ट के राम मंदिर पर आए फैसले के बाद अयोध्या का किस तरह से कायाकल्प हुआ है? इस क्षेत्र में किन नई चीजों का उद्घाटन हुआ है? राम नगरी के लिए कौन सी नई योजनाओं को शुरू किया गया है? आइये जानते हैं...
उत्तर प्रदेश सरकार कर रही अयोध्या का कायाकल्प।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बीते कुछ वर्षों में स्थिति तेजी से बदली है। खासकर राम मंदिर पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने भी अयोध्या को एक सांस्कृतिक नगरी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट के राम मंदिर पर आए फैसले के बाद अयोध्या का किस तरह से कायाकल्प हुआ है? इस क्षेत्र में किन नई चीजों का उद्घाटन हुआ है? राम नगरी के लिए कौन सी नई योजनाओं को शुरू किया गया है? आइये जानते हैं...
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ऐसे में यह जानना अहम है कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट के राम मंदिर पर आए फैसले के बाद अयोध्या का किस तरह से कायाकल्प हुआ है? इस क्षेत्र में किन नई चीजों का उद्घाटन हुआ है? राम नगरी के लिए कौन सी नई योजनाओं को शुरू किया गया है? आइये जानते हैं...
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के गौरव को पुनर्जीवित करने के लिए आठ अनूठी अवधारणाओं पर आधारित एक व्यापक विकास योजना तैयार की है। इन अवधारणाओं का उद्देश्य अयोध्या को एक विश्व स्तरीय शहर के रूप में स्थापित करना है।
1. सांस्कृतिक अयोध्या: इसके जरिए अयोध्या को भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत भव्य मठों, मंदिरों और आश्रमों की स्थापना, भव्य सिटी गेट्स का निर्माण और मंदिर संग्रहालय जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
2. सक्षम अयोध्या: अयोध्या को एक आत्मनिर्भर शहर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका लक्ष्य पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
1. सांस्कृतिक अयोध्या: इसके जरिए अयोध्या को भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत भव्य मठों, मंदिरों और आश्रमों की स्थापना, भव्य सिटी गेट्स का निर्माण और मंदिर संग्रहालय जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
2. सक्षम अयोध्या: अयोध्या को एक आत्मनिर्भर शहर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका लक्ष्य पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
3. आधुनिक अयोध्या: इस अवधारणा के तहत शहर को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जा रहा है। साथ ही इसे सोलर सिटी और ग्रीनफील्ड टाउनशिप जैसी पहल के जरिए अलग रूपरेखा दी जा रही है, ताकि निवासियों और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
4. सुगम्य अयोध्या: शहर तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विकास किया गया है, साथ ही अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का पुनर्उद्धार और सरयू नदी में जलमार्ग बढ़ाने जैसे काम किए जा रहे हैं।
5. सुरम्य अयोध्या: अयोध्या को पर्यटन के लिए बेहतर बनाया जा रहा है। इसके तहत पुराने तालाबों, झीलों और प्राचीन जलाशयों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। साथ ही खुले तारों के जाल को हटाकर हेरिटेज लाइटिंग के जरिए शहर को आकर्षक बनाया जा रहा है।
4. सुगम्य अयोध्या: शहर तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विकास किया गया है, साथ ही अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का पुनर्उद्धार और सरयू नदी में जलमार्ग बढ़ाने जैसे काम किए जा रहे हैं।
5. सुरम्य अयोध्या: अयोध्या को पर्यटन के लिए बेहतर बनाया जा रहा है। इसके तहत पुराने तालाबों, झीलों और प्राचीन जलाशयों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। साथ ही खुले तारों के जाल को हटाकर हेरिटेज लाइटिंग के जरिए शहर को आकर्षक बनाया जा रहा है।
6. भावनात्मक अयोध्या: दुनिया भर के श्रद्धालुओं को राम नगरी के दर्शन कराने के लिए शहर की दीवारों, सड़कों और चौराहों पर सांस्कृतिक कलाकृतियों के माध्यम से 'राममय' वातावरण बनाया जा रहा है।
7. स्वच्छ अयोध्या: अयोध्या में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत अयोध्या को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के लक्ष्य के तहत शहर में ड्रेनेज और सीवर प्रणालियों का आधुनिक विकास किया जा रहा है।
8. आयुष्मान अयोध्या: यहां के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज जैसी संस्थाओं की सुविधाएं बेहतर कर के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली और सुविधाजनक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
7. स्वच्छ अयोध्या: अयोध्या में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत अयोध्या को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के लक्ष्य के तहत शहर में ड्रेनेज और सीवर प्रणालियों का आधुनिक विकास किया जा रहा है।
8. आयुष्मान अयोध्या: यहां के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज जैसी संस्थाओं की सुविधाएं बेहतर कर के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली और सुविधाजनक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
कैसे हो रहा अयोध्या का धार्मिक और सांस्कृतिक पुनरुद्धार?
• राम मंदिर और राम दरबार: भव्य मंदिर का निर्माण और मूर्तियों की स्थापना इस पूरी योजना का केंद्र है।• नया घाट से गुप्तार घाट तक विकास: घाटों का विस्तार किया गया है और राम की पैड़ी में जल को स्वच्छ और निरंतर प्रवाहित बनाया गया है।
• संग्रहालय और अतिथि गृह: मंदिर संग्रहालय की स्थापना, माता शबरी सामुदायिक रसोई और निषादराज तीर्थयात्री अतिथि गृह जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं।
• मूर्तियां और मंदिर: महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र और तुलसीदास को समर्पित नए मंदिर और मंदिर परिसर में जटायु की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है।
1. सांस्कृतिक और पहचान का बदलाव
- राम मंदिर और राम दरबार जैसे भव्य मंदिर का निर्माण और मूर्तियों की स्थापना सरकार की पूरी योजना का केंद्र है।
- 2018 में योगी सरकार ने फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया, ताकि इसकी पौराणिक पहचान वापस मिल सके।
- अयोध्या में 'दीपोत्सव' को एक राजकीय उत्सव बनाया गया, जिसने 2024 में 28 लाख से अधिक दीये जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
- यूपी सरकार ने राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण और सुरक्षा के लिए जबरदस्त बुनियादी ढांचा तैयार किया।
- नया घाट से गुप्तार घाट तक विकास किया गया। साथ ही घाटों का विस्तार हुआ और इनके सौंदर्यीकरण पर काम जारी है।
- हरिद्वार की तर्ज पर 'राम की पैड़ी' का सौंदर्यीकरण और सरयू नदी की सफाई पर भी जोर दिया गया है।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
3. पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए क्या नया
- अयोध्या को दुनिया से जोड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण किया गया।
- रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया गया।
- अयोध्या को भारत की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है, जहां सोलर लाइट और सौर ऊर्जा से चलने वाली नावें शामिल हैं।
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राम पथ, भक्ति पथ, जन्मभूमि पथ और धर्म पथ जैसे चौड़े गलियारे बनाए गए।
3. पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए क्या नया
- 2019 के फैसले के बाद 5 वर्षों में लगभग 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या का दौरा किया।
- तीर्थयात्रियों के लिए माता शबरी सामुदायिक रसोई और लग्जरी गेस्ट हाउस (जैसे निषादराज गेस्ट हाउस) बनाए गए।