Fact Check: ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद का पुराना वीडियो इस्राइल-अमेरिका हमले से जोड़कर हो रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मौत नहीं हुई है। वे बाहर घूमते नजर आ रहे हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
विस्तार
इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग जारी है। इस जंग में ईरान के कई प्रमुख लोगों के मारे जाने की खबर भी है। इसमें ईरान के सुप्रीम नेता अली खामेनेई समेत ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के नाम शामिल हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद नजर आ रहे हैंं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति वे बाहर घूमते नजर आए हैं। उनका निधन नहीं हुआ है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू होने से 15 दिन पहले का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद जिंदा हैं। उनके निधन की खबर के बाद वे बाहर घूमते नजर आ रहे हैं।
मुंसिफ टीवी इंडिया नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा, ”अहमदीनेजाद जीवित ईरान के पूर्व राष्ट्रपति ने मौत की अफवाहों का खंडन किया। ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद सार्वजनिक रूप से सामने आए और उन्होंने बम विस्फोट में उनकी मौत की इजरायली खबरों को झूठा साबित कर दिया।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें @mehrefarda नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो से संबंधित कुछ क्लिप देखने को मिली। यह क्लिप 1 मिनट 25 सकेंड से आप देख सकते हैं। वहीं, इस वीडियो को 15 फरवरी 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि डॉ. सैयद हसन मूसावी की माता के अंतिम संस्कार और दफन समारोह में डॉ. अहमदीनेजाद की उपस्थिति।
आगे की पड़ताल में हमें डॉ. अहमदीनेजाद के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो भी 15 फरवरी 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि डॉ. अहमदीनेजाद, राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ रहे डॉ. सैयद हसन मूसावी की माता के अंतिम संस्कार और दफन समारोह में उपस्थित थे।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भ्रामक पाया है। ईरान का अमेरिका और इस्राइल के साथ युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ, जबकि यह वीडियो उससे पहले का है।