Fact Check: एआई से बना है सेना प्रमुख का इस्राइल को ईरानी युद्धपोत के बारे में जानकारी देने वाला वीडियो
Fact Check: सोशल मीडिया पर भारतीय सेना प्रमुख का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो से दावा किया जा रहा है भारत से ईरानी युद्धपोत की जानकारी इस्राइल को दी थी। हमारी पड़ताल में यह दावा झूठा निकला है।
विस्तार
विशाखापट्टनम में नौसैनिक अभ्यास के लिए भारत आया ईरानी नौसैनिकों का जहाज IRIS देना जब वापस जाने के लिए लौटा, तो इस युद्धपोत पर हमला हो गया। अब सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में वे कहते हुए सुनाई दे रहें हैं कि भारत ने ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना की लोकेशन से जुड़ी जानकारी इस्राइल को दी थी।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को झूठा पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह दावा पूरी तरह से गलत है। हमारी जांच में सामने आया कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी के वीडियो से एआई के माध्यम से आवाज को एडिट किया गया है।
क्या है दावा
पाकिस्तान के द्वारा संचालित कुछ अकाउंट इस वीडियो को शेयर करके दावा कर रहे हैं कि भारत ने ईरान के युद्धपोत के बारे में इस्राइल को जानकारी दी थी।
Far (@FARMLIK) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “भारत ने ऑफिशियली माना है कि उसने ईरान को धोखा दिया और इस्राइल के साथ एक ईरानी जहाज़ की लोकेशन शेयर की। इंडियन आर्मी चीफ ने बताया कि कैसे उन्होंने इस्राइलियों को ईरानी नेवी के जहाज़ की सही लोकेशन दी और कैसे उसे टारगेट किया गया, यह एक घिनौनी हरकत थी।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो फर्स्ट पोस्ट पर देखने को मिला। यहां उपेंद्र द्विवेदी का 21 मिनट की बातचीत मौजूद है। इसमें उन्होंने कहीं भी इस्राइल को कोई जानकारी देने के बारे में कुछ भी नहीं कहा था।
आगे हमने इस वीडियो का एआई से बने होने का पता लगाने की कोशिश की। इसके लिए हमने एआई डिटेक्शन टूल हाइव का इस्तेमाल किया। यहां हमें पता चला कि वायरल वीडियो में जनरल का जो बयान सुनाई दे रहा है वह असली नहीं है बल्की एआई से माध्यम से बना हुआ है।
हमें इस मामले में सरकार की नोडल एजेंसी पीआईबी का भी बयान मिला। इस बयान नें बताया गया था कि सावधान! यह एक #AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो है जिसे जनता को गुमराह करने के लिए शेयर किया गया है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि भारतीय सेना प्रमुख का वायरल हो रहा बयान एआई के द्वारा निर्मित है।