Fact Check: बांग्लादेश के दो महीने पुराने वीडियो को पश्चिम बंगाल के मालदा हिंसा से जोड़कर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के मालदा में हिंसा के बाद वहां भारतीय सेना पहुंच गई है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
विस्तार
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वोटर लिस्ट की जांच करने गए 7 न्यायिक अधिकारियों को उग्र भीड़ ने 9 घंटे तक बंधक बनाए रखा। बंधक बनाए गए अधिकारियों में तीन महिला भी शामिल थीं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में जवान लोगों को मारते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के मालदा हिंसा के बाद भारतीय सेना वहां पहुंच गई है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो भारत का नहीं बल्कि बांग्लादेश का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मालदा हिंसा के बाद भारतीय सेना वहां पहुंच गई है।
सरपंच मीका गिल (@SarpanchMika) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,” पश्चिम बंगाल के मालदा में भारतीय सेना पहुंच चुकी है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें जमुना टेलीविजन के फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 12 फरवरी 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि ब्राह्मणबारिया में केंद्र पर कब्जा करने का प्रयास, सेना का लाठीचार्ज।
यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया का है।
इसके बाद हमें The News bd के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 12 फरवरी 2026 को साझा किया गया है। वहीं, यहां बताया गया है कि ब्राह्मणबारिया में केंद्र पर कब्जा करने का प्रयास, सेना ने लाठीचार्ज किया और हमलावरों को खदेड़ दिया।
आगे की पड़ताल में हमें दिनाजपुर टीवी के यूट्यूब अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 12 फरवरी 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही बताया गया है कि ब्राह्मणबारिया में, मतदान केंद्र पर कब्जा करने के प्रयास के दौरान सेना ने लाठीचार्ज किया। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया है। सेना की यह कार्रवाई केंद्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास है। कई मतदाताओं ने इस घटना पर असंतोष व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। इस घटना ने चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय मीडिया ने भी इस मुद्दे को उठाया है। यह आगामी चुनावों के लिए एक चेतावनी हो सकती है।
आपको बता दें कि 12 फरवरी को बांग्लादेश में 2024 में हुए तख्तापलट के बाद चुनाव हुए थे।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को बांग्लादेश का पाया है। इस वीडियो का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है।