Fact Check: एआई से बना है भारतीय सेना के वायु रक्षा अधिकारी का इस्तीफा देना का दावा करने वाला वीडियो, पढ़ें सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना के वायु रक्षा अधिकारी अनुराग ठाकुर ने इस्तीफा दिया। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक सेना के जवान कुछ बोलते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना के वायु रक्षा अधिकारी अनुराग ठाकुर ने इस्तीफा दिया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायु रक्षा अधिकारी अनुराग ठाकुर ने इस्तीफा दिया।
अनिल दुसाद नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा,’ ब्रेकिंग भारतीय सेना के वायु रक्षा अधिकारी अनुराग ठाकुर के इस्तीफे की खबर सामने आई है। उन्होंने कहा, ‘हमारी जिंदगियों का कोई मूल्य नहीं है। मैंने अपने 300 साथियों को खो दिया, लेकिन भारतीय सरकार ने उनकी मृत्यु को स्वीकार तक नहीं किया। एक साल में मेरी यूनिट के तीन से अधिक अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया हैऔर आज मैं भी यही फैसला ले रहा हूं।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें समाचार एजेंसी एएनआई के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 22 अप्रैल को साझा की गई है। इस पोस्ट में बताया गया है कि सेना वायु रक्षा के एक नौसेना अधिकारी ने बताया, ‘7 मई (2025) की सुबह हमें खबर मिली कि देश की सशस्त्र सेनाओं ने दुश्मन के आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया है। इसी के साथ ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ। मैंने अपने सेक्शन के सभी जवानों का मनोबल बढ़ाया और वे सभी दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए तैयार थे। 8 मई को मेरे सेक्शन ने दुश्मन के एक ड्रोन को हमारे महत्वपूर्ण ठिकाने की ओर आते देखा। जैसे ही हमें उसे रोकने का आदेश मिला, मेरे सेक्शन के सभी जवानों ने कम से कम गोला-बारूद का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन को मार गिराया। लेकिन दुश्मन अपने नापाक मंसूबों से पीछे नहीं हटा। अगले दिन उसने फिर से 2 ड्रोन भेजे। मेरे सेक्शन के सभी जवानों ने उन दोनों को भी मार गिराया और हमारे महत्वपूर्ण ठिकाने की सुरक्षा सुनिश्चित की। ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि भारतीय सेना और सेना वायु रक्षा के जवान इतने सक्षम हैं कि दुश्मन द्वारा कई ड्रोन भेजे जाने के बावजूद हमारे देश के किसी भी महत्वपूर्ण ठिकाने को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।’
इसके बाद हमें एक्स पर पीआईबी के फैक्ट चेक की पोस्ट मिली। इस पोस्ट में वायरल दावे को झूठा बताया गया है। पोस्ट में लिखा है कि पाकिस्तानी अकाउंट की ओर से एक वीडियो को एडिट कर शेयर किया जा रहा है। जिसमें झूठा दावा किया जा रहा है कि सेना के वायु रक्षा के एक कमीशंड अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया है। क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हताहतों, सेना के भीतर आंतरिक असंतोष और सरकारी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। यह वीडियो एआई से बना डीपफेक है, जिसे गलत सूचना फैलाने के लिए प्रसारित किया जा रहा है। जेसीओ ने इस तरह की कोई टिप्पणी नहीं की है।
आगे की पड़ताल में हमने वायरल वीडियो को एआई डिटेक्टर टूल हाइव पर सर्च किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को 95. 7 फीसदी एआई से बना पाया है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है। इस वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।

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