Fact Check: सीरिया में घर टूटने पर रोती महिला के पुराने वीडियो को तेल अवीव का बताकर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, वीडियो में एक महिला टूटी हुई इमारतों के बीच खड़ी होकर रो रही है। वीडियो को इस्राइल की हालिया घटना बताकर शेयर किया जा रहा है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में एक महिला रोते हुए नजर आ रही है। वीडियो में महिला के आसपास टूटी हुई इमारतें दिख रही हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो इस्राइल की राजधानी तेल अवीव का है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में नजर आ रही लड़की बमबारी के कारण अपने घर के क्षतिग्रस्त होने के बाद दुखी है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच में सामने आया कि वीडियो इस्राइल का नहीं बल्कि सीरिया है। साथ ही वीडियो हालिया नहीं बल्की मार्च 2025 का है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इस्राइल के तेल अवीव में एक महिला रोते हुए नजर आ रही है। वह रोते हुए बता रही है कि युद्ध में हो रही बमबारी में उसका घर टूट चुका है।
एमटीक्यू (@55MTQ_) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “तेल अवीव का यह वीडियो देखें: एक महिला अपने घर की स्थिति बताते हुए रो रही है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो युसरा मार्दिनी नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर देखने को मिला। यह वायरल हो रही लड़की का आधिकारिक अकाउंट है। इस वीडयो को यहां 14 मार्च 2025 को शेयर किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “मैं घर आ गई हूं... लेकिन मेरा घर अब खड़ा नहीं है। मैं अपनी भावनाएं आपके साथ बांटना चाहती हूं, क्योंकि यह सिर्फ़ मेरी कहानी नहीं है; यह वह अनुभव है जिससे इस समय कई सीरियाई लोग गुज़र रहे हैं- नुकसान, दर्द और सदमा। यह वही घर है जहां मैं बड़ी हुई, जहां मैंने एक बेहतरीन इंसान बनने के सपने बुने और जहां मैंने अपने पिता के साथ मिलकर पड़ोस में उनकी कार भी धोई थी। हां, मेरा घर अब बस मलबे का ढेर है, लेकिन वे यादें मुझे हमेशा आगे बढ़ने की हिम्मत देती रहेंगी।”
आगे कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने पर हमें peacecomms नाम के एक अकउंट पर भी यह वीडियो देखने को मिला। यहां इस वीडियो को 15 मार्च 2025 को शेयर किया गया था। यहां इस वीडियो को शेयर करके युसरा मार्दिनी के बारे में बताया गया था। उनके बारे में लिखते हुए बताया गया था ““मैं घर आ गई हूँ... लेकिन मेरा घर तो अब रहा ही नहीं?” युसरा मार्दिनी, 27 साल की सीरियाई ओलंपिक तैराक हैं, जिनकी कहानी को Netflix फ़िल्म ‘The Swimmers’ में दिखाया गया था। इस हफ्ते दस साल में पहली बार वे सीरिया वापस लौटीं। साल 2015 में, यूरोप पहुंचने की कोशिश करते समय, युसरा और दूसरे शरणार्थियों को ले जा रही एक छोटी नाव (डिंगी) एजियन सागर में डूबने लगी थी। अपनी बहन, सारा मार्दिनी के साथ मिलकर, वे पानी में कूद गईं और घंटों तक तैरती रहीं; उन्होंने नाव को सुरक्षित किनारे तक पहुँचाया और उसमें सवार लोगों की जान बचाई। जर्मनी में शरण मिलने के बाद, युसरा ने अपने तैराकी करियर को फिर से शुरू किया और 2016 के ओलंपिक खेलों में, और फिर 2020 में, पहली ‘शरणार्थी ओलंपिक टीम’ के हिस्से के तौर पर हिस्सा लिया।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में साफ है कि सीरियाई महिला के पुराने वीडियो को इस्राइल का बताकर शेयर किया जा रहा है।