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Fact Check: ईरान में प्रदर्शन का पुराना वीडियो इस्राइल में लोगों का विरोध बताकर हो रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Fri, 20 Mar 2026 05:42 PM IST
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सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर सड़क पर प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो को इस्राइल में लोगों का प्रदर्शन बताकर शेयर किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

Fact Check Old Videos of Protests in Iran Being Shared in Connection with Recent Israel Conflict
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो को इस्राइल का बताकर शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक सड़क पर रात के अंधेरे में लोगों की भीड़ नजर आ रही है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इस्राइल में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि वीडियो हालिया तनाव से जुड़ा हुआ नहीं है। जांच में यह भी सामने आया कि वीडियो इस्राइल का नहीं है। यह वीडियो जनवरी का है, जिसमें ईरान के मशहद में सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहा था। 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इस्राइल में लोगों की भारी भीड़ विरोध करते हुए नजर आ रही है। 

मुनीबा नाम के एक फेसबुक अकाउंट ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “युद्ध से जुड़ी एक बहुत बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, जिसे पश्चिमी मुख्यधारा का मीडिया छिपाने की कोशिश कर रहा है: तेल अवीव और पूरे इस्राइल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन फैल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर आग लगा दी है और वे इस समय सरकारी इमारतों की ओर कूच कर रहे हैं। इस्राइल पूरी तरह से अफरा-तफरी की स्थिति में है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो ईरान के मानवाधिकारी के एक्स अकाउंट पर देखने को मिला। इस वीडियो को यहां 30 जनवरी 2026 को प्रकाशित किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था कि मशहद से आए एक वीडियो में सुरक्षा बल सैन्य-श्रेणी के हथियारों से नागरिकों पर गोलीबारी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस फुटेज में कई प्रदर्शनकारी घायल होते हुए भी दिख रहे हैं, जबकि स्थानीय निवासी घायलों की मदद करने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। गुरुवार, 8 जनवरी को इस्लामिक गणराज्य ने पूरे देश में इंटरनेट बंद कर दिया और आम जनता के खिलाफ बड़े पैमाने पर जानलेवा हिंसा की।

आगे हमें एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया हुआ मिला। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया था, “ईरान के मशहद में सरकारी ब्रॉडकास्टिंग बिल्डिंग के सामने आम लोगों पर गोलीबारी। इस्लामिक रिपब्लिक के सिक्योरिटी फ़ोर्स ने बिना हथियार वाले लोगों पर लाइव एम्युनिशन से गोलियां चलाईं, जिसमें कई आम लोग मारे गए और घायल हुए। दुनिया को देखना चाहिए कि क्या हो रहा है।" इस पोस्ट को 28 जनवरी 2026 को शेयर किया गया था। 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को जनवरी में शेयर किया गया था। ईरान अमेरिका और इस्राइल के संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ। वीडियो ईरान का है जबकि इसे इस्राइल का बताकर झूठा दावा किया जा रहा है।   

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